मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से हो तो जोश दोगुना हो जाता है, जीत की भूख और बढ़ जाती है, सेंचुरी, डबल सेंचुरी में तब्दील हो जाती है और यहां तक कि छोटी पारियों की आवाज़ भी दूर तक जाती है।
2012 में एडिलेड टेस्ट में शतक ठोकने के बाद विराट कोहली का वो जोशीला अंदाज़ देखते ही बनता था। .इन दिनों दुनिया भर में अपनी बैटिंग से तहलका मचाने वाले विराट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में ही अपनी पहली टेस्ट सेंचुरी लगाई थी और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर देखा ही नहीं। अगर विराट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बैटिंग कर रहे हो फिर तो वो सुपर मैन बन जाते हैं। साल 2014-15 के दौरे पर तो विराट ने 4 शतक लगाए थे। टेस्ट में विराट का औसत 51.75 का है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका ये औसत 60 से ज़्यादा (60.76) हो जाता है। विराट ने अब तक टेस्ट में 16 शतक लगाए हैं। जिसमें से 6 शतक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही लगाए हैं।
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सिर्फ विराट कोहली ही नहीं टीम इंडिया के बाक़ी बल्लेबाज़ भी ऑस्ट्रोलिया के खिलाफ अलग तेवर के साथ खेलते हैं। ओपनर मुरली विजय ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही अपनी टेस्ट की सबसे बड़ी पारी खेली है। उन्होंने 2013 में हैदराबाद टेस्ट में 167 रनों की पारी खेली थी। टेस्ट में विजय का औसत महज 40.67 का है... लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये बढ़कर 61.15 का हो जाता है। इतना ही नहीं अब तक 48 टेस्ट खेल चुके मुरली विजय का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ के मुकाबले सबसे अच्छा औसत है।
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ रन औसत (कम से कम 1000 रन)
| बल्लेबाज़ |
औसत |
| मुरली विजय |
61.15 |
| विराट कोहली |
60.76 |
| सचिन तेंदुलकर |
55.00 |
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