A
Hindi News धर्म Panchak Niyam: ये पंचक होते हैं सबसे ज्यादा अशुभ, इन बातों का रखें खास ध्यान

Panchak Niyam: ये पंचक होते हैं सबसे ज्यादा अशुभ, इन बातों का रखें खास ध्यान

Panchak January 2026: पंचक 5 दिनों तक रहता है। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। आपको बता दें कि पंचक कई प्रकार के होते हैं और सप्ताह के दिन के हिसाब से पंचक की शुभ और अशुभ तय की जाती है।

पंचक नियम- India TV Hindi Image Source : FILE IMAGE पंचक नियम

Panchak Niyam: हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ समय माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य भूलकर भी नहीं करना चाहिए। कहते हैं कि पंचक में शुभ काम करने से अशुभ परिणाम मिलते हैं। साथ ही पंचक में किए गए किसी भी काम में असफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। हर माह में पंचक आता है। पंचक पूरे पांच दिनों तक रहता है। पंचांग के अनुसार, 20 जनवरी को 1:30 AM पर पंचक शुरू होगा। पंचांग का समापन 25 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर होगा। पूरे पांच दिनों तक कोई मांगलिक कार्य संपन्न नहीं होंगे। आपको बता दें कि पंचक कई प्रकार के होते हैं। सप्ताह के दिन के हिसाब से पंचक की शुभता और अशुभता तय की जाती है। तो आइए जानते हैं कि पंचक कितने प्रकार के होते हैं और इस दौरान किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए।

पंचक कितने प्रकार के होते हैं?

  1. रोग पंचक- रविवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है। यह पंचक मानसिक तनाव देने वाला होता है।
  2. राज पंचक- सोमवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक कहा जाता है। इस पंचक को शुभ माना गया है। 
  3. अग्नि पंचक- मंगलवार के दिन से शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहा जाता है। इस पंचक को अशुभ माना जाता है। 
  4. चोर पंचक- जो पंचक शुक्रवार से आरंभ होता है उसे चोर पंचक कहा जाता है। इस दौरान यात्रा नहीं करना चाहिए। 
  5. मृत्यु पंचक- शनिवार के दिन से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा जाता है। इस पंचक को बहुत ज्यादा अशुभ माना गया है। शास्त्रों में इस पंचक को बेहद कष्टकारी माना गया है। इस दौरान दुर्घटना होने की संभावना अधिक रहती है इसलिए इस पंचक में जोखिम भरे कार्यों को करने से मना किया जाता है।

पंचक के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • पंचक में घर की छत नहीं लगवानी चाहिए।
  • पंचक के दौरान लकड़ी का कार्य करवाना वर्जित माना गया है।
  • पंचक में  लकड़ी की चारपाई या पलंग बनवाना भी अशुभ माना जाता है। 
  • पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए।
  • पंचक में घर का निर्माण नहीं करना चाहिए।
  • पंचक के दौरान गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य भी नहीं किया जाता है।
  • पंचक में यदि किसी की मृत्यु हो गई है तो उसके अंतिम संस्कार ठीक ढंग से न किया गया तो पंचक दोष लग सकता।
  • पंचक के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कुश के 5 पुतलों का भी दाह संस्कार किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा न करने से परिवार के लोगों पर मृत्यु का संकट मंडराता रहता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।) 

ये भी पढ़ें-

Basant Panchami 2026 Yog: बसंत पंचमी के दिन बन रहा दुर्लभ संयोग, इस मुहूर्त में पूजा करने से मिलेगी मां सरस्वती की विशेष कृपा

इन 4 राशियों के लिए शुभ नहीं होता है काला धागा, गलती से भी न करें धारण, वरना मुश्किलों से भर जाएगा जीवन