पब्लिक सेक्टर की पावर कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने फ्रांस की कंपनी Électricité de France (EDF) के साथ एक समझौता किया है। एनटीपीसी ने भारत में नए परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) प्रोजेक्ट्स को डेवलप करने में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए EDF के साथ एक नॉन-बाइंडिंग समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। एनटीपीसी लिमिटेड ने बुधवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी साझा की है। एनटीपीसी ने बताया कि उन्होंने भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों और विभागों से मंजूरी मिलने के बाद फ्रांस की कंपनी के साथ ये समझौता किया है।
NTPC और EDF के बीच हुए इस समझौते के तहत क्या-क्या शामिल
एनटीपीसी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ये MoU दोनों कंपनियों के लिए सहयोग की व्यवहार्यता और दृष्टिकोण का संयुक्त रूप से आकलन करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करता है। इसमें EDF की EPR तकनीक को समझना और भारतीय जरूरतों के लिए उसकी उपयुक्तता की जांच करना, बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए स्थानीयकरण को अधिकतम करने के मौकों की तलाश करना, आर्थिक और टैरिफ पहलुओं की जांच करना, ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए मानव संसाधन क्षमताओं का विकास करना, संभावित प्रोजेक्ट लोकेशन का मूल्यांकन करना और आपसी सहमति के अनुसार तकनीकी सहायता प्रदान करना शामिल है।
भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी है NTPC
ये पहल स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार करने और भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने की NTPC की रणनीति के अनुरूप है। NTPC, जो भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी है, वर्तमान में 89 GW से ज्यादा की स्थापित क्षमता का संचालन कर रही है, जबकि 32 GW की अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है। कंपनी ने 2032 तक अपनी कुल क्षमता को 149 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त 60 GW क्षमता भी शामिल है। इस लक्ष्य में थर्मल, हाइड्रो, सोलर और विंड पावर प्लांटों का एक संतुलित मिश्रण शामिल है, जो देश को भरोसेमंद, किफायती और टिकाऊ बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
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