15 February 2026 Ka Panchang: रविवार को रखा जाएगा महाशिवरात्रि का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
15 February 2026 Ka Panchang: आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 15 फरवरी 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है। साथ ही जानें रविवार का राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
15 February 2026 Ka Panchang: 15 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और रविवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि रविवार शाम 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। 15 फरवरी को देर रात 2 बजकर 47 मिनट तक व्यतिपात योग रहेगा। साथ ही रविवार शाम 7 बजकर 48 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 15 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
15 फरवरी 2026 का शुभ मुहूर्त
- फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 15 फरवरी 2026 को शाम 5 बजकर 5 मिनट तक
- व्यतिपात योग- 15 फरवरी 2026 को देर रात 2 बजकर 47 मिनट तक
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र- 15 फरवरी 2026 को शाम 7 बजकर 48 मिनट तक
- 15 फरवरी 2026 का व्रत-त्यौहार- महाशिवरात्रि व्रत
राहुकाल का समय
- दिल्ली- शाम 04:47 - 06:11 PM
- मुंबई- शाम 05:12 - 06:38 PM
- चंडीगढ़- शाम 04:46 - 06:10 PM
- लखनऊ- शाम 04:34 - 05:58 PM
- भोपाल- शाम 04:50 - 06:16 PM
- कोलकाता- शाम 04:07 - 05:33 PM
- अहमदाबाद- शाम 05:09 - 06:35 PM
- चेन्नई- शाम 04:46 - 06:14 PM
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 6:59 am
- सूर्यास्त- शाम 6:11 pm
महाशिवरात्रि व्रत 2026
त्रयोदशी तिथि रविवार शाम 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगी। उसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। वैसे तो चतुर्दशी तिथि कल शाम 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगी, लेकिन शिवरात्रि में रात के समय चतुर्दशी तिथि का अधिक महत्व है। क्योंकि शिवरात्रि का अर्थ ही है शिव की रात्रि और आज के दिन चतुर्दशी तिथि पूरी रात रहेगी। लिहाजा महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को ही किया जाएगा। शास्त्रों में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती है। महाशिवरात्रि के दिन विशिष्ट सिद्धियों की प्राप्ति के लिए बहुत से लोग महानिशीथ काल में भगवान शिव की पूजा करने के इच्छुक होते हैं तो उन लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि महानिशीथ काल रविवार रात 11 बजकर 47 मिनट से रात 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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