Navpancham Yog: नवपंचम योग 20 मई की रात को चंद्रमा के कर्क राशि में प्रवेश के साथ बनेगा। चंद्रमा का गोचर 20 मई की रात 10 बजकर 40 मिनट पर होगा। आपको बता दें कि वर्तमान में शनि मीन राशि में हैं जिसके स्वामी गुरु हैं, शनि-गुरु आपस में तटस्थ हैं। वहीं चंद्रमा अपनी स्वराशि में 20 तारीख को गोचर कर रहे हैं। यानि शनि और गुरु दोनों की स्थिति नवपंचम योग के दौरान अच्छी होगी। ऐसे में शनि-चंद्रमा एक दूसरे के शत्रु होने के बावजूद भी कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ फलदायी साबित हो सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इन राशियों के बारे में।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लोगों के लिए नवपंचम योग बेहद शुभ साबित हो सकता है क्योंकि चंद्रमा आपके पराक्रम भाव को सक्रिय करेंगे वहीं शनि आपके लाभ भाव में विराजमान हैं। आपकी मानसिक क्षमता मजबूत होगी और शिक्षा-करियर के क्षेत्र में आप उन्नति पाएंगे। धन लाभ के बेहद अच्छे अवसर आपको नवपंचम योग के बाद मिल सकते हैं, कोई करीबी शख्स धनलाभ का कारण बन सकता है। सेहत में अच्छे बदलाव देखने को मिलेंगे और साथ ही आध्यात्मिक गतिविधियों में भी आपका झुकाव बढ़ सकता है। जो लोग राजनीति या फिर सामाजिक कार्यों में कार्यरत हैं उन्हें सम्मान मिलने की संभावना है।
कर्क राशि
चंद्रमा नवपंचम योग के दौरान आपके प्रथम भाव में होंगे और शनि देव आपके नवम भाव में। ऐसे में नवपंचम योग के चलते आपको आर्थिक पक्ष में बेहद अच्छे बदलाव दिख सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश करने वालों को अचानक से जबरदस्त रिटर्न प्राप्त हो सकता है। रोजगार की तलाश में लगे लोगों को अच्छी जगह पर नौकरी मिल सकती है और आशा के अनुसार आमदनी मिलने के योग भी हैं। पारिवारिक जीवन में भी अच्छे बदलाव इस राशि के जातक देख सकते हैं। गिलेशिकवे दूर हो सकते हैं। कुछ लोग वाहन सुख पा सकते हैं।
कन्या राशि
नवपंचम योग के दौरान चंद्रमा की स्थिति आपके लिए बेहद शुभ साबित होगी। आपके एकादश भाव में बैठे चंद्रमा आपको कारोबार में बंपर धन लाभ दिला सकते हैं। वहीं नौकरी पेशा लोगों को भी अनुकूल परिणाम मिलेंगे। आपका बैंक बैलेंस बढ़ सकता है। माता-पिता के साथ भी अच्छा समय बिताने का आपको मौका मिलेगा। संतान पक्ष से कोई अच्छा समाचार प्राप्त हो सकता है। आपकी जो योजनाएं लंबे समय से अटकी हुई थीं वो भी शुरू हो सकती हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा क्षेत्र में उन्नति के अवसर मिलेंगे।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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