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छठ पूजा में भूल से टूट जाए निर्जला उपवास, तो क्या करें? पूजा के नियमों के अनुसार ऐसे करें प्रायश्चित, नहीं लगेगा कोई दोष

Chhath Vrat Rules: अगर आपसे भूलवश छठ पूजा का निर्जला व्रत बीच में ही टूट जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। धर्मशास्त्रों में प्रायश्चित का तरीका बताया गया है। छठी मैया दयालु हैं, गलती अनजाने में हो जाए, तो मां से क्षमा मांगी जा सकती है। जानिए कैसे ले दोबारा व्रत का संकल्प

Chhat puja 2025- India TV Hindi
Image Source : PEXELS छठ पूजा में व्रत टूट जाए तो क्या करें

Chhathi Maiya Puja Prayaschit niyam: छठ पूजा लोकआस्था और सूर्य उपासना का सबसे बड़ा पर्व है। यह खास तौर पर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। चार दिन तक चलने वाला यह नहाय-खाय से शुरू होकर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होता है। इस दौरान व्रती 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखकर सूर्यदेव और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

लेकिन कई बार सेहत, कमजोरी या किसी और कारण से व्रत अधूरा रह जाता है, ऐसे में लोगों के मन में डर होता है कि क्या छठी मैया नाराज होंगी? चलिए जानते हैं कि पूजा के नियमों के अनुसार किसी कारणवश व्रत टूटने पर किस तरह से प्रायश्चित किया जाए, ताकि इसका आप पर कोई दोष न लगे।  

सूर्य देव और छठी मैया की आराधना

छठ महापर्व में छठी मैया की पूजा के साथ ही सूर्य देव की भी उपासना की जाती है। इस पर्व को सूर्य की आराधना का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं और चौथे दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। यह पर्व शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि के साथ सूर्य की दिव्य ऊर्जा को ग्रहण करने का माध्यम है। इस दौरान भक्त सूर्यास्त और सूर्योदय दोनों समय अर्घ्य दिया जाता है।

36 घंटे का कठिन व्रत

चार दिवसीय छठ पूजा महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन उपवास, तीसरे दिन निर्जला उपवास और चौथे दिन पारण होता है। यह 36 घंटे का कठिन व्रत मन, शरीर और आत्मा को तपाकर शुद्ध करता है। लेकिन अगर किसी मजबूरी, बीमारी या कमजोरी की वजह से व्रत अधूरा रह जाए, तो इसे लेकर डरने होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आप छठी माई से क्षमा याचना करके दोबारा व्रत का संकल्प ले सकते हैं। इसके लिए धर्मशास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं। 

व्रत टूटने पर क्या करें

धर्मशास्त्रों में बताया गया है 36 घंटे का निर्जला व्रत अगर टूट जाए तो क्या करें? ऐसी स्थिति में प्रायश्चित का तरीका अपनाना चाहिए। सबसे पहले स्नान करें, शांत मन से छठी मैया के सामने दीप जलाएं और क्षमा प्रार्थना करें। इसके बात मन में कहें, "हे छठी मैया, मुझसे अनजाने में गलती हुई है, कृपा करें और मुझे क्षमा करें।" इसके बाद किसी पंडित या बुजुर्ग से सलाह लेकर दान करना भी शुभ माना गया है।

छठी मैया कभी नहीं होतीं नाराज

छठी मैया को मां का स्वरूप माना गया है। मां अपने बच्चों पर कभी नाराज नहीं होतीं। वह अपने भक्तों की ममता से रक्षा करती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। अगर व्रत अधूरा रह जाए, तो अगले दिन पुनः संकल्प लेकर व्रत शुरू किया जा सकता है। मैया की कृपा से भक्त का भाव ही पूजा का असली फल देता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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