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Duleep Trophy को लेकर BCCI का यू-टर्न, अब इस फॉर्मेट पर खेला जाएगा टूर्नामेंट

दलीप ट्रॉफी को लेकर बीसीसीआई ने यू टर्न लिया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने दलीप ट्रॉफी के फॉर्मेट को लेकर एक साल के अंदर ही बड़ा फैसला ले लिया।

Duleep Trophy- India TV Hindi Image Source : PTI दलीप ट्रॉफी

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की शीर्ष परिषद ने दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब दलीप ट्रॉफी फिर से पारंपरिक इंटर-जोनल फॉर्मेट के तहत खेला जाएगा, जिसमें प्रथम श्रेणी स्तर के टूर्नामेंट में छह टीमों के बीच मुकाबला होगा। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली नेशनल सेलेक्शन कमिटी ने पिछले साल रणजी ट्रॉफी (38 टीम) में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर चार टीमों ए, बी, सी और डी का चयन किया था, जिसने चैलेंजर ट्रॉफी प्रारूप में यह टूर्नामेंट खेला था।

अब छह टीमों के बीच खेला जाएगा दलीप ट्रॉफी

अब चार टीमों के प्रारूप की जगह उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्व क्षेत्र दलीप ट्रॉफी खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। दलीप ट्रॉफी इंटर स्टेट फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट के तौर पर 1961-62 से 2014-15 तक खेला गया था। पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने 2015 में एनसीए के प्रमुख के रूप में पदभार संभाला, तो उन्होंने दलीप ट्रॉफी को चैलेंजर ट्रॉफी प्रारूप में करवाने का सुझाव दिया, जहां राष्ट्रीय चयनकर्ता इंडिया ब्लू, रेड, ग्रीन टीमों का सेलेक्शन करते थे। इस फॉर्मेट को 2019 सत्र तक जारी रखा गया था। उसके बाद कोविड महामारी के कारण दलीप ट्रॉफी 2020 और 2021 सत्र में आयोजित नहीं की गई। 

क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ स्टेट एसोसिएशन चार टीमों वाले फॉर्मेट से से खुश नहीं थे, जिन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने चुना था। हालांकि पिछले साल खेले गए इस टूर्नामेंट में कई स्टार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। कई खिलाड़ी ऐसे थे जिन्होंने इस टूर्नामेंट के जरिए लंबे के समय बाद डोमेस्टिक क्रिकेट में वापसी की थी।

अब ज्यादा खिलाड़ियों को मौका मिलने की उम्मीद

अब ऐसा माना जा रहा है कि, ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों पर नजर रखने और सभी राज्य टीमों के प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का ज्यादा मौका देने के लिए बोर्ड ने पुराने फॉर्मेट में वापसी की है। इसका मतलब है कि हर क्षेत्र की एक बार फिर अपनी चयन समिति होगी। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सभी पांच क्षेत्र (नॉर्थ जोन को छोड़कर) के नेशनल सेलेक्टर्स को उनकी जोनल सेलेक्शन कमिटी का स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया जाता है या नहीं। आपको बता दें कि नॉर्थ जोन के पास कोई राष्ट्रीय चयनकर्ता नहीं है।

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