Kurma Jayanti 2025: 12 मई को मनाई जाएगी कूर्म जयंती, इस दिन घर में स्थापित करें यह यंत्र, मिलेंगे कई लाभ
Kurma Jayanti 2025: वैशाख पूर्णिमा के दिन कूर्म जयंती मनाई जाती है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था।

Kurma Jayanti 2025: 12 मई को कूर्म जयंती मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था, इसलिए इस दिन कूर्म जयंती मनाई जाती है। कूर्म यानि कछुआ भगवान विष्णु का दूसरा अवतार है। आपको बता दें कि समुद्र मंथन के दौरान देवताओं की सहायता के लिए और मंदरांचल पर्वत को डूबने से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार लिया था, जिसकी पीठ का घेरा एक लाख योजन का था। समुद्र मंथन के दौरान ही श्री विष्णु ने कूर्म सहित अपना दिव्य पुरुष रूप दिखाया था। अतः आज का दिन बड़ा ही विशेष है। किसी तरह के निर्माण संबंधी कार्य के लिए यह दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। साथ ही भूमि पूजन और वास्तु संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भी आज कूर्म जयंती का दिन उत्तम है।
कूर्म यंत्र का महत्व
पंद्रह अंकों वाले कूर्म यंत्र को घर में स्थापित करने से वास्तु संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। साथ ही कार्यों में भी सफलता मिलती है और घर की सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। आप चाहें तो इस कूर्म यंत्र को तांबे की धातु पर बनवा सकते हैं या फिर स्वयं भोजपत्र पर अनार की कलम से अष्टगंध के द्वारा इस यंत्र का निर्माण कर सकते हैं। अगर आपके पास भोजपत्र आदि चीजें उपलब्ध न हो, तो आप एक सफेद कोरे कागज पर लाल पेन से यंत्र बना सकते हैं।
कूर्म यंत्र बनाने की विधि
पंद्रह का यंत्र बनाने के लिए सबसे पहले आपको भोजपत्र पर अनार की कलम से या फिर सफेद कोरे कागज पर लाल पेन से एक वर्गाकार आकृति बनानी है और उस वर्गाकार आकृति में 9 खाने बनाने हैं। इस तरह कुल 3 पंक्तियां बनेंगी और हर एक पंक्ति में बायीं से दायीं तरफ 3 खाने होंगे। अब पहली पंक्ति में बायीं से दायीं तरफ जाते हुए विभिन्न तीन खानों में क्रमशः 6, 1 और 8 लिखें। फिर दूसरी पंक्ति में भी बायीं से दायीं तरफ जाते हुए विभिन्न तीन खानों में क्रमशः 7, 5 और 3 लिखें। इसी तरह आखिरी पंक्ति में भी बायीं से दायीं तरफ क्रमशः 2, 9 और 4 लिखें। इस प्रकार आपका पंद्रह का यंत्र बनकर तैयार हो जाएगा।
इस पंद्रह के यंत्र का निर्माण करते समय एक शाबर मंत्र का जप भी करना चाहिए, जो कि इस प्रकार है - ऊँ नमो चामुण्डा माई आई घाई, मूवा मरा लिया उठाई, बाल रखे बालनी कपाल राखे, कालिका दाई भुजा नृसिंह वीर बाई हनुमंत वीर राखे, वीरों का वीर खेलता आवता वीर लगावे पाय, जो यह घट पिंड की रक्षा करे तो उलट वेद वाही पर पड़े चलो। इस यंत्र में बायीं से दायीं तरफ या फिर ऊपर से नीचे की तरफ
किसी भी पंक्ति के अंदर लिखी संख्याओं को आप जोड़ेंगे, तो आपको पंद्रह का जोड़ ही प्राप्त होगा और इस पंद्रह की संख्या के कारण ही इस यंत्र को पंद्रह का यंत्र कहा जाता है।
इस प्रकार यंत्र का निर्माण करके उसे उचित स्थान पर स्थापित करके, उसकी विधि-पूर्वक धूप-दीप आदि से पूजा करें और पूजा के बाद आप उस यंत्र को अपने घर में या ऑफिस में, जहां चाहें स्थापित कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको किसी तरह के वास्तु संबंधी समस्या के प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपको अपने हर कार्य में सफलता मिलेगी।
कूर्म यंत्र के लाभ
- अगर किसी कारणवश आपका मकान या फ्लैट वास्तु के अनुसार नहीं बना है, उसमें वास्तु संबंधी किसी प्रकार की परेशानी बनी हुई है, तो आज के दिन आपको भूमि पर आसन बिछाकर, उस पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से महावास्तु मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- ॐ ह्रीं कूर्माय वास्तु पुरुषाय स्वाहा। इस प्रकार मंत्र जप के बाद भगवान विष्णु के कूर्म स्वरूप का ध्यान करते हुए उचित विधि से कूर्म या पंद्रह का यंत्र बना लें या फिर किसी उचित जगह से धातु आदि पर बना यंत्र प्राप्त कर लें। अब उस यंत्र को उचित स्थान पर स्थापित करके उसके मुख की तरफ सूर्यदेव का चित्र बनाएं और दूसरी तरफ चंद्रमा की आकृति बनाएं। फिर उस यंत्र पर थोड़ा-सा गंगाजल छिड़क कर, धूप-दीप आदि से उसकी पूजा करें और उसके बाद यंत्र को संभालकर अपने पास रख लें या घर के ईशान कोण में स्थापित कर दें। इस प्रकार आज के दिन यंत्र की स्थापना करने से आपको बिना तोड़-फोड़ किए वास्तु संबंधी समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
- अगर आपके नये भवन का निर्माण कार्य चल रहा है तो इस दिन एक चांदी का बना कछुआ खरीदकर अपने भवन की नींव में दबाएं, लेकिन अगर आप चांदी का कछुआ नहीं खरीद सकते तो मिट्टी का कछुआ खरीदकर दबाएं। अगर वो भी नहीं खरीद सकते तो एक सफेद रंग के कागज पर कछुए की आकृति बनाकर, उसके नीचे 'ऊँ कूर्माय नमः' लिखकर भवन की नींव में दबा दें। लेकिन ध्यान रहे अधिक महत्व चांदी के कछुए का ही है। इस दिन ऐसा करने से आपके भवन पर किसी की बुरी नजर नहीं लगेगी और आपका जीवन खुशहाल बना रहेगा।
- वहीं जो लोग अभी किसी भवन आदि का निर्माण नहीं करवा रहे हैं, लेकिन जल्द ही करवाने वाले हैं, उन लोगों को भी आज के दिन चांदी से बना कछुआ खरीदकर अपने घर के मन्दिर में स्थापित करना चाहिए और उसकी विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए। बाद में आप जिस दिन भी अपने भवन आदि की नींव का कार्य शुरू करवाएं, तो उस कछुए को नींव में दबा दें। इससे आपके परिवार की हमेशा तरक्की होती रहेगी।
- इसके अलावा अगर आपके बच्चे का ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता और वो एक अलग ही दुनिया में खोया रहता है, तो कूर्म जयंती के दिन भगवान विष्णु के कूर्म अवतार की उपासना करके मिट्टी से बने कूर्म, यानि कछुए को बच्चे के पढ़ाई वाले कमरे में स्थापित कर दीजिये। इससे धीरे-धीरे करके बच्चे का ध्यान पढ़ाई में लगने लगेगा।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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