Mahashivratri: महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से जानें इस दिन का महत्व
Mahashivratri: महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन महादेव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। यह दिन शिव पूजन के लिए क्यों खास है और महाशिवरात्रि के महत्व के बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।
Mahashivratri: महाशिवरात्रि का दिन हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक दिनों में से एक है। इस दिन भगवान शिव के भक्त व्रत रखते हैं और विधि-विधान से शिव जी की पूजा करते हैं। शिव पूजन के साथ ही महाशिवरात्रि के दिन को आध्यात्मिक जागृति का दिन भी कहा जाता है। इस दिन योग-ध्यान करने से मानसिक सुख की प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि के दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से क्या महत्व है इसके बारे में आज हम आपको विस्तार से जानकारी देंगे।
महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन महा के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव-शक्ति एक हुए थे यानि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए महाशिवरात्रि के पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन पर ही भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था और संसार की रक्षा की थी इसलिए भी महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। कुछ धार्मिक ग्रंथों में इस दिन पर शिवलिंग की उत्पत्ति की बात भी बताई गई है।
महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व
महाशिवरात्रि का दिन चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है और इस तिथि के स्वामी साक्षात भगवान शिव ही हैं। ईशान संहिता में वर्णित है कि इसी दिन ज्योतिर्लिंग के रूप में भगवान शिव का प्राकाट्य हुआ था इसलिए इस दिन पर भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। उपनिषदों में वर्णित है कि शिवलिंग में सभी देवी-देवताओं का वास है संपूर्ण सृष्टि भी इसी में समाई हुई है इसलिए महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवलिंग और महादेव की पूजा करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। धार्मिक दृष्टि से इस दिन शिव पूजन, मंत्र जप आदि करने से आप पर शिव कृपा बरसती है।
महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म में शिव केवल महादेव का नाम नहीं है बल्कि ये उस परम आत्मा का नाम भी है जो सभी में विद्यमान है। शिव का एक अर्थ सदा कल्याणकारी भी है। आत्मा का कल्याण आध्यात्मिक जागरण से ही होता है और महाशिवरात्रि के दिन योग-ध्यान के जरिए परम सत्य की आप प्राप्ति कर सकते हैं। इसलिए आध्यात्मिक दृष्टि से भी महाशिवरात्रि के दिन को बेहद खास माना जाता है। इस दिन ध्यान करने से काम, क्रोध, मोह और लोभ जैसे विकारों से आपको मुक्ति मिलती है और आपकी चेतना का विकास होता है। इस दिन सांसारिक सुखों से हटकर शिव पूजन करने पर शान्ति, पवित्रता और प्रेम का विकास होता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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