केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए मसौदा तैयार किया है। उन्होंने साथ ही पिछली सरकारों पर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर उचित ध्यान नहीं देने का आरोप भी लगाया। मांडविया ने एक कार्यक्रम में कहा कि आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के कई अवसर आए और चले गए, लेकिन देश सही समय पर तैयार नहीं था। श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्पष्ट मसौदे की कमी का जिक्र किया।
विकसित भारत का मसौदा तैयार
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मसौदा तैयार किया है। उन्होंने कहा, ''भारत की आर्थिक वृद्धि की जड़ें हमारी विरासत में होनी चाहिए और इसमें इनोवेशन को भी शामिल करना चाहिए। सिंधु घाटी के व्यापारियों से लेकर आचार्य चाणक्य तक, हमारे पूर्वजों ने आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की नींव रखी और वे सबक आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।''
4 से 118 पहुंची यूनिकॉर्न की संख्या
मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने 'स्टार्टअप इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों के जरिए इस भावना को फिर से जगाया है। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले भारत में सिर्फ चार यूनिकॉर्न थे, आज हमारे पास 118 यूनिकॉर्न हैं। इससे साबित होता है कि प्रतिभा और नवाचार को बढ़ावा देने से हमारी अर्थव्यवस्था बदल सकती है। उन्होंने परंपरा को आधुनिक प्रगति के साथ जोड़ने के महत्व पर भी जोर दिया।
(पीटीआई/भाषा के इनपुट के साथ)
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