नई दिल्ली। पेट्रोल-रसोई गैस से लेकर खाने-पीने के जरूरी समानों की आसमान छूती कीमतों ने ऐसा कहर ढाया कि आम आदमी के लिए किचन का बजट संभलाना मुश्किल हो गया है। वहीं, दूसरी आरे अगर सरकारी मुहंगाई के आंकड़े पर नजर डाले तो आपको 'अच्छे दिन' ही नजर आएंगे। ऐसा इसलिए की खुदरा महंगाई बीते 7 साल में 6 से 7 फीसदी के आसपास ही घूम रही है। यानी, महंगाई कंट्रोल में है और इसमें बड़ा इजाफा नहीं हुआ है जैसा साल 2009 से लेकर 2013 के बीच देखने को मिला था, जब खुदरा महंगाई की दर 10 से लेकर 12 फीसदी के पार चली गई थी। लेकिन, क्या हालात वैसे ही अच्छे हैं जैसा सरकारी आंकड़ों में दिखाया जा रहा है। आइए, टटोलते हैं सरकारी आंकड़ों और वास्तविक महंगाई के इस मायावी खेल की हकीकत।
सालाना औसत खुदरा मुद्रास्फीति (सीपीआई)
| साल |
खुदरा महंगाई की दर |
| 2022 |
5.44% |
| 2021 |
4.89% |
| 2020 |
5.58 % |
| 2019 |
7.66 % |
| 2018 |
4.85 % |
| 2017 |
2.49 % |
| 2016 |
4.97 % |
| 2015 |
5.88 % |
| 2014 |
6.37 % |
| 2013 |
10.92 % |
| 2012 |
9.30 % |
| 2011 |
8.87 % |
| 2010 |
12.11 % |
| 2009 |
10.83 % |
जरूरी सामान की कीमतों में बढ़ोतरी (रुपये में)
| आवश्यक वस्तुएं |
01अप्रैल, 2014 |
01अप्रैल, 2022 |
| चावल |
27 |
32 |
| गेहूं का आटा |
18 |
- |
| चना दाल |
49 |
72 |
| अरहर दाल |
74 |
105 |
| उड़द दाल |
70 |
113 |
| मूंग दाल |
94 |
102 |
| मसूर दाल |
66 |
93 |
| चीनी |
36 |
41 |
| दूध |
36 |
50 |
| मूंगफली तेल (पैक) |
158 |
207 |
| सरसों का तेल (पैक) |
102 |
201 |
| वनस्पति (पैक) |
86 |
187 |
| सोया तेल (पैक) |
96 |
181 |
| सूरजमुखी तेल (पैक) |
106 |
198 |
| पाम तेल (पैक) |
- |
128 |
| आलू |
20 |
15 |
| प्याज |
21 |
22 |
| टमाटर |
20 |
20 |
स्रोत: उपभोक्ता मामले विभाग (मूल्य निगरानी प्रभाग)
सालाना आधार पर पेट्रोल-डीजल की कीमत में प्रति लीटर बढ़ोतरी
| साल |
पेट्रोल |
डीजल |
| अप्रैल-13 |
Rs 66.09 |
Rs 48.63 |
| अप्रैल-14 |
Rs 72.26 |
Rs 55.48 |
| अप्रैल-15 |
Rs 60.49 |
Rs 49.71 |
| अप्रैल-16 |
Rs 59.68 |
Rs 48.33 |
| जुलाई-17 |
Rs 63.09 |
Rs 53.33 |
| जुलाई-18 |
Rs 75.55 |
Rs 67.38 |
| जुलाई-19 |
Rs 72.96 |
Rs 66.69 |
| जून-20 |
Rs 79.76 |
Rs 79.88 |
| जुलाई-21 |
Rs 99.86 |
Rs 89.36 |
| अप्रैल-22 |
Rs 103.81 |
Rs 95.07 |
रसोई गैस सिलेंडर ने भी बढ़ाया बोझ
जरूरी सामान की आसमान छूती कीमतों के बीच रसोई गैस सिलेंडर के बढ़े दाम ने भी आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी है। दरअसल, जून 2020 में जहां दिल्ली में 14.2 केजी वाले सिलेंडर के दाम 593 रुपये थे वो अब बढ़कर 949.50 रुपये पहुंच गया है।
इन सभी ने भी मंथली बजट को बिगाड़ा
| मोबाइल रिचार्ज करना महंगा हुआ |
50% |
| बस का किराया बढ़ा |
30% तक |
| टीवी-फ्रिज महंगा |
35% तक |
| मकान की कीमत में बढ़ोतरी |
25% तक |
| घर का किराया बढ़ा |
15% |
कोरोना के चलते आय घटी
कोरोना महामारी के चलते आम लोगों की आय घटी और महंगाई है। एक सर्वे के अनुसार, बीते दो सालों में प्रति व्यक्ति आय पांच हजार तक घटी। वहीं, रहना,खाना से लेकर घूमना महंगा हो गया है। आसमान छूती महंगाई के कारण मांग और खपत में गिरावट दर्ज की गई है। आम लोगों का कहना है कि महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। किचन का जायका बिगाड़कर रख दिया है।
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