राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चाकू की नोक पर लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि लूट की कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत थी और इसे खुद परिवादिया महिला ने ही रचा था। महिला ने अपने परिजनों को गुमराह करने के लिए लूट का नाटक किया था, ताकि जेवरात बेचकर अलग से प्लॉट खरीदा जा सके।
चाकू की नोक पर लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई
मुकुंदगढ़ थाना पुलिस के अनुसार, 19 जनवरी को रुकसार पत्नी वसीम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि दोपहर करीब 1 बजे उसके घर तीन महिलाएं और एक पुरुष आए और आंखों में स्प्रे डालकर व चाकू की नोक पर करीब 10 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण और 25 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। इस दौरान वह बेसुध हो गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, पड़ोसियों से पूछताछ की और तकनीकी अनुसंधान किया। लेकिन जांच के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता के कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले।
कहां छिपा रखे थे जेवरात और नकदी?
इसी दौरान परिवादिया रुकसार के बयान बार-बार बदलते नजर आए, जिससे पुलिस का शक और गहराता गया। गहन पूछताछ करने पर आखिरकार महिला टूट गई और उसने स्वीकार किया कि लूट की पूरी कहानी झूठी थी। महिला ने बताया कि उसने अपने सभी जेवरात और नकदी घर में ही पलंग के अंदर छिपा रखे थे।
पुलिस ने महिला की निशानदेही पर सभी सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद कर ली है। पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि वह अपने परिजनों को बिना बताए जेवरात बेचकर अलग से एक प्लॉट खरीदना चाहती थी, इसी उद्देश्य से उसने लूट की फर्जी वारदात रची। फिलहाल, पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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