नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक में अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत राम फूल मीणा ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन पर जातिसूचक गाली-गलौज, धार्मिक अपमान और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित कर्मचारी के अनुसार, 13 जनवरी को डॉ. रियाजुद्दीन ने उनके कार्यालय में आकर बिना किसी कारण जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई। राम फूल मीणा ने उसी दिन विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायत दी, लेकिन आरोप है कि दो दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारी के साथ मारपीट
पीड़ित का कहना है कि शिकायत की जानकारी आरोपी प्रोफेसर को मिल गई, जिसके बाद 16 जनवरी को डॉ. रियाजुद्दीन दोबारा उनके कार्यालय पहुंचे और फिर से भद्दी जातिसूचक गालियां देते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्द कहे। विरोध करने पर उन्होंने कर्मचारी के साथ मारपीट की, जिससे उनके होंठ से खून निकलने लगा और आंख के नीचे सूजन आ गई। घायल कर्मचारी को जामिया के अंसारी हेल्थ सेंटर में प्राथमिक उपचार कराना पड़ा।
जामिया नगर थाने में FIR दर्ज
घटना के बाद पीड़ित ने उसी शाम रजिस्ट्रार कार्यालय में प्राचार्य के साथ जाकर शिकायत दी। हालांकि, बाद में उनका दूसरे विभाग में स्थानांतरण कर दिया गया। रामफूल की शिकायत पर जामिया नगर थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक,मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मेडिकल रिपोर्ट, शिकायत पत्र, गवाहों के बयान और विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राम फूल मीणा की शिकायत पर जामिया नगर थाने में एफआईआर संख्या 33/26 दर्ज की गई है। यह मामला SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 की धारा 3(1)(r) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
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