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भारतीय मेंस कम्पाउंड तीरंदाजी टीम ने रच दिया इतिहास, वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहली बार गोल्ड मेडल किया अपने नाम

तीरंदाजी के इस फाइनल में ऋषभ यादव, अमन सैनी और प्रथमेश फुगे की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया और खिताबी मुकाबले में फ्रांस को 235-233 के अंतर से हराया।

Rishabh Yadav & Jyoti Surekha- India TV Hindi
Image Source : X/@MEDIA_SAI ऋषभ यादव & ज्योति सुरेखा

भारतीय मेंस कम्पाउंड तीरंदाजी टीम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में नया इतिहास रच दिया है। भारतीय टीम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में रविवार को फ्रांस को हराकर पहली बार इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ऋषभ यादव, अमन सैनी और प्रथमेश फुगे की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया और खिताबी मुकाबले में फ्रांस को 235-233 के अंतर से हराया। भारत ने फाइनल से पहले ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और तुर्किये पर भी प्रभावशाली जीत दर्ज की थी।

ऋषभ यादव ने भी मिक्स्ड स्पर्धा में भी दिखाया जबरदस्त खेल

व्यक्तिगत कैटेगरी में आठवें स्थान पर रहने वाले ऋषभ यादव ने भी मिक्स्ड स्पर्धा में अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ सिल्वर मेडल जीतकर शानदार वापसी की। महिला वर्ग में टीम को निराशा हाथ लगी, उनकी टीम प्री-क्वार्टर फाइनल में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई और 2017 से लगातार मेडल जीतने का उनका अभियान समाप्त हो गया। फ्रांस ने निकोलस गिरार्ड, जीन फिलिप बौल्च और फ्रेंकोइस डुबोइस को मैदान में उतारा, लेकिन भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने दबाव में भी शानदार खेल दिखाया। इस जीत के असली हीरो फुगे रहे, जो क्वालीफायर में 19वें और भारतीय खिलाड़ियों में अंतिम स्थान पर रहे थे।

टीम इंडिया के गोल्ड मेडल जीतने के बाद कोच जीवनजोत सिंह ने दिया बड़ा बयान

इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने पहले चरण में 9-9 का स्कोर बनाया लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार छह परफेक्ट 10 स्कोर किए। इसमें निर्णायक अंतिम तीर भी शामिल था, जिसने भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल सुनिश्चित किया। भारत के हेड कंपाउंड कोच जीवनजोत सिंह तेजा ने पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा कि यह सिर्फ फुगे की बात नहीं है, बल्कि तीनों खिलाड़ियों ने अपना जज्बा दिखाया और दबाव में आए बिना एक-दूसरे का साथ दिया।

दूसरे चरण में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने की शानदार वापसी

पहले चरण के बाद भारत 57-59 से पीछे था, लेकिन दूसरे चरण में उसने छह 10-10 के साथ वापसी करते हुए स्कोर को 117-117 के बराबर कर दिया। तीसरे चरण में दोनों टीमों ने 59-59 अंक बनाए, जिससे स्कोर 176-176 से बराबर हो गया। अंतिम स्टेज में फ्रांस की टीम लड़खड़ा गई और भारतीय टीम गोल्ड मेडल जीत कर इतिहास रचने में कामयाब रही। भारत ने फाइनल तक के अपने अभियान में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और तुर्की जैसे टीमों के खिलाफ प्रभावशाली जीत दर्ज की थी।

(INPUT: PTI)

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