टाटा ग्रुप की एनबीएफसी टाटा इंवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ने सोमवार को पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित करने के साथ ही स्टॉक स्प्लिट का बड़ा ऐलान किया है। टाटा इंवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वे अपने एक शेयर को 10 टुकड़ों में बांटने जा रही है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले एक इक्विटी शेयर को 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले 10 फुली पेड इक्विटी शेयरों में सब-डिविजन को मंजूरी दे दी है।
रिटेल इंवेस्टर्स के लिए शेयरों को ज्यादा किफायती बनाना उद्देश्य
इस स्टॉक स्प्लिट का उद्देश्य कंपनी के शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ाना और रिटेल इंवेस्टर्स के लिए इक्विटी शेयरों को ज्यादा किफायती बनाना है। हालांकि, इस स्टॉक स्प्लिट के लिए कंपनी के शेयरहोल्डरों की मंजूरी मिलना बाकी है। शेयरहोल्डरों से मंजूरी प्राप्त होने के बाद कंपनी शेयरों के सब-डिविजन के लिए अलग से रिकॉर्ड डेट की घोषणा करेगी।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 11.6 प्रतिशत बढ़ा कंपनी का नेट प्रॉफिट
टाटा इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून तिमाही) के नतीजे भी जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 11.6 प्रतिशत बढ़कर 146.3 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 131.07 करोड़ रुपये था। टाटा इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (TICL) ने सोमवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि पहली तिमाही में उसका ऑपरेशनल इनकम 145.46 करोड़ रुपये रहा, जो बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 142.46 करोड़ रुपये था।
टाटा इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के डिविडेंड इनकम में भी बढ़ोतरी
कंपनी ने बताया कि उनका कुल खर्च मामूली रूप से बढ़कर 12.15 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में ये 11.77 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का डिविडेंड इनकम सालाना आधार पर 84.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 89.16 करोड़ रुपये हो गया। टाटा इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड एक व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मध्यम स्तर की एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
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