भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को डिप्टी गवर्नरों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया, जिसमें नवनियुक्त रोहित जैन को 10 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि सीनियर डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जानकीरमन को 11 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें पर्यवेक्षण, विधि, जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) और निरीक्षण शामिल हैं। पूनम गुप्ता को 6 विभाग सौंपे गए हैं, जिनमें प्रमुख मौद्रिक नीति विभाग भी शामिल है। डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू को 5 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें विनियमन और प्रवर्तन विभाग शामिल हैं। बताते चलें कि आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होते हैं।
टी. रबी शंकर के स्थान पर नियुक्त किए गए रोहित जैन
नवनियुक्त डिप्टी गवर्नर रोहित जैन को 10 विभाग सौंपे गए हैं। इनमें वित्तीय प्रौद्योगिकी, विदेशी मुद्रा और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग शामिल हैं। रोहित जैन ने टी. रबी शंकर का स्थान लिया है, जिनका विस्तारित कार्यकाल पिछले हफ्ते शनिवार को समाप्त हो गया। आरबीआई ने कहा कि समन्वय की जिम्मेदारी जानकीरमन संभालेंगे। रोहित जैन की नियुक्ति 3 साल की अवधि या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए की गई है। जैन इससे पहले आरबीआई के कार्यकारी निदेशक के पद पर थे। उन्हें केंद्रीय बैंक में 34 साल से ज्यादा का व्यापक अनुभव है।
आरबीआई में कई बड़े पदों पर काम कर चुके हैं जैन
भारतीय रिजर्व बैंक के एक बयान के मुताबिक, डिप्टी गवर्नर के रूप में जैन बाह्य निवेश एवं परिचालन, वित्तीय बाजार विनियमन, आंतरिक ऋण प्रबंधन, विदेशी विनिमय, वित्तीय-प्रौद्योगिकी, जोखिम निगरानी, सूचना प्रौद्योगिकी, सरकारी एवं बैंक खाते, कॉरपोरेट रणनीति एवं बजट और राजभाषा विभाग को संभालेंगे। साल 1991 में आरबीआई का हिस्सा बनने वाले जैन गुजरात विश्वविद्यालय से एमबीए (वित्त) और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय से एम. कॉम हैं। अपने लंबे करियर के दौरान जैन ने आरबीआई के पर्यवेक्षण विभाग में मुख्य महाप्रबंधक सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
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