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Sri Sri@70: 45वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर Art of Living के कामों के बारे में जानिए, लाखों लोगों का बदला जीवन

Art of Living: आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान मुख्य रूप से योग, ध्यान, तनाव-मुक्ति और आध्यात्मिक जीवनशैली सिखाने के लिए प्रसिद्ध है। इस संस्थान से जुड़कर लाखों लोगों की जिंदगी बदली है। भारत में इसका बड़ा आश्रम बेंगलुरु में स्थित है, जहां बड़ी संख्या में लोग ध्यान और आध्यात्मिक कोर्स करने जाते हैं।

Art Of Living- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV GFX आर्ट ऑफ लिविंग

Art of Living: आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस के मौके पर बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग के खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की और आर्ट ऑफ लिविंग परिसर में बने विशेष ध्यान केंद्र 'ध्यान मंदिर' का उद्घाटन किया। इस दौरान यहां गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ये भी बताया गया कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान किन सेक्टर्स में सेवाएं दे रहा है। यहां हम ये भी जानेंगे कि कैसे इस संस्थान ने लाखों लोगों की जिंदगी को बदला है। 

आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान के बारे में

आर्ट ऑफ लिविंग दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठनों में से एक माना जाता है। इसकी स्थापना साल 1981 में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने की थी। तब से ही यह संस्थान ध्यान और श्वास कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहे हैं। 45 वर्षों में आर्ट ऑफ लिविंग ने विश्व के अनेकों देशों में बहुत से आश्रम स्थापित किए हैं। आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का कहते हैं कि 'जब तक हमारा मन तनाव मुक्त नहीं होगा और समाज हिंसा मुक्त नहीं होगा, तब तक हम विश्व शांति को प्राप्त नहीं कर पाएंगे।'

मिली जानकारी के अनुसार, आर्ट ऑफ लिविंग का 182 देशों में 10, 000 से अधिक केंद्र है। यह केंद्र उन देशों में सामुदायिक विकास, सामाजिक उत्थान लोगों के आत्मिक  विकास और आत्मचिंतन के लिए आदर्श आश्रयस्थल बन चुके हैं। इससे भी आगे यह आश्रम भिन्न भिन्न आस्थाओं और विचारधाराओं को मानने वालों के लिए एक सामान्य आधार के स्थल बन गए हैं।  गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर एक मानवतावादी नेता, आध्यात्मिक गुरु और शांतिदूत है। उनकी तनावमुक्त, हिंसामुक्त समाज की संकल्पना से आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा प्रदत्त सेवा परियोजनाओं और कार्यक्रमों द्वारा विश्वभर के करोड़ों लोगों को एकता के सूत्र में बांधा है।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के अनुसार,  'आर्ट ऑफ लिविंग एक सिद्धांत है, जीवन को पूर्णता से जीने का एक दर्शन है। यह एक संगठन की अपेक्षा एक आंदोलन है। इसका केंद्रीय मूल्य स्वयं के भीतर शांति पाना है और हमारे समाज में, विभिन्न संस्कृतियों, परम्पराओं, धर्मो और राष्ट्रीयताओं के लोगों को एक सूत्र में बांधना है और इस प्रकार हमें यह याद दिलाना है कि हमारा एक ही लक्ष्य है और वह है सर्वत्र मानव जीवन का उत्थान'।

आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूरे होने पर 9 नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया

1. RuTAGe स्मार्ट विलेज केंद्र- 11 राज्यों के ग्रामीण क्षेत्र में RuTAGe स्मार्ट विलेज केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये योजना आजीविका, नेतृत्व और मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त करेगी।

2. मिशन ग्रीन अर्थ- इस योजना के अंतर्गत अबतक 19 राज्यों में 90 लाख से अधिक वृक्षारोपण किए जा चुके हैं। अब इस अभियान में 45 लाख मोरिंगा वृक्ष और 87, 500 पंचवटी वृक्ष उपवन स्थापित किए जाएंगे।

3. युवा और महिला नेतृत्व कार्यक्रम- 50 हजार युवाओं और महिलाओं को नई तकनीकी कौशलों के साथ नेतृत्व प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

4. श्री अभयम् परियोजाना- इस योजना के तहत 450 जनजातीय गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं, मूलभूत शिक्षा और आजीविका पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।

5. ग्राम डिजिटल सेवक परियोजना- डिजिटल ग्राम सेवक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सरकारी योजनाओं सेवाओं एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ेंगे। 

6. टेली-चिकित्सा क्रेंद्र- एक टेली-स्वास्थ्य नेटवर्क, जो देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाएगा। 

7. जेल कार्यक्रम- एक राष्ट्रीय जेल सुधार कार्यक्रम, जो देशभर में 60, 000 बंदियों एवं जेल कर्मचारियों को मानसिक तनाव से राहत एवं व्यावसायिक प्रक्षिण प्रदान करेगा। 

8. नि:शुल्क शिक्षा एवं बाल विकास कार्यक्रम- भारत के 22 राज्यों में नि:शुल्क एवं मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है तथा देश भर में इसे 2000 विद्यालयों तक विस्तार देने का लक्ष्य है।

9.  महिला सशक्तिकरण एवं उद्यमशीलता-  ये परियोजना अब तक 6 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित कर चुकी है। अब इसे 10 लाख महिलाओं तक ले जाने का लक्ष्य है।