टाटा ग्रुप की मेटल कंपनी टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए। टाटा स्टील ने बताया कि इस दौरान उनका एकीकृत मुनाफा दोगुना से भी ज्यादा होकर 2,965 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बताया कि मुख्य रूप से भारत में परिचालन राजस्व बढ़ने से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में उन्हें 1,201 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान, कंपनी की कुल आय बढ़कर 63,518.60 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 56,679.11 करोड़ रुपये थी।
वित्त वर्ष 2025-26 में 3 गुना से ज्यादा बढ़ा कंपनी का मुनाफा
टाटा स्टील ने बताया कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में, कंपनी ने 10,885.82 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 3,173.78 करोड़ रुपये से 3 गुना से भी ज्यादा है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय बढ़कर 2,33,541.72 करोड़ रुपये हो गई. जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,20,083.04 करोड़ रुपये थी। कंपनी के शानदार वित्तीय नतीजों को ध्यान में रखते हुए टाटा स्टील के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपने शेयरहोल्डरों के लिए डिविडेंड की सिफारिश की है। बताते चलें कि शुक्रवार को कारोबार के दौरान टाटा स्टील के शेयर बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
टाटा स्टील ने डिविडेंड के लिए फिक्स किया रिकॉर्ड डेट
एक एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा स्टील ने बताया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 4 रुपये (400 प्रतिशत) के डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि, 2 जुलाई को होने वाली कंपनी की AGM में शेयरहोल्डरों की सहमति मिलना बाकी है। शेयरहोल्डरों की सहमति मिलने पर 6 जुलाई या इसके बाद डिविडेंड के पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। टाटा स्टील ने शेयर बाजारों को दी सूचना में बताया कि इस डिविडेंड के लिए शुक्रवार, 12 जून को रिकॉर्ड डेट फिक्स किया गया है। 12 जून को टाटा स्टील के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। बताते चलें कि रिकॉर्ड डेट वाले दिन खरीदे जाने वाले नए शेयरों पर डिविडेंड का लाभ नहीं मिलता है।
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