February Shivratri 2026: फरवरी में महाशिवरात्रि कब है? जानिए इस दिन क्या हुआ था और क्यों मानी जाती है यह सबसे खास रात
February Shivratri 2026: फरवरी में महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। ये शिवरात्रि साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि मानी जाती है। पौराणिक कथाओं अनुसार इसी शिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था।

February Shivratri 2026: महा शिवरात्रि भगवान शिव की अराधना का सबसे बड़ा त्योहार है जो हर साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन उपवास रखते हैं और भगवान शिव की विधि विधान पूजा करते हैं। वैसे तो हर महीने ही शिवरात्रि आती है लेकिन फरवरी में पड़ने वाली एकादशी का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। इस दिन रात्रि जागरण करने का विशेष महत्व माना गया है। चलिए आपको बताते हैं फरवरी की शिवरात्रि की सही डेट और मुहूर्त।
महाशिवरात्रि कब है 2026 (Maha Shivratri 2026 Date And Time)
| महाशिवरात्रि | 15 फरवरी 2026, रविवार |
| निशिता काल पूजा समय | 12:09 AM से 01:01 AM, फरवरी 16 |
| अवधि | 51 मिनट्स |
| शिवरात्रि पारण समय | 06:59 AM से 03:24 PM |
| रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय | 06:11 PM से 09:23 PM |
| रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय | 09:23 PM से 12:35 AM, फरवरी 16 |
| रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय | 12:35 AM से 03:47 AM, फरवरी 16 |
| रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय | 03:47 AM से 06:59 AM, फरवरी 16 |
| चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ | फरवरी 15, 2026 को 05:04 PM बजे |
| चतुर्दशी तिथि समाप्त | फरवरी 16, 2026 को 05:34 PM बजे |
महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है (Maha Shivratri Kyu Manate Hain)
महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का पावन पर्व है। मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। लिंग पुराण के अनुसार इसी रात भगवान शिव पहली बार अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे। तो वहीं एक अन्य कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब हलाहल विष समुद्र से निकला तो संसार को बचाने के लिए महादेव ने उस विष को अपने कंठ में धारण किया। विष के प्रभाव को कम करने के लिए देवताओं ने भगवान शिव का दूध, जल, भांग, बेल पत्र और धतूरे से अभिषेक किया। साथ ही पूरी रात जागकर उनकी स्तुति की। कहते हैं इस घटना के बाद से महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाने लगा।
महाशिवरात्रि की रात क्यों मानी गई है खास?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि की रात इसलिए खास मानी जाती हैं क्योंकि इस रात में भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इसके अलावा इसी रात को महादेव और माता पार्वती का विवाह भी संपन्न हुआ था। माना जाता है कि इस रात ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है जिससे साधक को उसकी भक्ति का फल शीघ्र ही प्राप्त हो जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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