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अमेरिका ने रूसी तेल पर लगाए प्रतिबंधों में 17 जून तक बढ़ाई छूट, भारत ने कल ही स्पष्ट कर दिए थे अपने इरादे

भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। भारत ने साफ कर दिया है कि वो अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।

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Image Source : AFP सांकेतिक तस्वीर

अमेरिका ने समुद्री परिवहन वाले रूसी तेल पर प्रतिबंधों से दी गई छूट की अवधि को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी गई। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को एक आदेश जारी कर 17 अप्रैल या उससे पहले समुद्र में फंसे रूसी तेल पर पाबंदियों से छूट को 17 जून तक बढ़ा दिया है। वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ''18 मई 2026 से प्रभावी, सामान्य लाइसेंस संख्या 134B, जो 17 अप्रैल, 2026 को जारी किया गया था और 16 मई, 2026 को समाप्त हो गया था, को इस सामान्य लाइसेंस संख्या 134C द्वारा पूरी तरह से प्रतिस्थापित और निरस्त कर दिया गया है।'' 

अप्रैल में भी एक महीने के लिए बढ़ाई गई थी छूट

इससे पहले, अमेरिका ने 5 मार्च से एक महीने के लिए रूसी तेल खरीदने के लिए भारत को प्रतिबंधों से छूट दी थी। कुछ दिनों बाद, इसी तरह की छूट कई अन्य देशों को भी दी गई, जिसकी अवधि 11 अप्रैल को समाप्त हुई। रूसी तेल की खरीद पर लगे प्रतिबंधों से भारत और अन्य देशों को छूट देने वाले सामान्य लाइसेंस को 17 अप्रैल को एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। सोमवार को अमेरिका द्वारा जारी किए गए सामान्य लाइसेंस में ईरान, उत्तर कोरिया, क्यूबा या यूक्रेन के कुछ हिस्सों में स्थित किसी व्यक्ति, संस्था या संयुक्त उद्यम से जुड़े किसी भी लेनदेन को अधिकृत नहीं किया गया है।

भारत ने स्पष्ट कर दिए हैं अपने इरादे

इसी बीच, भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। भारत ने साफ कर दिया है कि वो अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली छूट खत्म होने के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखी है। सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत का फैसला पूरी तरह व्यावसायिक जरूरतों पर आधारित है और तेल खरीद पर किसी बाहरी दबाव का असर नहीं पड़ेगा। इस बयान के बाद साफ संकेत मिल गया है कि भारत ऊर्जा सुरक्षा के मामले में स्वतंत्र नीति अपनाने के मूड में है।

रूस से व्यापार बंद करने का दबाव बना रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा कि भारत की रूसी तेल खरीद कभी अमेरिकी छूट पर निर्भर नहीं रही। उन्होंने कहा कि तेल खरीद का फैसला पूरी तरह यानी व्यापारिक फायदे और जरूरतों के आधार पर लिया जाता है। उन्होंने ये भी कहा कि बाजार में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और भारतीय रिफाइनरियां पूरी तरह तैयार हैं। बताते चलें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दूसरे देशों पर रूस से किसी भी तरह का व्यापार न करने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि, भारत ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बावजूद रूस के साथ व्यापार जारी रखने का इरादा स्पष्ट कर दिया है।

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