जयपुर: राजस्थान में भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने RAS अधिकारी और करौली जिले में तैनात एसडीएम काजल मीणा को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद की गई है। सरकारी आदेश के मुताबिक, काजल मीणा को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत गिरफ्तारी की तारीख 16 अप्रैल से ही निलंबित माना गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय कार्मिक विभाग, जयपुर रहेगा।
60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत करौली जिले के नादौती कस्बे में एक भूमि विवाद से जुड़ी अंतिम डिक्री जारी करने के बदले ली जा रही थी। ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसे बाद में घटाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। शिकायत मिलने के बाद ACB ने सत्यापन कर सवाईमाधोपुर से टीम भेजी और जाल बिछाकर कार्रवाई की।
एक बैग में अलग से रखे मिले 4 लाख रुपये
इस दौरान SDM के लिए 50 हजार रुपये और रीडर के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए तीनों को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने आरोपियों के पास से एक बैग में रखे 4 लाख रुपये भी बरामद किए, जिन्हें संदिग्ध मानते हुए जांच की जा रही है। ACB ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। काजल मीणा RAS के 2024 बैच की अधिकारी हैं और अनुसूचित जनजाति वर्ग की वरीयता सूची में टॉपर रही हैं। इससे पहले वह टोंक में सहायक कलेक्टर (प्रशिक्षु) के रूप में कार्यरत रह चुकी हैं।