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HDFC Bank में चल क्या रहा है, पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक से क्यों दिया इस्तीफा

अतनु चक्रवर्ती ने कहा कि इससे प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने याद दिलाया कि लोग सलाह लेने के लिए बैंक आते हैं, इसलिए ये सुनिश्चित करने के लिए कि गलत बिक्री न हो, क्षतिपूर्ति देने की गतिविधियां मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए।

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Image Source : PTI दुबई में बैंक के खिलाफ हुई थी कार्रवाई

एचडीएफसी बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने सोमवार को कहा कि AT-1 बॉन्ड की गलत बिक्री और देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक के खराब प्रदर्शन के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया था। AT-1 (एडिशनल टियर-1) बॉन्ड के कारण बैंक पर नियामकों ने सवाल उठाए थे। चक्रवर्ती ने कहा कि मैनेजमेंट के साथ व्यक्तिगत मतभेद 'बढ़ा-चढ़ाकर' बताए गए हैं और इस महीने की शुरुआत में दिए गए इस्तीफे का कारण ये बिल्कुल भी नहीं था। उन्होंने कहा कि मूल्यों और नैतिकता में 'अंतर' के कारण ही उन्होंने बैंक के निदेशक मंडल से इस्तीफा दिया।

लोग सलाह लेने के लिए बैंक आते हैं

सीएनबीसी टीवी-18 के साथ बातचीत में, अतनु चक्रवर्ती ने खेद व्यक्त किया कि बैंक मैनेजमेंट द्वारा AT-1 बॉन्ड की गलत जानकारी देकर की गई बिक्री को 'तकनीकी मुद्दा' माना गया और इस मामले में कार्रवाई 8 साल बाद हुई, जबकि दुबई और भारत के नियामकों ने पहले ही इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि (गलत बिक्री से उत्पन्न) इस तरह की गतिविधियों संबंधी मुद्दे नहीं उठने चाहिए। कड़ी निगरानी से ये सुनिश्चित होना चाहिए कि अगर वे उठते भी हैं, तो उन्हें शुरुआत में ही रोक दिया जाए।'' चक्रवर्ती ने कहा कि इस तरह की चीजों से प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने याद दिलाया कि लोग सलाह लेने के लिए बैंक आते हैं, इसलिए ये सुनिश्चित करने के लिए कि गलत बिक्री न हो, क्षतिपूर्ति देने की गतिविधियां मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए।

दुबई में बैंक के खिलाफ हुई थी कार्रवाई

अतनु चक्रवर्ती ने कहा, ''प्रोत्साहन संरचनाएं, प्रबंधन और बोर्ड को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि वे जमाकर्ताओं, शेयरधारकों और आम जनता के हितों के अनुरूप काम करते हैं।'' बताते चलें कि पिछले साल सितंबर में, दुबई के अधिकारियों ने एचडीएफसी बैंक को दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर स्थित अपनी ब्रांच में नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। ये रोक क्रेडिट सुइस के एडिशनल टियर-1 बॉन्ड की कथित गलत बिक्री के लिए जुर्माने रूप में लगाई गई थी। इस बॉन्ड को 2023 में बट्टे खाते में डाल दिया गया था। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में मूल्यों और नैतिकता को उन कारकों में शामिल किया, जिन्होंने कार्यकाल खत्म होने से एक साल पहले पद छोड़ने के उनके फैसले को प्रभावित किया।

इस्तीफा देने की प्रमुख वजहों में बैंक का खराब प्रदर्शन भी शामिल

पूर्व चेयरमैन ने ये भी कहा कि बैंक के 'कमतर प्रदर्शन' के कारण ये फैसला लिया गया। इसमें शेयर की कीमतों का कम रहना, सस्ते चालू और बचत खाता जमाओं की कम हिस्सेदारी और उच्च लागत-आय अनुपात शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड का बैंक में विलय करने का इन कारकों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि बैंक के बेहतर प्रदर्शन को सुनिश्चित करना उनके जैसे स्वतंत्र निदेशकों का कर्तव्य है। चक्रवर्ती ने ये बात पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा स्वतंत्र निदेशकों को जिम्मेदारी से काम करने और परोक्ष रूप से कोई बात नहीं करने का संकेत देने की सलाह के कुछ दिनों बाद कही है।

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