Story Highlights कई बार हम जानकारी के अभाव टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त वे टैक्स छूट क्लेम नहीं करते जिनका हम फायदा उठा सकते हैं। हम अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एजुकेशन लोन लेते हैं, इनकमट टैक्स कानून के तहत आप इसपर भी टैक्स छूट ले सकते हैं। यदि आप पिता के मकान में जॉइंट फैमिली के रूप में रह रहे हैं तो आप पिता को दिए गए किराए की राशि दिखाकर भी टैक्स छूट ले सकते हैं। यदि आप पॉलिटिकल पार्टी को चंदा देते हैं या फिर पैसे दान करते हैं तो भी आप आयकर कानून के तहत छूट पाने के अधिकारी हैं।नई दिल्ली। जुलाई में सभी टैक्स पेयर्स की टेंशन अपने चरम पर होगी। टैक्स रिटर्न फाइल करने से पहले सभी करदाताओं के पास ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचाने का मौका होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बहुत से करदाता जानकारी के अभाव में सभी प्रकार की टैक्स छूट का फायदा नहीं ले पाते। इसके चलते उन्हें रिटर्न फाइल करते वक्त अतिरिक्त टैक्स भी अदा करना पड़ जाता है। इंडिया टीवी पैसा आपको इस टेंशन से न केवल बाहर निकालेगा बल्कि आपको बताएगा कि और किन तरीकों से आप अलग से टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं।Income Tax Return फाइल करना हुआ और आसान, इस्तेमाल कीजिए इन पांच एप्स का एजुकेशन लोन के ब्याज पर मिलेगी छूटअपने बच्चों को महंगी शिक्षा हासिल कराने के लिए हम एजुकेशन लोन लेते हैं। आपको इसका ब्याज भारी लगता होगा। लेकिन यही ब्याज आपका टैक्स भी बचा सकता है। इनकम टैक्स कानून के मुताबिक यदि आप उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन लेते हैं तो इसकी ब्याज अदायगी पर आपको टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलेगा। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80ई के तहत इस डिडक्शन का लाभ आप स्वयं, अपनी पत्नी या पति और अपने बच्चों की खातिर लिए गए एजुकेशन लोन पर ले सकते हैं। आप इस प्रावधान का लाभ लगातार 8 साल तक ले सकते हैं। इसके तहत आप जितना भी ब्याज देते हैं, उस पूरी राशि पर टैक्स से छूट मिलती है।Income Tax रिटर्न फाइल करते समय साथ रखें ये अहम कागजात, नहीं होगी रिफंड में कोई परेशानीपैरेंट्स को किराया देकर पा सकते हैं टैक्स छूटयदि आप 80 सी और डी के तहत टैक्स छूट की सीमा को पार कर चुके हैं तो आपके माता पिता भी आपके मददगार बन सकते हैं। यदि आप अपने माता पिता के साथ अपने ही घर में रहते हैं। तो आयकर कानून के मुताबिक आप आप उनको किराया देकर हाउसिंग रेंट एलाउंस एक्जेम्पशन का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए जरूरी यह है कि जिस प्रॉपर्टी में आप रह रहे हैं, वह आपके माता-पिता के नाम से ही रजिस्टर्ड हो। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने माता-पिता के साथ एक रेंट एग्रीमेंट कर लें और हर महीने रेंट अदा करें। बेहतर यह होगा कि आप चेक के माध्यम से रेंट अदा करें।पॉलिटिकल पार्टी के बनें मददगारअगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपकी पसंदीदा पार्टी भी आपकी मददगार बन सकती है। कानून के मुताबिक किसी राजनीतिक दल को दिए गए दान पर भी आप टैक्स से छूट हासिल कर सकते हैं। इसके लिए कोई ऊपरी सीमा नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 जीजीसी के अनुसार इस छूट का दावा तभी किया जा सकता है, जब आपने यह पैसा पार्टी के फंड में दिया हो, किसी व्यक्ति को नहीं।विकलांगता पर भी मिलती है टैक्स छूटइनकम टैक्स कानून फिजिकली डिसएबल पर्सन को भी टैक्स छूट हासिल करने का मौका देता है। कानून के मुताबिक विकलांग व्यक्ति सामान्य टैक्स छूट के अलावा 1 लाख रुपए के टैक्स डिडक्शन का हकदार है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि वह व्यक्ति न्यूनतम 80 फीसदी तक विकलांग हो। इसके अलावा यदि यह अक्षमता 0 फीसदी से अधिक हो, तो ऐसी स्थिति में उसे 50,000 रुपए का टैक्स डिडक्शन मिलता है। टैक्स डिपार्टमेंट ने इन अक्षमताओं की जो सूची बना रखी है, उसमें कुष्ठ रोग (लेप्रोसी), ब्लाइंडनेस, हेयरिंग डिसएबिलिटी और मेंटल इलनेस आदि शामिल हैं।