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Sheetla Ashtami 2026 and Muhurat: शीतला अष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा? जानें डेट और चौघड़िया मुहूर्त

Sheetla Ashtami 2026 Kab Hai: चौघड़िया का उपयोग किसी नए कार्य को प्रारंभ करने के लिए शुभ समय देखने हेतु किया जाता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य के समय को दिन का चौघड़िया कहा जाता है।अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघड़ियाओं को उत्तम माना गया है। तो आइए जानते हैं कि शीतला अष्टमी के दिन चौघड़िया मुहूर्त क्या रहेगा।

शीतला अष्टमी 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV शीतला अष्टमी 2026

Sheetla Ashtami 2026 Date and Muhurat: हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बसोड़ा पूजा के नाम से भी जा ना जाता है। इस दिन व्रत कर विधिपूर्वक शीतला माता की पूजा करने से निरोगी शरीर का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही चेचक और अन्य संक्रमण बीमारियां भी दूर रहती हैं। शीतला अष्टमी को बासौड़ा, बूढ़ा बसौड़ा, बसोड़ा पूजा या बसियौरा नामों से भी जाना जाता है। तो आइए जानते हैं कि इस साल शीतला अष्टमी कब है और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

शीतला अष्टमी 2026 कब है? (Sheetla Ashtami 2026 kab Hai)

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 11 मार्च को 01:54 ए एम बजे होगा। अष्टमी तिथि का समापन 12 मार्च को 04:19 ए एम पर होगा। शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा। शीतला अष्टमी पूजा मुहूर्त 11 मार्च को सुबह 6 बजकर 50 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। 

शीतला अष्टमी के दिन का चौघड़िया मुहूर्त 

  • लाभ-उन्नति- 06:50 ए एम से 08:20 ए एम
  • अमृत-सर्वोत्तम- 08:20 ए एम से 09:49 ए एम
  • शुभ-उत्तम- 11:19 ए एम से 12:49 पी एम
  • चर-सामान्य- 03:48 पी एम से 05:17 पी एम
  • लाभ-उन्नति- 05:17 पी एम से 06:47 पी एम

शीतला माता पूजा मंत्र

  1. शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता। शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः।।
  2. वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।।
  3. ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः
  4. ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः

शीतला सप्तमी 2026 डेट और महत्व

शीतला सप्तमी 10 मार्च को है। आपको बता दें कि शीतला अष्टमी के दिन माता रानी को बासी खाने का भोगा लगाया जाता है। देवी मां के लिए भोग शीतला सप्तमी के दिन ही तैयार कर लिया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन खाना बनाने के लिए गैस या चूल्हा नहीं जलाया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन व्रत कर शीतला माता की पूजा करने से भक्तों को चेचक, खसरा आदि रोगों से मुक्ति मिलती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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