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Maha Shivratri 2026 Puja Vidhi, Aarti Live Updates: निशिता काल समय शुरू, इस मुहूर्त में जरूर करें भगवान शिव की पूजा, हर मनोकामना होगी पूर्ण

Maha Shivratri 2026 Puja Vidhi Live: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है जो फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। पंचांग अनुसार इस साल ये पावन पर्व 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जा रहा है। यहां आप जानेंगे महाशिवरात्रि की पूजा विधि, मुहूर्त, कथा, मंत्र, आरती समेत संपूर्ण जानकारी।

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Image Source : CANVA महाशिवरात्रि पूजा विधि, मुहूर्त, कथा, आरती, मंत्र सबकुछ यहां जानें

Maha Shivratri 2026 Puja Vidhi (महाशिवरात्रि पूजा विधि), Mahashivratri Aarti, Bhajan, Mantra, Chalisa Live Update:​ महाशिवरात्रि यानी फाल्गुन मास की मासिक शिवरात्रि शिव भक्तों के लिए बेहद खास होती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। इस बार कि महाशिवरात्रि ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस दिन पूरे 300 साल बाद बेहद दुर्लभ संयोग बन रहा है।दरअसल इस शिवरात्रि 12 शुभ योग और 4 राजयोग एक साथ रहेंगे। ऐसे में इस दिन शिव की पूजा से विशेष शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इस दिन पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रात 12:09 से देर रात 01:01 बजे तक रहेगा। यहां आप जानेंगे महाशिवरात्रि 2026 से जुड़ी हर एक जानकारी- जैसे पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती, चालीसा, भजन इत्यादि।

महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद बना ये दुर्लभ संयोग (Maha Shivratri Shubh Sayong)

महाशिवरात्रि पर बुधादित्य राजयोग, लक्ष्मी नारायण राजयोग, शुक्रादित्य राजयोग और चतुर्ग्रही राजयोग का शुभ संयोग रहेगा। इसके अलावा इस दिन प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, साध्य, शिव, शुक्ल, शोभन, सर्वार्थसिद्ध, चंद्रमंगल, त्रिग्रही, राज और ध्रुव योग का भी निर्माण हो रहा है।

महाशिवरात्रि पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 2026 (Maha Shivratri Puja Ka Sabse Shubh Muhurat 2026)

महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त 15 फरवरी 2026 की शाम 06:11 से शुरू होकर देर रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। 

महाशिवरात्रि पूजा विधि (Maha Shivratri Puja Vidhi)

  • महाशिवरात्रि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। काले रंग के कपड़े न पहनें।
  • इसके बाद पूजाघर में दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें।
  • बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, फूल, चंदन, रोली, अबीर इत्यादि से शिव-पार्वती की विधि विधान पूजा करें।
  • इसके बाद मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, चंदन, रोली, अक्षत इत्यादि चीजें चढ़ाएं।
  • दिन भर व्रत रहें और जब समय मिले भगवान का ध्यान भी करते रहें।
  • दिन में किसी भी समय रुद्राभिषेक भी जरूर कराएं। अगर ये संभव न हो तो शाम में शिवलिंग का खुद ही अभिषेक करें।
  • शाम में फिर से भगवान शिव-पार्वती की विधि विधान पूजा करें और उन्हें धतूरा, भांग, बेलपत्र इत्यादि चीजें चढ़ाएं। 
  • साथ ही महाशिवरात्रि व्रत की कथा भी सुनें और इसके बाद भगवान शिव की कपूर से आरती करें।
  • आरती के बाद भोग लगाकर पूजा संपन्न करें।
  • संभव हो तो इस दिन रात्रि भर जागरण करें। 
  • इस दिन रात्रि के चारों प्रहर की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। (यहां जानिए रात्रि के चारों प्रहर की पूजा विधि)

महाशिवरात्रि पूजा के शुभ मुहूर्त 2026 (Maha Shivratri 2026 Puja Muhurat)

निशिता काल पूजा समय 12:09 AM से 01:01 AM, फरवरी 16
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय 06:11 PM से 09:23 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय 09:23 PM से 12:35 AM, फरवरी 16
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय 12:35 AM से 03:47 AM, फरवरी 16
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय 03:47 AM से 06:59 AM, फरवरी 16

शिव जी की आरती (Maha Shivratri 2026 Shiv Ji Ki Aarti)

  • जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा।
  • ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव॥
  • एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
  • हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव॥
  • दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
  • त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव॥
  • अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी।
  • चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी॥ ॐ जय शिव॥
  • श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
  • सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव॥
  • कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
  • जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ॐ जय शिव॥
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
  • प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका॥ ॐ जय शिव॥
  • काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
  • नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी॥ ॐ जय शिव॥
  • त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे।
  • कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय शिव॥

(महाशिवरात्रि पर्व से जुड़ी हर जानकारी के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर)

Live updates : Maha Shivratri 2026 Puja Vidhi, Muhurat, Bhajan Live Updates

  • 11:43 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Nishita Kaal Puja Time: निशिता काल पूजा समय

    महाशिवरात्रि पर निशिता काल पूजा समय 15 फरवरी 2026 की रात 12 बजकर 9 मिनट से लेकर देर रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। ये शिवरात्रि पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त है। इस दौरान पूरी श्रद्धा से शिव की उपासना करें और उनके मंत्रों का जाप करें। इससे आपको भोलेनाथ की शीघ्र ही कृपा प्राप्त हो जाएगी।

  • 11:35 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    At What Time Shivratri Fast End: शिवरात्रि व्रत का समापन कब होगा

    महाशिवरात्रि व्रत का समापन 16 फरवरी 2026 को सूर्योदय के बाद होगा। सूर्योदय के समय स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर शिव की पूजा करें। जरूरतमंदों को दान करें। इसके बाद अपना व्रत खोल लें।

  • 11:28 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र (Shiv Panchakshar Stotram Mantra)

    ॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥

    नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,
    भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
    नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,
    तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥

    मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,
    नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय ।
    मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय,
    तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥

    शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द,
    सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।
    श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय,
    तस्मै शि काराय नमः शिवाय ॥३॥

    वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य,
    मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।
    चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय,
    तस्मै व काराय नमः शिवाय ॥४॥

    यक्षस्वरूपाय जटाधराय,
    पिनाकहस्ताय सनातनाय ।
    दिव्याय देवाय दिगम्बराय,
    तस्मै य काराय नमः शिवाय ॥५॥

    पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ ।
    शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥

  • 11:06 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shiv Ji Ki Aarti: शिव जी की आरती

    • ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा।
    • ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • एकानन चतुराननपञ्चानन राजे।
    • हंसासन गरूड़ासनवृषवाहन साजे॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • दो भुज चार चतुर्भुजदसभुज अति सोहे।
    • त्रिगुण रूप निरखतेत्रिभुवन जन मोहे॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • अक्षमाला वनमालामुण्डमाला धारी।
    • त्रिपुरारी कंसारीकर माला धारी॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • श्वेताम्बर पीताम्बरबाघम्बर अंगे।
    • सनकादिक गरुणादिकभूतादिक संगे॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • कर के मध्य कमण्डलुचक्र त्रिशूलधारी।
    • सुखकारी दुखहारीजगपालन कारी॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • ब्रह्मा विष्णु सदाशिवजानत अविवेका।
    • प्रणवाक्षर मध्येये तीनों एका॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • लक्ष्मी व सावित्रीपार्वती संगा।
    • पार्वती अर्द्धांगी,शिवलहरी गंगा॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • पर्वत सोहैं पार्वती,शंकर कैलासा।
    • भांग धतूर का भोजन,भस्मी में वासा॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • जटा में गंगा बहत है,गल मुण्डन माला।
    • शेष नाग लिपटावत,ओढ़त मृगछाला॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • काशी में विराजे विश्वनाथ,नन्दी ब्रह्मचारी।
    • नित उठ दर्शन पावत,महिमा अति भारी॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
    • त्रिगुणस्वामी जी की आरतीजो कोइ नर गावे।
    • कहत शिवानन्द स्वामी,मनवान्छित फल पावे॥
    • ॐ जय शिव ओंकारा॥
  • 11:03 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महाशिवरात्रि का व्रत कब खुलता है

    महाशिवरात्रि का व्रत अगले दिन सुबह सूर्योदय के बाद खोला जाता है। व्रत खोलने से पहले भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें।

  • 8:55 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Can We Eat After 12 AM in Shivratri Fast: क्या हम 12 बजे के बाद शिवरात्रि व्रत खोल सकते हैं?

    शिवरात्रि की रात 12 बजे के बाद फलाहारी भोजन खाया जा सकता है। लेकिन अन्न का सेवन नहीं करना है। अन्न अगले दिन खाना है।

  • 6:08 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Can We Eat Ice Cream On Maha Shivratri Fast: क्या महाशिवरात्रि व्रत में आइसक्रीम खा सकते हैं?

    महाशिवरात्रि व्रत में घर पर दूध से बनी आइसक्रीम खाई जा सकती है। लेकिन बाहर वाली आइसक्रीम नहीं खानी है क्योंकि उसमें ऐसी चीजें भी मिली होती हैं जो आप व्रत में नहीं खा सकते हैं।

  • 6:06 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri Par Nishita Kaal Mein Kyu Nhi Sona Chahiye: महाशिवरात्रि के दिन निशिता काल में क्यों नहीं सोना चाहिए

    शास्त्रों में बताया गया है कि निशिता काल में की गई पूजा, मंत्र जाप और ध्यान कई गुना फल देता है, इसलिए भक्तों को इस अवधि में जागकर भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। माना जाता है कि इस काल में शिव तत्व की ऊर्जा अधिक सक्रिय रहती है जिससे मन को शांति और आत्मिक बल मिलता है।

  • 5:06 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026 Nishita Kaal Time: महा शिवरात्रि 2026 निशिता काल मुहूर्त

    महाशिवरात्रि पर निशिता काल पूजा समय 15 फरवरी 2026 की रात 12 बजकर 9 मिनट से लेकर देर रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। ये शिवरात्रि पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त है। इस दौरान पूरी श्रद्धा से शिव की उपासना करें और उनके मंत्रों का जाप करें। इससे आपको भोलेनाथ की शीघ्र ही कृपा प्राप्त हो जाएगी।

  • 4:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि की रात का सबसे शुभ मुहूर्त

    वैसे तो महाशिवरात्रि की पूरी रात जागना चाहिए। लेकिन अगर ऐसा कर पाना संभव नहीं है तो कम से कम महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि यानी निशिता काल मुहूर्त में तो जरूर ही जागें। महाशिवरात्रि पर निशिता काल मुहूर्त रात 12:09 से 01:01 बजे तक रहेगा। इस समय शिवलिंग का अभिषेक करना और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। 

  • 3:27 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Can We Eat Dry Fruits In Shivratri Fast: क्या शिवरात्रि व्रत में ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं?

    जी हां शिवरात्रि व्रत में आप काजू, बादाम, किशमिश, मखाना समेत सभी ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं।

  • 2:59 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Today Shivratri Jal Time: शिवरात्रि पर जल कब चढ़ाएं

    महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल कभी भी चढ़ाया जा सकता है। लेकिन अगर जल चढ़ाने के सबसे शुभ समय की बात करें तो वो 15 फरवरी 2026 की रात 12:09 से देर रात 01:01 बजे तक रहेगा। 

  • 2:38 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shiv Shankar Ji Ki Aarti: श्री शिवशंकरजी की आरती

    • हर हर हर महादेव!
    • सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी।
    • अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥
    • हर हर हर महादेव!
    • आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी।
    • अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी॥
    • हर हर हर महादेव!
    • ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर तुम त्रिमूर्तिधारी।
    • कर्ता, भर्ता, धर्ता, तुम ही संहारी॥
    • हर हर हर महादेव!
    • रक्षक, भक्षक, प्रेरक, प्रिय औढरदानी।
    • साक्षी, परम अकर्ता, कर्ता अभिमानी॥
    • हर हर हर महादेव!
    • मणिमय-भवन निवासी, अति भोगी रागी।
    • सदा श्मशान विहारी, योगी वैरागी॥
    • हर हर हर महादेव!
    • छाल-कपाल, गरल-गल, मुण्डमाल व्याली।
    • चिता भस्मतन त्रिनयन, अयनमहाकाली॥
    • हर हर हर महादेव!
    • प्रेत-पिशाच-सुसेवित, पीत जटाधारी।
    • विवसन विकट रूपधर, रुद्र प्रलयकारी॥
    • हर हर हर महादेव!
    • शुभ्र-सौम्य, सुरसरिधर, शशिधर, सुखकारी।
    • अतिकमनीय, शान्तिकर, शिवमुनि मन-हारी॥
    • हर हर हर महादेव!
    • निर्गुण, सगुण, निरञ्जन, जगमय नित्य प्रभो।
    • कालरूप केवल हर! कालातीत विभो॥
    • हर हर हर महादेव!
    • सत्, चित्, आनन्द, रसमय, करुणामय धाता।
    • प्रेम-सुधा-निधि प्रियतम, अखिल विश्व त्राता॥
    • हर हर हर महादेव!
    • हम अतिदीन, दयामय! चरण-शरण दीजै।
    • सब विधि निर्मल मति कर, अपना कर लीजै॥
    • हर हर हर महादेव!
  • 1:42 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि क्यों है खास

    कहते हैं आज महाशिवरात्रि के दिन जो व्यक्ति बिल्व पत्तियों, यानि बेल के पत्तों से शिव जी की पूजा करता है और रात के समय जागकर भगवान के मंत्रों का जप करता है, उसे भगवान शिव आनन्द और मोक्ष प्रदान करते हैं और वह व्यक्ति स्वयं शिव के समान हो जाता है । ..... आज महाशिवरात्रि के दिन विशिष्ट सिद्धियों की प्राप्ति के लिये बहुत से लोग महानिशीथ काल में भगवान शिव की पूजा करने के इच्छुक होते हैं, 

  • 1:15 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    शिव मानस पूजा किसे करनी चाहिए (Shiv Manas Puja Kise Karni Chahiye)

    श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित शिव मानस पूजा स्तोत्र एक अनूठा स्तोत्र है। जिन लोगों के पास समय का अभाव है या जो लोग किसी विशेष स्थान पर बैठकर शिव पूजा नहीं कर सकते हैं।

  • 12:58 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Kailash Rana Shiv Chandra Mouli Lyrics: श्री शिवस्तुति, कैलासराणा शिवचंद्रमौळी

    • कैलासराणा शिवचंद्रमौळी ।
    • फणींद्र माथां मुकुटी झळाळी ।
    • कारुण्यसिंधू भवदुःखहारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १ ||
    • रवींदु दावानल पूर्ण भाळी ।
    • स्वतेज नेत्रीं तिमिरौघ जाळी ।
    • ब्रह्मांडधीशा मदनांतकारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २ ||
    • जटा विभूति उटि चंदनाची ।
    • कपालमाला प्रित गौतमीची ।
    • पंचानना विश्वनिवांतकारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ३ ||
    • वैराग्ययोगी शिव शूलपाणी ।
    • सदा समाधी निजबोधवाणी ।
    • उमानिवासा त्रिपुरांतकारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ४ ||
    • उदार मेरु पति शैलजेचा ।
    • श्रीविश्र्वनाथ म्हणती सुरांचा ।
    • दयानिधीचा गजचर्मधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ५ ||
    • ब्रह्मादि वंदी अमरादिनाथ ।
    • भुजंगमाला धरि सोमकांत ।
    • गंगा शिरीं दोष महा विदारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ६ ||
    • कर्पूरगौरी गिरिजा विराजे ।
    • हळाहळें कंठ निळाचि साजे ।
    • दारिद्र्यदुःखे स्मरणें निवारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ७ ||
    • स्मशानक्रीडा करितां सुखावे ।
    • तो देव चूडामणि कोण आहे ।
    • उदासमूर्ती जटाभस्मधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ८ ||
    • भूतादिनाथ अरि अंतकाचा ।
    • तो स्वामी माझा ध्वज शांभवाचा ।
    • राजा महेश बहुबाहुधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ९ ||
    • नंदी हराचा हर नंदिकेश ।
    • श्रीविश्वनाथ म्हणती सुरेश ।
    • सदाशिव व्यापक तापहारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १० ||
    • भयानक भीम विक्राळ नग्न ।
    • लीलाविनोदें करि काम भग्न ।
    • तो रुद्र विश्वंभर दक्ष मारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ११ ||
    • इच्छा हराची जग हे विशाळ ।
    • पाळी रची तो करि ब्रह्मगोळ ।
    • उमापति भैरव विघ्नहारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १२ ||
    • भागीरथीतीर सदा पवित्र ।
    • जेथें असे तारक ब्रह्ममंत्र ।
    • विश्वेश विश्वंभर त्रिनेत्रधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १३ ||
    • प्रयाग वेणी सकळा हराच्या ।
    • पादारविंदी वाहाती हरीच्या ।
    • मंदाकिनी मंगल मोक्षकारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १४ ||
    • कीर्ती हराची स्तुति बोलवेना ।
    • कैवल्यदाता मनुजा कळेना ।
    • एकाग्रनाथ विष अंगिकारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १५ ||
    • सर्वांतरी व्यापक जो नियंता ।
    • तो प्राणलिंगाजवळी महंता ।
    • अंकी उमा ते गिरिरुपधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १६ ||
    • सदा तपस्वी असे कामधेनू ।
    • सदा सतेज शशिकोटिभानू ।
    • गौरीपती जो सदा भस्मधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १७ ||
    • कर्पूरगौर स्मरल्या विसांवा ।
    • चिंता हरी जो भजकां सदैवा ।
    • अंती स्वहीत सुवना विचारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १८ ||
    • विरामकाळीं विकळ शरीर ।
    • उदास चित्तीं न धरीच धीर ।
    • चिंतामणी चिंतनें चित्तहारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || १९ ||
    • सुखावसाने सकळ सुखाची ।
    • दुःखावसाने टळती जगाचीं ।
    • देहावसाने धरणी थरारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २० ||
    • अनुहात शब्द गगनी न माय ।
    • त्याने निनादें भव शून्य होय ।
    • कथा निजांगे करुणा कुमारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २१ ||
    • शांति स्वलीला वदनीं विलासे ।
    • ब्रह्मांडगोळी असुनी न दिसे ।
    • भिल्ली भवानी शिव ब्रह्मचारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २२ ||
    • पीतांबरे मंडित नाभि ज्याची ।
    • शोभा जडीत वरि किंकिणीची ।
    • श्रीदेवदत्त दुरितांतकारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २३ ||
    • जिवाशिवांची जडली समाधी ।
    • विटला प्रपंची तुटली उपाधी ।
    • शुद्धस्वरें गर्जति वेद चारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २४ ||
    • निधानकुंभ भरला अभंग ।
    • पाहा निजांगें शिव ज्योतिर्लिंग ।
    • गंभीर धीर सुर चक्रधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २५ ||
    • मंदार बिल्वें बकुलें सुवासी ।
    • माला पवित्र वहा शंकरासी ।
    • काशीपुरी भैरव विश्व तारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २६ ||
    • जाई जुई चंपक पुष्पजाती ।
    • शोभे गळां मालतिमाळ हातीं ।
    • प्रताप सूर्यशरचापधारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २७ ||
    • अलक्ष्यमुद्रा श्रवणीं प्रकाशे ।
    • संपूर्ण शोभा वदनीं विकसे ।
    • नेई सुपंथे भवपैलतीरीं ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २८ ||
    • नागेशनामा सकळा जिव्हाळा ।
    • मना जपें रे शिवमंत्रमाळा ।
    • पंचाक्षरी घ्यान गुहाविहारीं ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || २९ ||
    • एकांति ये रे गुरुराज स्वामीं ।
    • चैतन्यरुपीं शिवसौख्य नामीं ।
    • शिणलों दयाळा बहुसाल भारी ।
    • तुजवीण शंभो मज कोण तारी || ३० ||
    • शास्त्राभ्यास नको श्रुति पढुं नको तीर्थासि जाऊं नको ।
    • योगाभ्यास नको व्रतें मख नको तीव्रें तपें तीं नको ।
    • काळाचे भय मानसीं धरुं नको दुष्टांस शंकूं नको ।
    • ज्याचीया स्मरणें पतीत तरती तो शंभु सोडू नको || ३१ ||
  • 12:32 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shiv Stuti: शिव स्तुति

    आशुतोष शशाँक शेखर,
    चन्द्र मौली चिदंबरा,
    कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
    कोटि नमन दिगम्बरा ॥
    निर्विकार ओमकार अविनाशी,
    तुम्ही देवाधि देव,
    जगत सर्जक प्रलय करता,
    शिवम सत्यम सुंदरा ॥

    निरंकार स्वरूप कालेश्वर,
    महा योगीश्वरा,
    दयानिधि दानिश्वर जय,
    जटाधार अभयंकरा ॥

    शूल पानी त्रिशूल धारी,
    औगड़ी बाघम्बरी,
    जय महेश त्रिलोचनाय,
    विश्वनाथ विशम्भरा ॥

    नाथ नागेश्वर हरो हर,
    पाप साप अभिशाप तम,
    महादेव महान भोले,
    सदा शिव शिव संकरा ॥

    जगत पति अनुरकती भक्ति,
    सदैव तेरे चरण हो,
    क्षमा हो अपराध सब,
    जय जयति जगदीश्वरा ॥

    जनम जीवन जगत का,
    संताप ताप मिटे सभी,
    ओम नमः शिवाय मन,
    जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥

    आशुतोष शशाँक शेखर,
    चन्द्र मौली चिदंबरा,
    कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,
    कोटि नमन दिगम्बरा ॥
    कोटि नमन दिगम्बरा..
    कोटि नमन दिगम्बरा..
    कोटि नमन दिगम्बरा..

  • 12:09 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shiv Manas Puja Mantra: शिव मानस पूजा मंत्र

    रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्याम्बरं

    नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम् ।

    जातीचम्पकबिल्वपत्ररचितं पुष्पं च धूपं तथा

    दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत्कल्पितं गृह्यताम् ॥1

    सौवर्णे नवरत्नखण्डरचिते पात्रे घृतं पायसं

    भक्ष्यं पञ्चविधं पयोदधियुतं रम्भाफलं पानकम् ।

    शाकानामयुतं जलं रुचिकरं कर्पूरखण्डोज्ज्वलं

    ताम्बूलं मनसा मया विरचितं भक्त्या प्रभो स्वीकुरु ॥2

    छत्रं चामरयोर्युगं व्यजनकं चादर्शकं निर्मलं

    वीणाभेरिमृदङ्गकाहलकला गीतं च नृत्यं तथा ।

    साष्टाङ्गं प्रणतिः स्तुतिर्बहुविधा ह्येतत्समस्तं मया

    सङ्कल्पेन समर्पितं तव विभो पूजां गृहाण प्रभो ॥3

    आत्मा त्वं गिरिजा मतिः सहचराः प्राणाः शरीरं गृहं

    पूजा ते विषयोपभोगरचना निद्रा समाधिस्थितिः ।

    सञ्चारः पदयोः प्रदक्षिणविधिः स्तोत्राणि सर्वा गिरो

    यद्यत्कर्म करोमि तत्तदखिलं शम्भो तवाराधनम् ॥4

    किं वा वानेन धनेन वाजिकरिभी प्राप्तेन राज्येन किम ।

    किं वा पुत्रकलत्र पशुभिर देहन गेहेन किम ।

    ज्ञातवेत तत्क्षण भंगुरं सपदि रे त्याज्यं मनो दुरत: ।

    स्वामार्थम गुरु वाक्यतो भज भज श्री पार्वती बल्भम् ॥5

  • 11:40 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shivratri Ka Vrat Kab Khulta Hai: शिवरात्रि का व्रत कब खुलता है?

    महाशिवरात्र व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के समय किया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि व्रत का पारण समय 16 फरवरी 2026 की सुबह 06:59 से 03:24 पी एम के बीच किया जाएगा।

  • 11:21 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026 Live: महाशिवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?

    इस व्रत में तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल भी न करें। लहसुन-प्याज न खाएं। अन्न का सेवन इस दिन नहीं करना चाहिए।

  • 10:43 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Can We Drink Tea In Shivratri Fast: क्या शिवरात्रि व्रत में चाय पी सकते हैं

    जी हां महाशिवरात्रि के दिन चाय पी सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि चाय बनाने वाला सारा सामान शुद्ध हो। उसमें आटे के हाथ न लगे हों।

  • 10:23 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Rudrabhishek Mantra: रुद्राभिषेक मंत्र

    • ॐ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय च
    • मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च ॥
    • ईशानः सर्वविद्यानामीश्व रः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपति
    • ब्रह्मा शिवो मे अस्तु सदाशिवोय्‌ ॥
    • तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
    • अघोरेभ्योथघोरेभ्यो घोरघोरतरेभ्यः सर्वेभ्यः सर्व सर्वेभ्यो नमस्ते अस्तु रुद्ररुपेभ्यः ॥
    • वामदेवाय नमो ज्येष्ठारय नमः श्रेष्ठारय नमो
    • रुद्राय नमः कालाय नम: कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमः
    • बलाय नमो बलप्रमथनाथाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः ॥
    • सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः ।
    • भवे भवे नाति भवे भवस्व मां भवोद्‌भवाय नमः ॥
    • नम: सायं नम: प्रातर्नमो रात्र्या नमो दिवा ।
    • भवाय च शर्वाय चाभाभ्यामकरं नम: ॥
    • यस्य नि:श्र्वसितं वेदा यो वेदेभ्योsखिलं जगत् ।
    • निर्ममे तमहं वन्दे विद्यातीर्थ महेश्वरम् ॥
    • त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिबर्धनम् उर्वारूकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् ॥
    • सर्वो वै रुद्रास्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु । पुरुषो वै रुद्र: सन्महो नमो नम: ॥
    • विश्वा भूतं भुवनं चित्रं बहुधा जातं जायामानं च यत् । सर्वो ह्येष रुद्रस्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु ॥
  • 9:58 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri Par Kya Bhog Lagae: महाशिवरात्रि पर क्या भोग लगाएं

    • खीर (चावल या मखाना)
    • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर)
    • ठंडाई
    • सफेद मिठाई (खोया, मावा की बर्फी)
    • मालपुआ
    • फल (सेब, केला, शकरकंद, मौसमी फल)
    • बेर
  • 9:13 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026 Puja Mantra: महाशिवरात्रि पूजा मंत्र

    • ॐ नमः शिवाय
    • ॐ ह्रीं ह्रौं नम: शिवाय॥
    • ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नम: ॐ ॥
    • ॐ पार्वतीपतये नम:॥
    • ॐ पशुपतये नम:॥
  • 8:59 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Can We Drink Water In Shivratri Fast: क्या शिवरात्रि व्रत में पानी पी सकते हैं?

    जी हां शिवरात्रि व्रत में पानी पी सकते हैं। लेकिन अगर आपने निर्जला व्रत रखने का संकल्प लिया है तब पानी न पिएं।

  • 8:54 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Sivratri 2026 Shiv Aarti: शिव जी की आरती

  • 8:36 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महाशिवरात्रि श्लोक (Maha Shivratri Shlok)

    1. सत सृष्टि तांडव रचयिता नटराज राज नमो नमः ।

    हे आद्य गुरु शंकर पिता नटराज राज नमो नमः ॥

    2. ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं
    रत्नाकल्पोज्ज्वलाङ्गं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम् ।
    पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं
    विश्वाद्यं विश्ववन्द्यं निखिलभयहरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम् ॥

    3. अखर्वसर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी- रसप्रवाहमाधुरीविजृम्भणामधुव्रतम्।
    स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे॥

    4. न धर्मो न चार्थो न कामो न मोक्षः
    चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥

    5. मंदाकिनी सलिल चन्दन चर्चिताय
    नन्दी श्वर प्रमथ नाथ महेश्वराय।
    मन्दार पुष्प बहुपुष्प सु पूजिताय
    तस्मै मकाराय नमः शिवाय॥

  • 8:05 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महाशिवरात्रि हवन विधि (Maha Shivratri Havan Vidhi)

    • सबसे पहले शुद्धिकरण करें। इसके लिए स्नान करके उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
    • फिर कपूर की मदद से हवन कुंड में अग्नि जलाएं और बोलें- ॐ अग्नये नमः।
    • फिर घी की आहुति देनी है। शुरू में 3 बार हवन की अग्नि में घी डालें। साथ ही ॐ प्रजापतये स्वाहा, ॐ इन्द्राय स्वाहा, ॐ अग्नये स्वाहा बोलें।
    • इसके बाद नीचे दिए गए मंत्रों के साथ 11, 21 या 108 बार सामग्री चढ़ाएं। आप भगवान शिव के किसी भी मंत्र का जाप करते हुए हवन में आहुति दे सकते हैं।
    • अंत में हवन कुंड में नारियल या बचा हुआ घी डालकर शिव जी की आरती करें।

    महाशिवरात्रि हवन मंत्र (Maha Shivratri Havan Mantra)

    • महामृत्युंजय मंत्र- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् स्वाहा॥
    • शिव पञ्चाक्षरी मंत्र- ॐ नमः शिवाय स्वाहा॥
    • बीज मंत्र- ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय स्वाहा॥
  • 7:44 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए? (Maha Shivratri Vrat Food)

    महाशिवरात्रि के व्रत में सात्विक और फलाहार भोजन ग्रहण किया जाता है। जानें इस व्रत में किन-किन चीजों का सेवन कर सकते हैं।

    • फल 
    • दूध 
    • दही औप पनीर
    • चाय
    • कॉफी
    • चीनी
    • साबूदाना – साबूदाना खिचड़ी या वड़ा
    • कुट्टू या सिंहाड़े का आटा - पूड़ी या पकौड़ी
    • राजगिरा (रामदाना) 
    • आलू से बने व्यंजन 
    • मखाना
    • मूंगफली
    • सूखे मेवे
    • सेंधा नमक
    • टमाटर और जीरा
    • देसी घी
  • 7:18 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महा शिवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट (Maha Shivratri Puja Samagri List)

    बेलपत्र, अक्षत, गाय का दूध, पान के पत्ते, सुपारी, जनेऊ, चावल, शक्कर, सफेद बूरा, शहद, इलाइची, लौंग, गंगाजल, मदार के फूल, धतूरा, भांग, सफेद फूल, पांच प्रकार के मौसमी फल, फूल, माला, शमी के पत्ते, केसर, इत्र, सफेद चंदन, गन्ने का रस, मिठाई या चूरमा का भोग।

  • 7:05 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Bhagwan Shiv Ke Bhajan: भगवान शिव के भजन

  • 6:50 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महाशिवरात्रि व्रत कथा (Maha Shivratri Vrat Katha)

    प्राचीन समय में चित्रभानु नाम का एक शिकारी रहता था। वह जंगल में शिकार करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। कर्ज न चुका पाने के कारण एक साहूकार ने उसे शिव-मठ में बंदी बना लिया। संयोग से उसी दिन शिवरात्रि थी। मठ में बंद रहते हुए उसने शिव भक्ति से जुड़ी बातें सुनीं और व्रत कथा भी उसके कानों में पड़ी। संध्या के समय में साहूकार ने उसे बुलाकर कर्ज चुकाने को कहा। शिकारी ने अगले दिन पूरा ऋण लौटाने का वचन दिया। साहूकार ने उसे छोड़ दिया। भूख और प्यास से व्याकुल शिकारी शिकार की तलाश में जंगल की ओर निकल पड़ा

    सूर्यास्त के समय वह एक जलाशय के पास पहुंचा। वहीं बेल के पेड़ पर चढ़कर उसने मचान बना ली। उसे नहीं पता था कि उसी पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थित है, जो सूखे बेलपत्रों से ढका हुआ था। मचान बनाते समय उससे जो टहनियां टूटीं, वे नीचे शिवलिंग पर गिर पड़ीं। अनजाने में ही सही उसका शिवरात्रि का व्रत और उसकी पहले प्रहर की पूजा संपन्न हो गई।

    रात्रि का पहला पहर बीतने पर एक गर्भिणी हिरणी वहां पानी पीने आई। शिकारी ने धनुष उठाया, लेकिन तभी उसके हाथ से कुछ पत्ते और जल की बूंदें फिर से नीचे शिवलिंग पर गिर पड़ीं। हिरणी ने दया की याचना करते हुए कहा कि वह प्रसव के बाद लौट आएगी। शिकारी का मन पिघल गया और उसने उसे जाने दिया। कुछ समय बाद दूसरी हिरणी आई। शिकारी ने फिर तीर साधा। इस बार भी बेलपत्र शिवलिंग पर गिर पड़े और दूसरे पहर की पूजा भी अनजाने में पूरी हो गई। हिरणी ने अपने प्रिय से मिलकर लौटने का वचन दिया। शिकारी ने उसे भी जीवनदान दे दिया।

    रात्रि के अंतिम भाग में तीसरी हिरणी अपने बच्चों के साथ आई। शिकारी ने उसे भी मारने का विचार किया, लेकिन मृगी बोली मैं इन बच्चों को इनके पिता के हवाले करके लौट आऊंगी। इस समय मुझे मत मारो। मां की ममता देखकर उसका हृदय द्रवित हो उठा। उसने तीसरी हिरणी को भी जाने दिया। इस दौरान बेलपत्र गिरते रहे और तीसरे पहर की पूजा भी अपने आप संपन्न हो गई।

    भोर होने को थी कि एक हृष्ट-पुष्ट हिरण वहां आया। उसने विनम्र स्वर में कहा कि यदि शिकारी ने उसकी पत्नी और बच्चों को जीवित छोड़ा है, तो वह उसे भी कुछ समय के लिए जीवनदान दे दे। हिरण की सच्चाई और वचनबद्धता देखकर शिकारी का हृदय पूरी तरह बदल गया। उसने धनुष-बाण त्याग दिए। कुछ ही देर बाद वह हिरण वादे के अनुसार अपने पूरे परिवार के साथ लौट आया। उनकी सत्यनिष्ठा और आपसी प्रेम देखकर शिकारी की आंखों से आंसू बह निकले। उसने प्रण लिया कि वह जीवन में अब कभी हिंसा नहीं करेगा। उसी क्षण देवताओं ने उसकी परीक्षा को सफल माना।

    तभी भगवान शिव प्रकट हुए और शिकारी को आशीर्वाद दिया। उसकी करुणा से प्रसन्न होकर उसे नया जीवन पथ अपनाने का वरदान मिला और उसे 'गुह' नाम प्रदान हुआ। यही गुह आगे चलकर भगवान श्रीराम का सखा बना। इस प्रकार महाशिवरात्रि के व्रत, रात्रि जागरण और अनजाने में हुई पूजा ने एक कठोर हृदय वाले शिकारी को दयालु और धर्मपरायण बना दिया। ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव! 

  • 6:35 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri Bhajan: महाशिवरात्रि भजन

    आशुतोष शशांक शेखर

    आशुतोष शशांक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा,
    कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा।।

    निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव,
    जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा।।

    निरंकार स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा,
    दयानिधि दानिश्वर जय, जटाधार अभयंकरा।।

    शूल पानी त्रिशूल धारी, औगड़ी बाघम्बरी,
    जय महेश त्रिलोचनाय, विश्वनाथ विशम्भरा।।

    नाथ नागेश्वर हरो हर, पाप साप अभिशाप तम,
    महादेव महान भोले, सदा शिव शिव संकरा।।

    जगत पति अनुरकती भक्ति, सदैव तेरे चरण हो,
    क्षमा हो अपराध सब, जय जयति जगदीश्वरा।।

    जनम जीवन जगत का, संताप ताप मिटे सभी,
    ओम नमः शिवाय मन, जपता रहे पञ्चाक्षरा।।

    आशुतोष शशांक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा,
    कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,कोटि नमन दिगम्बरा ।।
    कोटि नमन दिगम्बरा
    कोटि नमन दिगम्बरा
    कोटि नमन दिगम्बरा

  • 11:57 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    Maha Shivratri 2026 Puja Muhurat Live: महा शिवरात्रि 2026 पूजा मुहूर्त

    महा शिवरात्रि की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 15 फरवरी 2026 की देर रात 12 बजकर 9 मिनट से रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। ये निशिता काल है जो शिवरात्रि पूजन के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा कई लोग रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा करते है इसलिए आगे हम आपको बताएंगे चार प्रहर की पूजा का सही समय।

  • 11:57 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    Maha Shivratri 2026 Live: महाशिवरात्रि व्रत कब तक रखते हैं?

    महाशिवरात्रि व्रत अगले दिन की सुबह तक रखते हैं। सुबह सूर्योदय के बाद भगवान की पूजा करके व्रत खोल लेते हैं।

  • 11:45 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    Maha Shivratri 2026 Live: महाशिवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?

    फल: केला, सेब, पपीता, अनार
    दूध और दूध से बनी चीजें: दूध, दही, छाछ
    साबूदाना खिचड़ी
    कुट्टू के आटे की रोटी या पकौड़ी
    सिंघाड़े के आटे की पूड़ी/पराठा
    मूंगफली, मखाना, काजू-बादाम
    सेंधा नमक 
    नारियल पानी
    नींबू पानी

  • 11:34 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    Maha Shivratri 2026 Bhajan: शिव शंकर को जिसने पूजा भजन लिरिक्स

    शिव शंकर को जिसने पूजा,
    उसका ही उद्धार हुआ ।
    अंत काल को भवसागर में,
    उसका बेडा पार हुआ ॥
    भोले शंकर की पूजा करो,
    ध्यान चरणों में इसके धरो ।
    हर हर महादेव शिव शम्भू,
    हर हर महादेव शिव शम्भू ।
    हर हर महादेव शिव शम्भू...

    डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
    दीन दुखियों का देता जगत का पिता ॥
    सब पे करता है ये भोला शंकर दया
    सबको देता है ये आसरा ॥

    इन पावन चरणों में अर्पण,
    आकर जो इक बार हुआ,
    अंतकाल को भवसागर में,
    उसका बेडा पार हुआ,
    हर हर महादेव शिव शम्भू,
    हर हर महादेव शिव शम्भू ।
    हर हर महादेव शिव शम्भू...

    नाम ऊँचा है सबसे महादेव का,
    वंदना इसकी करते है सब देवता ।
    इसकी पूजा से वरदान पातें हैं सब,
    शक्ति का दान पातें हैं सब।

    नाथ असुर प्राणी सब पर ही,
    भोले का उपकार हुआ ।
    अंत काल को भवसागर में,
    उसका बेडा पार हुआ॥

    शिव शंकर को जिसने पूजा,
    उसका ही उद्धार हुआ ।
    अंत काल को भवसागर में,
    उसका बेडा पार हुआ ॥

    भोले शंकर की पूजा करो,
    ध्यान चरणों में इसके धरो ।
    हर हर महादेव शिव शम्भू,
    हर हर महादेव शिव शम्भू ।
    हर हर महादेव शिव शम्भू...

  • 11:17 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    Maha Shivratri 2026 Shiv Ji Ki Aarti: शिव जी की आरती

    ॐ जय शिव ओंकारा,
    स्वामी जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
    अर्द्धांगी धारा ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    एकानन चतुरानन
    पंचानन राजे ।
    हंसासन गरूड़ासन
    वृषवाहन साजे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    दो भुज चार चतुर्भुज
    दसभुज अति सोहे ।
    त्रिगुण रूप निरखते
    त्रिभुवन जन मोहे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    अक्षमाला वनमाला,
    मुण्डमाला धारी ।
    चंदन मृगमद सोहै,
    भाले शशिधारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    श्वेताम्बर पीताम्बर
    बाघम्बर अंगे ।
    सनकादिक गरुणादिक
    भूतादिक संगे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    कर के मध्य कमंडल
    चक्र त्रिशूलधारी ।
    सुखकारी दुखहारी
    जगपालन कारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
    जानत अविवेका ।
    प्रणवाक्षर में शोभित
    ये तीनों एका ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    त्रिगुणस्वामी जी की आरति
    जो कोइ नर गावे ।
    कहत शिवानंद स्वामी
    सुख संपति पावे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    लक्ष्मी व सावित्री
    पार्वती संगा ।
    पार्वती अर्द्धांगी,
    शिवलहरी गंगा ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    पर्वत सोहैं पार्वती,
    शंकर कैलासा ।
    भांग धतूर का भोजन,
    भस्मी में वासा ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    जटा में गंग बहत है,
    गल मुण्डन माला ।
    शेष नाग लिपटावत,
    ओढ़त मृगछाला ॥
    जय शिव ओंकारा...॥

    काशी में विराजे विश्वनाथ,
    नंदी ब्रह्मचारी ।
    नित उठ दर्शन पावत,
    महिमा अति भारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा...॥

    ॐ जय शिव ओंकारा,
    स्वामी जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
    अर्द्धांगी धारा ॥

  • 10:28 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    Maha Shivratri 2026 Live: श्री शिवमङ्गलाष्टकम् (Shiv Mangalashtakam)

    भवाय चन्द्रचूडाय निर्गुणाय गुणात्मने ।
    कालकालाय रुद्राय नीलग्रीवाय मङ्गलम् ॥ १ ॥

    वृषारूढाय भीमाय व्याघ्रचर्माम्बराय च ।
    पशूनां पतये तुभ्यं गौरीकान्ताय मङ्गलम् ॥ २ ॥

    भस्मोद्धूलितदेहाय व्यालयज्ञोपवीतिने ।
    रुद्राक्षमालाभूषाय व्योमकेशाय मङ्गलम् ॥ ३ ॥

    सूर्यचन्द्राग्निनेत्राय नमः कैलासवासिने ।
    सच्चिदानन्दरूपाय प्रमथेशाय मङ्गलम् ॥ ४ ॥

    मृत्युंजयाय सांबाय सृष्टिस्थित्यन्तकारिणे ।
    त्र्यंबकाय सुशान्ताय त्रिलोकेशाय मङ्गलम् ॥ ५ ॥

    गंगाधराय सोमाय नमो हरिहरात्मने ।
    उग्राय त्रिपुरघ्नाय वामदेवाय मङ्गलम् ॥ ६ ॥

    सद्योजाताय शर्वाय दिव्यज्ञानप्रदायिने ।
    ईशानाय नमस्तुभ्यं पञ्चवक्त्राय मङ्गलम् ॥ ७ ॥

    सदाशिवस्वरूपाय नमस्तत्पुरुषाय च ।
    अघोरायच घोराय महादेवाय मङ्गलम् ॥ ८ ॥

    मङ्गलाष्टकमेतद्वै शंभोर्यः कीर्तयेद्दिने ।
    तस्य मृत्युभयं नास्ति रोगपीडाभयं तथा ॥ ९ ॥

  • 10:28 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    Maha Shivratri 2026 Live: श्री शिवमङ्गलाष्टकम् (Shiv Mangalashtakam)

    भवाय चन्द्रचूडाय निर्गुणाय गुणात्मने ।
    कालकालाय रुद्राय नीलग्रीवाय मङ्गलम् ॥ १ ॥

    वृषारूढाय भीमाय व्याघ्रचर्माम्बराय च ।
    पशूनां पतये तुभ्यं गौरीकान्ताय मङ्गलम् ॥ २ ॥

    भस्मोद्धूलितदेहाय व्यालयज्ञोपवीतिने ।
    रुद्राक्षमालाभूषाय व्योमकेशाय मङ्गलम् ॥ ३ ॥

    सूर्यचन्द्राग्निनेत्राय नमः कैलासवासिने ।
    सच्चिदानन्दरूपाय प्रमथेशाय मङ्गलम् ॥ ४ ॥

    मृत्युंजयाय सांबाय सृष्टिस्थित्यन्तकारिणे ।
    त्र्यंबकाय सुशान्ताय त्रिलोकेशाय मङ्गलम् ॥ ५ ॥

    गंगाधराय सोमाय नमो हरिहरात्मने ।
    उग्राय त्रिपुरघ्नाय वामदेवाय मङ्गलम् ॥ ६ ॥

    सद्योजाताय शर्वाय दिव्यज्ञानप्रदायिने ।
    ईशानाय नमस्तुभ्यं पञ्चवक्त्राय मङ्गलम् ॥ ७ ॥

    सदाशिवस्वरूपाय नमस्तत्पुरुषाय च ।
    अघोरायच घोराय महादेवाय मङ्गलम् ॥ ८ ॥

    मङ्गलाष्टकमेतद्वै शंभोर्यः कीर्तयेद्दिने ।
    तस्य मृत्युभयं नास्ति रोगपीडाभयं तथा ॥ ९ ॥

  • 8:20 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    12 ज्योतिर्लिंग स्तुति

    सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् ।
    उज्जयिन्यां महाकालम्ॐकारममलेश्वरम् ॥१॥

    परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमाशंकरम् ।
    सेतुबंधे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥२॥

    वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे ।
    हिमालये तु केदारम् घुश्मेशं च शिवालये ॥३॥

    एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः ।
    सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति ॥४॥

  • 6:48 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026 Live: शिव ध्यान मंत्र

    ध्याये नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारूचंद्रां वतंसं।

    रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम।।

    पद्मासीनं समंतात् स्तुततममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं।

    विश्वाद्यं विश्वबद्यं निखिलभय हरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्।।

  • 6:34 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026 Shivling Puja Vidhi: पार्थिल शिवलिंग पूजा विधि

    पार्थिव शिवलिंग बनाकर उसका गंगाजल से शुद्धिकरण अवश्य करें।
    फिर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
    फिर दूध, दही, घी, शहद, शक्कर आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें।
    इसके बाद उस पर बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, पुष्प आदि चढ़ाएं।
    फिर दीपक और धूप जलाएं।
    भोग लगाएं और शिव चालीसा का पाठ करें।
    अंत में भगवान शिव की आरती करें।

  • 6:20 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026: महामृत्युंजय मंत्र

    ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व:

    ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

    ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

    ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।

  • 5:56 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026 Shivling Puja Mantra: शिवलिंग पूजा मंत्र

    मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम् ।

    तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम् ॥

    श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः। स्नानीयं जलं समर्पयामि।

  • 5:45 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026 Daan: महाशिवरात्रि के दिन क्या दान करना करें

    महाशिवरात्रि के दिन जरूरतमंदों को दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन काले तिल और चावल का दान करने से पितृदोष समाप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

  • 5:30 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026: ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव मंत्र

    • ॐ नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव

    अर्थ- इस मंत्र का मतलब है मैं पार्वती के पति महादेव को प्रणाम करता हूं या करती हूं।

  • 4:40 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026 Fasting Rules: महाशिवरात्रि व्रत के नियम

    • महाशिवरात्रि व्रत में अन्न नहीं खाना है।
    • फलाहारी भोजन का सेवन कर सकते हैं।
    • सेंधा नमक खा सकते हैं।
    • व्रत रखने वाले लोग रात्रि जागरण जरूर करें।
    • इस दिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र जरूर चढ़ाना चाहिए।
  • 4:03 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Maha Shivratri 2026 Puja Mantra: शिवरात्रि पूजा मंत्र

    • ॐ नमः शिवाय
    • ॐ ह्रीं ह्रौं नम: शिवाय॥
    • ॐ पार्वतीपतये नम:॥
    • ॐ पशुपतये नम:॥
    • ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नम: ॐ ॥
  • 3:15 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कब कराएं

    महाशिवरात्रि पर आप किसी भी समय रुद्राभिषेक करा सकते हैं। लेकिन अगर अभिषेक कराने के सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो रात 12 बजे से 1 बजे तक रहेगा।

  • 2:48 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026 Live: महाशिवरात्रि पर बेलपत्र तोड़ सकते हैं?

    शास्त्रों के अनुसार सोमवार और चतुर्दशी तिथि को बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। महाशिवरात्रि स्वयं चतुर्दशी को पड़ती है, इसलिए इस दिन बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना गया है। आवश्यकता होने पर बेलपत्र एक दिन पहले तोड़कर रख लेना चाहिए। मान्यता है कि इन दिनों बेलपत्र तोड़ने से भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमों का पालन करते हुए बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

  • 2:05 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri Puja Samagri: महाशिवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट

    • जल या गंगाजल
    • दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत)
    • बेलपत्र (तीन पत्तों वाला)
    • धतूरा, भांग
    • आक/कनेर के फूल, सफेद फूल
    • धूप, दीपक, कपूर
    • चंदन, रोली, अक्षत (चावल)
    • फल, मिठाई, नैवेद्य
    • कलश, लोटा, तांबे/पीतल का पात्र
    • रुद्राक्ष की माला, अगरबत्ती
  • 1:49 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026 (Rudra Abhishek Pooja Ki Samagri): रुद्राभिषेक पूजन सामग्री

    जिस द्रव्य से रुद्राभिषेक कराना है वो पर्याप्त मात्रा में आपके पास होना चाहिए। जैसे अगर दूध से करा रहे हैं तो कम से कम 3-4 लीटर दूध आपके पास होना चाहिए। अगर गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करा रहे हैं तो भी इतना ही गन्ने का रस आपके पास होना चाहिए। इसके अलावा बेलपत्र, शुद्ध जल, घी, पान, सुपारी, कच्चा दूध, दही, शहद, गुलाब जल, नारियल, दीपक, बत्ती, अगर बत्ती, कपूर, शृंगी, धूप, मौली, भांग, मेवा, मिठाई और धतूरा इत्यादि सामान की जरूरत पड़ेगी

  • 1:18 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महाशिवरात्रि के मंत्र (Maha Shivratri Mantra)

    • ॐ ऊर्ध्व भू फट् । ॐ नमः शिवाय । ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय ।
    • ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा ।
    • ॐ इं क्षं मं औं अं । ॐ प्रौं ह्रीं ठः ।
    • ॐ नमो नीलकण्ठाय । ॐ पार्वतीपतये नमः । ॐ पशुपतये नम:।
  • 1:07 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    महाशिवरात्रि व्रत की पूजा का मुहूर्त 2026 (Maha Shivratri Vrat Puja Muhurat 2026)

    • निशिता काल पूजा समय - 15 फरवरी 2026 की देर रात 12:09 से 01:01 बजे तक
    • रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 06:11 पी एम से 09:23 पी एम
    • रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:23 पी एम से 12:35 ए एम, फरवरी 16
    • रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:35 ए एम से 03:47 ए एम, फरवरी 16
    • रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:47 ए एम से 06:59 ए एम, फरवरी 16
  • 12:40 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर जल चढ़ाने का समय

    महाशिवरात्रि पर जल किसी भी समय चढ़ा सकते हैं। लेकिन अगर जल चढ़ाने के सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो मुहूर्त 15 फरवरी 2026 की शाम 06:11 से देर रात 01:01 बजे तक रहेगा।

  • 12:16 PM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Shivratri Ke Din Baal Dhona Chahiye: शिवरात्रि के दिन बाल धोना चाहिए?

    शिवरात्रि के दिन बाल धोने में कोई मनाही नहीं है। सिर्फ उन व्रतों में बाल नहीं धोए जाते जो व्रत पति के लिए रखे जाते हैं।

  • 11:58 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri Vrat Vidhi: महाशिवरात्रि व्रत विधि

    • महाशिवरात्रि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।  
    • फिर भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें।
    • दिन भर व्रत रहें और अन्न का सेवन बिल्कुल भी न करें।
    • इस दिन फलाहारी भोजन का सेवन कर सकते हैं।
    • शाम में फिर से पूजा करें और महाशिवरात्रि की कथा पढ़ें या सुनें।
    • रात्रि में जागरण करें और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें।
    • इस दिन रुद्राभिषेक जरूर करें।
    • फिर अगले दिन सुबह 7 बजे के बाद अपना व्रत खोल लें।
  • 11:42 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Maha Shivratri 2026 Nishita Kaal Muhurat: निशिता काल पूजा समय

    महाशिवरात्रि निशिता काल पूजा समय 12:09 ए एम से 01:01 ए एम, फरवरी 16