A
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस के चेयरमैन के रूप में तीसरा कार्यकाल मिलना तय! टाटा ट्रस्ट्स ने की सिफारिश, जानें पूरी बात

एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस के चेयरमैन के रूप में तीसरा कार्यकाल मिलना तय! टाटा ट्रस्ट्स ने की सिफारिश, जानें पूरी बात

टाटा ट्रस्ट्स की इस सिफारिश की तारीख और इस पर टाटा संस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। अगर टाटा संस बोर्ड चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को मंज़ूरी देता है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनकी भूमिका क्या होगी।

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन।- India TV Hindi
Image Source : PTI टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन।

टाटा समूह की प्रमुख निवेश होल्डिंग और प्रमोटर कंपनी, टाटा संस के लिए एक बड़े नेतृत्व निर्णय की तैयारी की जा रही है। टाटा संस में 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स ने एन. चंद्रशेखरन को चेयरमैन पद पर तीसरे कार्यकाल के लिए सिफारिश की है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह सिफारिश ऐसे समय में आई है जब टाटा ट्रस्ट्स के भीतर गहरे मतभेद उत्पन्न हो गए हैं। ट्रस्टी बोर्ड में कंपनी के प्रशासन और बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर गहरी असहमति है। मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने पुष्टि की है कि टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के लिए सिफारिश की है, लेकिन अंतिम निर्णय टाटा संस बोर्ड को ही लेना है। इस सिफारिश की तिथि और इस पर टाटा संस द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। टाटा संस से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।

अंदरूनी संघर्ष और अनिश्चितता

  • ट्रस्टी बोर्ड में दरार: टाटा संस के 66% शेयरों के मालिक ट्रस्टी, बोर्ड नियुक्तियों और कंपनी प्रशासन के मुद्दों पर स्पष्ट रूप से बंटे हुए हैं।
  • विवादास्पद मामलों से बचाव: पिछले सप्ताह हुई टाटा ट्रस्ट्स की बोर्ड बैठक में नियमित मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन विवादास्पद मामलों को जानबूझकर टाल दिया गया।
  • कार्यप्रणाली पर आशंका: अंदरूनी संघर्ष और गहरे मतभेदों के कारण $180$ बिलियन के विशाल टाटा समूह और टाटा संस की कार्यप्रणाली पर असर पड़ने की आशंका है।

भविष्य की भूमिका और आयु सीमा का सवाल

अगर टाटा संस बोर्ड चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को मंज़ूरी देता है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उनकी भूमिका क्या होगी। टाटा समूह के नियमों के अनुसार, एक्जीक्यूटिव 65 वर्ष की आयु के बाद अपने पदों से इस्तीफा देते हैं, हालांकि उन्हें 70 वर्ष की आयु तक गैर-कार्यकारी भूमिका में बने रहने की अनुमति होती है। चंद्रशेखरन जल्द ही 65 वर्ष की आयु पूरी करेंगे।

चंद्रशेखरन का कार्यकाल: चुनौतियों से सफलता तक

जनवरी 2017 में चेयरमैन का पदभार संभालने वाले चंद्रशेखरन का पहला कार्यकाल सायरस मिस्त्री की बर्खास्तगी के बाद की लंबी कानूनी लड़ाई में व्यतीत हुआ। उनके नेतृत्व में समूह ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं:

  • विमानन क्षेत्र में सुधार: उन्होंने टाटा समूह के विमानन क्षेत्र को पुनर्जीवित किया और एयर इंडिया का सफल अधिग्रहण किया।
  • डिजिटल विस्तार: उन्होंने तेज़ी से बढ़ते ई-कॉमर्स क्षेत्र का लाभ उठाने के लिए 'टाटा न्युई' (Tata Neu) सुपर ऐप लॉन्च किया।
  • तकनीकी नेतृत्व: उन्होंने भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया और समूह को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य के लिए तैयार किया।

गौरतलब है कि फरवरी 2022 में, टाटा संस बोर्ड ने शेयरधारकों की मंज़ूरी के अधीन, चंद्रशेखरन के दूसरे पांच-वर्षीय कार्यकाल (फरवरी 2027 तक) को मंज़ूरी दी थी। टाटा संस के सबसे बड़े अल्पसंख्यक शेयरधारक, शापूरजी पलोनजी परिवार (18.4% हिस्सेदारी) ने उस मतदान में भाग नहीं लिया था।

Latest Business News