Buddhist Wat Pho Temple: वात फो मंदिर बैंकॉक में स्थित है और अपने विशाल लेटे बुद्ध (रिक्लाइनिंग बुद्धा) प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। वात फो मंदिर भगवान बुद्ध को समर्पित है। यहां लेटे हुए बुद्ध की विशालकाय प्रतिमा स्थित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुद्ध के ऐतिहासिक मंदिर का दौरा किया और दिव्य आशीर्वाद मांगा। तो चलिए अब जानते हैं प्रसिद्ध बुद्ध वात फो मंदिर के इतिहास के बारे में।
वात फो मंदिर, बैंकॉक (थाईलैंड)
वात फ्रा चेतुफोन विमोनमंगकलाराम रत्चवोरमाहविहान को वात फो के नाम से जाना जाता है। वात फो मंदिर में बुद्ध की छवियों का सबसे बड़ा संग्रह है। वात फो मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी में एक मठ के रूप में किया गया था। सन् 1788 में राजा राम-प्रथम द्वारा इसका जीर्णोद्धार किया गया। मंदिर को मौजूदा स्वरूप राजा राम तृतीय के शासनकाल के दौरान दिया गया। उन्होंने 1832 में वात फो के अधिकांश भाग का विस्तार किया, विशेष रूप से दक्षिण विहार और पश्चिम विहार का, जहां लेटे हुए बुद्ध की प्रतिमा स्थापित है। लेटे हुए बुद्ध की यह प्रतिमा 1848 में बनकर तैयार हुई थी और यह बैंकाक की सबसे बड़ी मूर्ति है।
वात फो मंदिर का महत्व
वात फो मंदिर भगवान बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं को समर्पित है, इसलिए बौद्ध धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। वात फो थाईलैंड के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। इसमें 1,000 से अधिक बुद्ध प्रतिमाएं और 90 से अधिक स्तूप हैं। मंदिर के परिसर में कई महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनमें से एक भगवान बुद्ध की 46 मीटर ऊंची मूर्ति है।
Image Source : INDIA TVवात फो मंदिर
पीएम मोदी ने भी किए दर्शन
बता दें कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकॉक के इस प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन किए। वात फो मंदिर के दर्शन के दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा भी उनके साथ थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने लेटे हुए भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की और मंदिर में वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं को 'संघदान' दिया।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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