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Hindi News पैसा बाजार शेयर बाजार में ब्लडबाथ, ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स 2000 अंकों से ज्यादा लुढ़का, निफ्टी भी ध्वस्त, ये स्टॉक्स टूटे

शेयर बाजार में ब्लडबाथ, ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स 2000 अंकों से ज्यादा लुढ़का, निफ्टी भी ध्वस्त, ये स्टॉक्स टूटे

घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों को भारी नुकसान होने की आशंका है। क्रूड ऑयल में भी आज जबरदस्त उबाल है, जिसका असर बाजार पर देखा जा रहा है।

शुरुआती सत्र में निफ्टी भी 618.85 अंक फिसल गया।- India TV Paisa Image Source : PIXABAY शुरुआती सत्र में निफ्टी भी 618.85 अंक फिसल गया।

मीडिल ईस्ट के टेंशन के परवान चढ़ने का असर सोमवार को घरेलू शेयर बाजार पर देखा गया। बीएसई सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर एक समय 2081.23 अंक की जोरदार गिरावट के साथ 74,837.67 के लेवल पर कारोबार करता दिखा। इसी समय, एनएसई का निफ्टी भी 618.85 अंक फिसलकर 23,831.00 अंक के लेवल पर फिसल गया। सोमवार को निफ्टी में बड़ी कंपनियों के शेयर लुढ़क गए। शुरुआती सत्र के दौरान श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, एल एंड टी और अडानी पोर्ट्स निफ्टी के प्रमुख लूजर स्टॉक्स रहे, जबकि ओएनजीसी और कोल इंडिया के शेयरों में बढ़त देखने को मिली। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें पीएसयू बैंक इंडेक्स लगभग 4 प्रतिशत गिर गया। वहीं, निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।

Image Source : BSEसोमवार को बीएसई सेंसेक्स में शामिल कंपनियों का शुरुआती सत्र में प्रदर्शन।

इन प्रमुख वजहों से बाजार में हाहाकार

ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और वैश्विक आपूर्ति जोखिम बढ़ गया है, जिससे निवेशकों में डर बना हुआ है। बढ़ती अनिश्चितता और वैश्विक जोखिम की वजह से निवेशक इक्विटी से पैसे निकाल रहे हैं। यह गिरावट रुपया कमजोर होने और बढ़ती तेल आयात लागत के डर से भी प्रेरित है।

रुपये में 46 पैसे की गिरावट 

सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे की गिरावट के साथ 92.28 के अपने ऑल-टाइम इंट्रा-डे निचले स्तर के निकट पहुंच गया। यह गिरावट मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के कारण हुई, जहां ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ीं और अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, US-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध के तेज होने से फ्यूचर्स ट्रेडिंग में ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भारी उछाल आया और यह लगभग 25-26% की बढ़ोतरी के साथ 116.5 USD प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। इससे ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा बड़े पैमाने पर पूंजी निकासी (आउटफ्लो) और घरेलू शेयर बाजार में सुबह के सत्र में देखी गई गिरावट ने भी रुपए पर अतिरिक्त दबाव डाला। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 92.22 पर खुला और फिर गिरकर 92.28 तक पहुंच गया, जो पिछले सत्र के बंद भाव से 46 पैसे कम है। बता दें, 4 मार्च को रुपया दिन के कारोबार में 92.35 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका था। शुक्रवार को रुपया 18 पैसे की कमजोरी के साथ 91.82 पर बंद हुआ था।

Image Source : NSEसोमवार को शुरुआती सत्र के दौरान एनएसई निफ्टी में शामिल कंपनियों का प्रदर्शन।

वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट 

वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। टोक्यो समयानुसार सुबह 10:50 बजे तक के अपडेट के अनुसार S&P 500 फ्यूचर्स में 2.2% की गिरावट आई है। निक्केई 225 फ्यूचर्स (OSE) में 7.4% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 5.8% नीचे आया है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 4.3% गिरा है। हांगकांग का हैंग सेंग 2.9% नीचे है। शंघाई कम्पोजिट में 1.3% की गिरावट आई है। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 2.8% फिसल गए हैं।

यह गिरावट मुख्य रूप से मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष (विशेषकर ईरान से जुड़े तनाव) और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ($100 प्रति बैरल के ऊपर) के कारण देखी जा रही है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति और आर्थिक दबाव का डर बढ़ गया है।

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