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Hindi News धर्म Chandra Grahan 2027: महा सूर्य ग्रहण के बाद लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, कुंभ और मकर राशि पर सबसे ज्यादा पड़ेगा असर

Chandra Grahan 2027: महा सूर्य ग्रहण के बाद लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, कुंभ और मकर राशि पर सबसे ज्यादा पड़ेगा असर

2 अगस्त 2027 को महा सूर्य ग्रहण लगेगा यानी एक ऐसा ग्रहण जो बेहद ही कम देखने को मिलता है। तो वहीं इसके 15 दिन बाद चंद्र ग्रहण लगेगा। चलिए आपको बताते हैं महा सूर्य ग्रहण के बाद चंद्र ग्रहण कब लगेगा।

chandra grahan- India TV Hindi Image Source : PIXABAY चंद्र ग्रहण 2027

Chandra Grahan 2027 Date: इन दिनों 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण खूब चर्चा में है। दरअसल ये एक ऐसा ग्रहण है जो 21वीं सदी में दूसरी बार लगने जा रहा है। बता दें इस ग्रहण के समय दुनिया के कुछ इलाके 6 मिनट से ज्यादा समय के लिए अंधकार में डूब जाएंगे। चांद सूर्य की रोशनी को पूरी तरह से रोक लेगा जिससे दिन में ही रात का अनुभव होने लगेगा। तो वहीं इसके ठीक 15 दिन बाद चंद्र ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा जो कि एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। चलिए आपको बताते हैं महा सूर्य ग्रहण के बाद चंद्र ग्रहण कब लगेगा और कुंभ-मकर राशि वालों को ये कैसे प्रभावित करेगा।

चंद्र ग्रहण कब है 2027 (Chandra Grahan 2027 Date And Time)

महा सूर्य ग्रहण के बाद चंद्र ग्रहण 17 अगस्त 2027 को लगेगा। ग्रहण की शुरुआत सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर होगी और समापन दोपहर 2 बजकर 33 मिनट पर होगा। भारत में ये ग्रहण नहीं दिखाई देगा। 

2027 का चंद्र ग्रहण कहां-कहां दिखेगा?

17 अगस्त 2027 को होने वाला चंद्र ग्रहण उत्तर और दक्षिण अमेरिका, पूर्वी ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा। इसके अलावा मध्य प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों से भी देखा जा सकेगा। 

मकर और कुंभ राशि वाले रहें सतर्क

17 अगस्त 2027 को जब चंद्र ग्रहण की शुरुआत होगी तो उस समय चंद्र ग्रह मकर राशि में रहेगा लेकिन दोपहर 1 बजे के बाद से ये कुंभ राशि में गोचर करने लगेगा। जिससे मकर और कुंभ राशि वालों पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। इनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ने की संभावना रहेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी आ सकती हैं। ऐसे में सतर्क रहना होगा। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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