नई दिल्ली: आईसीसी के बैनर तले टी-20 विश्व कप प्रतियोगिता हाल ही में संपन्न हुई है। इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत ने की। महिलाओं और पुरुषों दोनों के मुकाबले साथ ही साथ शुरु हुए और एक ही ग्राउंड में खिताबी मुकाबले के साथ संपन्न हुए। दिलचस्प बात यह है कि इस टूर्नामेंट में एक ही देश (वेस्टइंडीज) ने महिला और पुरुष दोनों वर्गों में खिताब पर कब्जा जमाया है। इस बड़े टूर्नामेंट में महिला और पुरुष दोनों वर्गों की तरफ से शानदार खेल देखने को मिला, लेकिन मित्रों यहां पर एक सवाल उठता है कि क्या कभी भविष्य में ऐसा संभव है कि महिलाओं और पुरुषों का आपस में एक मैच हो सके। महिला बनाम पुरुष क्रिकेट मैच क्या संभव है। दोस्तों क्वेरा पर पूछे गए एक सवाल पर दिए गए जवाब के आधार पर इस स्टोरी को तैयार किया गया है। आंकड़ों के आधार पर इस सवाल का सार्थक जवाब देने की कोशिश की गई है।
जरा आंकड़ों पर नजर डालें:
महिला वर्ग में अब तक फेंकी गई सबसे तेज गेंद की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रतिघंटे की है। यह गेंद कैथ्रिन लौरेन फिट्जपैट्रिक ने फेंकी थी। अगर विराट कोहली अपना सर्वश्रेष्ठ करते हुए गेंदबाजी करें तो शायद वो भी इस रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं।
वहीं अगर पुरुषों की बात की जाए तो अब तक फेंकी गई सबसे तेज गेंद की रफ्तार 161.3 किलोमीटर/ घंटे थी, जिसे शोएब अख्तर ने फेंका था। एक चीता भी जब अपने सर्वश्रेष्ठ पर होता है तो वो 41.3 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ही भाग पाता है।
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