IND vs NZ: ये था भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरे मैच का टर्निंग प्वाइंट, अचानक यहां से पलट गया मुकाबला
टीम इंडिया को शुभमन गिल की कप्तानी में साल 2026 की पहली हार मिल गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में हार की वजह क्या रही, वो कौन सा वक्त था, जब गाड़ी पटरी से उतर गई, ये समझना जरूरी है।

India vs New Zealand 2nd ODI: भारतीय क्रिकेट टीम को साल 2026 में पहली जीत मिली और इसके बाद अगले ही मुकाबले में साल की पहली हार भी मिल गई। अब भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज दो मैचों के बाद बराबरी पर है। सीरीज कौन सी टीम जीतेगी, इसका फैसला आखिरी मैच से होगा। इस बीच सवाल ये है कि भारतीय टीम से आखिर क्या चूक हुई कि एक कमजोर मानी जाने वाली न्यूजीलैंड से भी हार गई। वैसे तो इस मैच में कई मोड़ आए, लेकिन एक जगह ऐसा कुछ हुआ कि वहां से टीम इंडिया मैच गंवा बैठी।
टॉस हारने के बाद भी टीम इंडिया की आई पहले बल्लेबाजी
भारत बनाम न्यूजीलैंड सीरीज के दूसरे मैच में टीम इंडिया की अच्छी शुरुआत हुई। कप्तान शुभमन गिल भले ही टॉस हार गए, लेकिन इसके बाद भी पहले बैटिंग आ गई। इस मैच से पहले राजकोट के इस स्टेडियम में जो भी वनडे मुकाबले हुए थे, उसमें सभी में जिस टीम ने पहले बैटिंग की, जीत दर्ज करने में कामयाब रही। उम्मीद की जा रही थी कि इस बार भी ऐसा ही होगा। लेकिन इस बार बाजी पलट गई।
रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने दिलाई थी सधी हुई शुरुआत
कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने भारत को एक सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने मिलकर 70 रन जोड़ लिए थे, लेकिन तभी 13वें ओवर में रोहित शर्मा आउट हो गए। उन्होंने 24 रन की पारी खेली। विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए। कोहली इस वक्त जबरदस्त फार्म में चल रहे हैं, उम्मीद की जा रही थी कि राजकोट में भी उनके बल्ले से एक बड़ी पारी आएगी। रोहित शर्मा के आउट होने के कुछ ही देर बाद कप्तान गिल भी आउट हो गए। तब टीम इंडिया का स्कोर केवल 99 रन ही था। अभी स्कोर 115 रन ही हुआ था कि श्रेयस अय्यर भी चलते बने। भारतीय टीम को करारा झटका तब लगा जब टीम का स्कोर 118 रन था और कोहली आउट होकर पवेलियन चले गए। कोहली इस बार केवल 23 ही रन बना सके।
अचानक जल्दी जल्दी गिर गए विकेट
टीम इंडिया का 70 रन पर एक भी विकेट नहीं था, लेकिन स्कोर जब 118 पहुंचा तो चार विकेट गिर चके थे। ये सभी चार टॉप आर्डर के बल्लेबाज थे। इसके बाद रन बनाने की जिम्मेदारी केएल राहुल पर आ गई। इसमें कोई शक नहीं कि राहुल ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और एक शानदार शतक लगाया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। राहुल ने 92 बॉल पर 112 रन बनाए, लेकिन बाकी कोई बल्लेबाज 30 का भी आंकड़ा पार नहीं कर पाया।
टीम इंडिया नहीं बना सकी बड़ा स्कोर
यही वजह रही कि टीम इंडिया लाख कोशिश के बाद भी निर्धारित 50 ओवर में केवल 284 रन ही बना सकी। आज की तारीख में वनडे में 300 से कम का स्कोर कभी सुरक्षित नहीं होता। ये स्कोर तभी बचाया जा सकता था, तब न्यूजीलैंड के जल्दी जल्दी विकेट गिराए जाते। डेवोन कॉन्वे और हेनरी निकोल्स तो 50 रन बनने से पहले ही आउट हो गए, लेकिन इसके बाद डेरिल मिचेल और विल यंग ने कोई नुकसान नहीं होने दिया ओर टीम को करीब करीब जीत के दरवाजे तक पहुंचा दिया। न्यूजीलैंड का दूसरा विकेट 46 के स्कोर पर गिरा था, लेकिन तीसरा विकेट जब गिरा तब तक स्कोर 208 रन हो चुका था। यानी यहां से जीत की केवल खानापूर्ति की जानी थी।
विराट कोहली के आउट होने के बाद गाड़ी पटरी से उतरी
इस मैच का टर्निंग प्वाइंट विराट कोहली का आउट होने रहा। अगर राहुल के साथ कोहली भी क्रीज पर टिके होते और रन बनाए होते तो ये स्कोर 284 रन नहीं, बल्कि 300 से ज्यादा का होता। जो जीत के लिए काफी साबित हो सकता था। जहां एक ओर भारत के लिए केवल केएल राहुल ने ही एक बड़ी पारी खेली, वहीं न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल के 131 रनों के अलावा विल यंग ने भी 87 रनों की अहम पारी खेली। यही भारत और न्यूजीलैंड के बीच अंतर रहा।
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