A
Hindi News धर्म खाटू श्याम बाबा की पूजा का सबसे शुभ दिन, जब हर मुराद होती है पूरी

खाटू श्याम बाबा की पूजा का सबसे शुभ दिन, जब हर मुराद होती है पूरी

खाटू श्याम बाबा को हारे का सहारा कहा जाता है। कलयुग में इनकी पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि बाबा की पूजा करने के लिए सबसे शुभ दिन कौन सा होता है।

Khatu Shyam Baba- India TV Hindi Image Source : CANVA खाटू श्याम बाबा

खाटू श्याम बाबा को कलयुग में भक्तों का सहारा माना जाता है। खाटू श्याम बाबा की कहानी महाभारत काल से जुड़ी है। खाटू श्याम बाबा का मूल नाम बर्बरीक है जो भीम के पुत्र थे। इन्होंने भगवान कृष्ण को अपना शीश दान किया था और इसीलिए भक्त इन्हें शीशदानी के नाम से भी जानते हैं। बर्बरीक के त्याग को देखकर कृष्ण भगवान ने उन्हें वरदान दिया था कि कलयुग में तुम मेरे नाम से पूजे जाओगे इसलिए वीर बर्बरीक का नाम श्याम पड़ा। कलयुग में इनकी पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि बाबा की पूजा के लिए सबसे शुभ दिन कौन सा होता है। 

खाटू श्याम बाबा की पूजा के लिए सबसे शुभ दिन 

  • खाटू श्याम बाबा को कलयुग में भक्तों का सहारा माना जाता है। खाटू श्याम बाबा की कहानी महाभारत काल से जुड़ी है। खाटू श्याम बाबा का मूल नाम बर्बरीक है जो भीम के पुत्र थे। इन्होंने भगवान कृष्ण को अपना शीश दान किया था और इसीलिए भक्त इन्हें शीशदानी के नाम से भी जानते हैं। बर्बरीक के त्याग को देखकर कृष्ण भगवान ने उन्हें वरदान दिया था कि कलयुग में तुम मेरे नाम से पूजे जाओगे इसलिए वीर बर्बरीक का नाम श्याम पड़ा। कलयुग में इनकी पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि बाबा की पूजा के लिए सबसे शुभ दिन कौन सा होता है। 
  • खाटू श्याम बाबा को भगवान कृष्ण ने वरदान दिया था और इसलिए श्रीकृष्ण का अंश भी खाटू श्याम जी को माना जाता है। इनकी पूजा के लिए गुरुवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। क्योंकि यह वार देव गुरु बृहस्पति और विष्णु भगवान से संबंधित है। श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के ही पूर्ण अवतार थे और खाटू श्याम बाबा भी श्रीकृष्ण का ही रूप हैं इसलिए गुरुवार के दिन इनकी पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही एकादशी तिथि पर भी खाटू श्याम बाबा की पूजा बेहद शुभ फलदायी मानी जाती है। 
  • खाटू श्याम बाबा का प्रमुख मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है। यहां भक्तों का तांता हमेशा लगा रहता है। हालांकि गुरुवार और एकादशी तिथि पर यहां पूजा का विशेष आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही खाटू श्याम बाबा के अन्य मंदिरों में भी गुरुवार और एकादशी तिथि पर विशेष पूजा होती है। इसके साथ ही पूर्णिमा और फाल्गुन मेले के दौरान भी बाबा की पूजा की जाती है। हालांकि जो भक्त बाबा के दरबार नहीं आ पाते उनके लिए गुरुवार और एकादशी का दिन पूजा के लिए सबसे विशेष माने जाते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Shani Grah: शनि की महादशा और साढ़ेसाती में क्या अंतर होता है? जान लें इनका प्रभाव

Kaal Bhairav Aarti: काल भैरव जयंती आज, करें 'जय भैरव देवा' की आरती; मिलेगी भय, रोग और शत्रु से मुक्ति