WTC Final: टीम इंडिया के सामने बड़ी मुसीबत, अब कैसे खेलेगी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल?
WTC Final: भारतीय टीम एक बार फिर से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जाने के लिए संघर्ष कर रही है। टीम इंडिया ने आधा रास्ता तय कर लिया है और इतना ही अभी बाकी है।

ICC World Test Championship Final Scenario: भारतीय क्रिकेट टीम टेस्ट में इस वक्त बहुत खराब दौर से गुजर रही है। टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई है। करीब 25 साल बाद ऐसा हुआ है कि जब साउथ अफ्रीका ने भारत आकर टीम इंडिया का सूपड़ा साफ किया है। अब टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती है। सवाल ये है कि भारतीय टीम अब किस समीकरण से विश्व टेस्ट चैंपिनशिप यानी डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेल पाएगी। चलिए जरा इस पूरे सिनेरियो पर एक नजर डालते हैं।
टीम इंडिया अभी अंक तालिका में नंबर पांच पर
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए साइकिल का आगाज हो चुका है। टीम इंडिया को इस साइकिल के दौरान कुल 18 टेस्ट मैच खेलने हैं। इसमें से टीम इंडिया अब तक नौ खेल चुकी है। यानी आधा रास्ता तय किया जा चुका है और आधा अभी बाकी है। इस वक्त अगर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि भारतीय टीम का पीसीटी अभी 48.15 का है और टीम इस वक्त नंबर पांच पर संघर्ष कर रही है। आपको पता ही है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के प्वाइंट्स टेबल में टॉप 2 पर रहने वाली दो टीमें ही फाइनल में आमने सामने होती हैं।
फाइनल में जाने के लिए टीम इंडिया को अपना पीसीटी 60 प्रतिशत तक ले जाना होगा
टीम इंडिया को अब अगर यहां से टॉप 2 में जाना है तो अपने अभियान के दूसरे हाफ में बहुत अच्छा खेल दिखाना होगा, हालांकि ये आसान काम नहीं है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जाने के लिए कम से कम 60 का पीसीटी होना बहुत जरूरी है। जो कि अभी केवल 48.15 का ही है। भारतीय टीम को अब श्रीलंका और न्यूजीलैंड से उनके घर जाकर टेस्ट सीरीज खेलनी है, जिसमें दो दो टेस्ट खेले जाएंगे। इसके बाद पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आने वाली है। यही कुल 9 टेस्ट तय करेंगे कि टीम इंडिया फाइनल खेलती हुई नजर आएगी कि नहीं।
बचे हुए 9 टेस्ट मैचों में से कम से कम छह मुकाबले जीतने होंगे
अब जरा समीकरणों पर नजर डालें तो पता चलता है कि टीम इंडिया को यहां से बचे हुए 9 में से कम से कम छह टेस्ट मैच तो जीतने ही होंगे। बाकी बचे हुए तीन टेस्ट अगर ड्रॉ हो जाएं तो काम बन सकता है। वहीं अगर टीम इंडिया यहां से बचे हुए 9 में से एक भी टेस्ट हारती है तो फिर उसे कम से कम सात टेस्ट मुकाबले जीतने होंगे। जो काम आसान नहीं है। श्रीलंका और न्यूजीलैंड में जाकर चार टेस्ट मैच जीतना कोई आसान काम नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस बार भले ही भारत आकर खेल रही हो, लेकिन जब बाकी टीमें भारत में आकर टीम इंडिया को हरा रही हैं तो फिर ऑस्ट्रेलिया की तो बात ही क्या की जाए।
अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी टीम इंडिया
भारतीय टीम अब अगले साल अगस्त में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका जाएगी, वहीं अक्टूबर से लेकर नवंबर तक न्यूजीलैंड में जाकर दो टेस्ट मैच खेलती हुई नजर आएगी। इसके बाद साल के आखिर मे ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आएगी। अब यहां से एक दो टेस्ट हारते ही फाइनल में जाने की जो संभावनाएं बनी हुई हैं, वो भी हाथ से निकल जाएंगी। देखना होगा कि अब से करीब आठ महीने बाद जब टीम इंडिया फिर से टेस्ट के लिए मैदान पर उतरेगी तो कैसा प्रदर्शन करने में कामयाब होती है।
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