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Hindi News धर्म वास्तु टिप्स Vastu Shastra: गलत दिशा में दरवाजा फिर भी नहीं लगेगा दोष, वास्तु के इन नियमों से फ्लैट बन जाएगा शुभ, जानें खिड़की-बालकनी की सही दिशा

Vastu Shastra: गलत दिशा में दरवाजा फिर भी नहीं लगेगा दोष, वास्तु के इन नियमों से फ्लैट बन जाएगा शुभ, जानें खिड़की-बालकनी की सही दिशा

South Facing Flat Vastu Tips: दक्षिण दिशा में फ्लैट का मुख्य दरवाजा कब अशुभ नहीं माना जाता और किन हालात में उसका दोष समाप्त हो जाता है? चलिए जानते हैं इस पर क्या कहता है वास्तु शास्त्र। साथ ही जानेंगे कि खिड़कियां और बालकनी किस दिशा में हों तो फ्लैट में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहती है।

South Facing Flat Vastu- India TV Hindi Image Source : PEXELS साउथ फेसिंग फ्लैट वास्तु शास्त्र

South Facing Flat Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर की दिशा, बनावट और खुलने का सीधा प्रभाव वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ता है। खासतौर पर फ्लैट में रहने वाले लोग अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनका मुख्य दरवाजा किस दिशा में खुल रहा है और उसका उनके सुख, शांति और समृद्धि पर क्या असर पड़ता है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि अगर फ्लैट का मेन डोर दक्षिण दिशा में हो, तो किन परिस्थितियों में वह शुभ माना जाता है और कब उसका नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाता है। साथ ही खिड़कियों और बालकनी की सही दिशा भी जानेंगे।

दक्षिण दिशा में खुलने वाला मुख्य दरवाजा

  1. वास्तु शास्त्र में आज हम बात कर रहे हैं दक्षिण दिशा में फ्लैट के मुख्य दरवाजे के बारे में। आमतौर पर दक्षिण दिशा में खुलने वाले मुख्य दरवाजे को लेकर लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं होती हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार हर स्थिति में यह दरवाजा अशुभ नहीं होता।
  2. अगर दक्षिण दिशा में खुलने वाला मुख्य दरवाजा किसी गैलरी में खुलता हो, उसके सामने खुला हुआ स्पेस न हो और दरवाजे के ठीक सामने दीवार मौजूद हो, जो उसे ब्लॉक कर रही हो, तो ऐसी स्थिति में दक्षिण दिशा से जुड़े वास्तु दोष फ्लैट के मालिक को नहीं मिलते। इसका अर्थ यह है कि दक्षिण दिशा के बुरे प्रभाव उस घर पर असर नहीं डालते।

खिड़कियों और बालकनी की दिशा

  1. अब बात करते हैं खिड़कियों और बालकनी की। खिड़कियों का वास्तु में विशेष महत्व बताया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फ्लैट में मुख्य द्वार से भी ज्यादा ध्यान खिड़कियों और बालकनी की दिशा पर देना चाहिए, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से ऊर्जा का प्रवेश और प्रवाह होता है।
  2. जिस फ्लैट की अधिकतर खिड़कियां पूर्व, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में खुलती हों, वह फ्लैट बेहद शुभ माना जाता है, चाहे उस घर का मुख्य दरवाजा पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में न भी खुलता हो। यही नियम बालकनी के लिए भी लागू होता है।
  3. उत्तर दिशा, पूर्व दिशा और उत्तर-पूर्व दिशा में बनी बालकनी को अत्यंत शुभ माना गया है। वहीं, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण दिशा में बालकनी होना भी स्वीकार्य है, लेकिन इसके लिए यह जरूरी है कि उनके विपरीत दिशा में उतनी ही बड़ी या उससे बड़ी बालकनी मौजूद हो, ताकि ऊर्जा संतुलित बनी रहे।
  4. हालांकि, वास्तु शास्त्र में यह स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी स्थिति में दक्षिण-पश्चिम दिशा में कोई बालकनी, कोई खिड़की या किसी भी तरह की ओपनिंग नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे घर में नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकते हैं।

वास्तु शास्त्र में यह चर्चा दक्षिण दिशा में फ्लैट के मुख्य दरवाजे को लेकर थी। उम्मीद है कि आप इन वास्तु सुझावों को अपनाकर अपने फ्लैट में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रख पाएंगे।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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