प्रो कबड्डी लीग 2025 में तमिल थलाइवाज की टीम ने 12वें सीजन के बीच में अचानक एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिससे सभी फैंस हैरान रह गए हैं। भारतीय टीम के कबड्डी कप्तान और पीकेएल 2025 में तमिल थलाइवाज टीम की भी कप्तानी संभाल रहे पवन सहरावत को फ्रेंचाइजी ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाने के साथ टीम से बाहर कर दिया। फ्रेंचाइजी की तरफ से लिए गए इस एक्शन की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी, वहीं अब इसपर पवन सहरावत का भी जवाब आ गया है, जिसमें उन्होंने आरोप साबित होने पर कबड्डी को छोड़ने तक की बात कह दी है।
मेरे खिलाफ लगे आरोप सही साबित हुए, तो मैं फिर कभी कबड्डी नहीं खेलूंगा
पवन सहरावत ने तमिल थलाइवाज की तरफ से लगाए गए आरोपों के जवाब में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी वीडियो रिलीज करते हुए कहा कि कल की पोस्ट के बाद, मैं आप सभी के कॉल और संदेशों के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं सीजन 9 में भी इसी टीम का हिस्सा था और उस समय अपनी चोट के दौरान मुझे काफी सपोर्ट भी मिला था। मेरे छोटे भाई अर्जुन और मैंने टीम को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं बनाई थीं। हालाँकि, एक व्यक्ति विशेष की वजह से हम ऐसा नहीं कर पाए। फ्रेंचाइजी ने मुझ पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए हैं और मैं भारतीय टीम का हिस्सा हूं और अनुशासन का मतलब पूरी तरह जानता हूं। अगर मैं कहीं भी अनुशासनहीन पाया गया या मेरे खिलाफ लगे आरोप सही साबित हुए, तो मैं फिर कभी कबड्डी नहीं खेलूंगा।
तमिल थलाइवाज की तरफ से पवन को बाहर करने पर आया था ये बयान
फ्रेंचाइजी ने पवन सहरावत को सीजन के बीच बाहर किए जाने को लेकर जो आधिकारिक बयान जारी किया था उसमें उन्होंने बताया था कि पवन सहरावत को अनुशासनात्मक कारणों से घर भेज दिया गया है और वह सीजन के बचे हुए मैचों में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। यह फैसला फ्रेंचाइजी ने उचित विचार-विमर्श के बाद तथा टीम की आचार संहिता के अनुरूप लिया है। बता दें कि प्रो कबड्डी लीग के 12वें सीजन को लेकर हुए प्लेयर ऑक्शन में तमिल थलाइवाज पवन सहरावत को 59.50 लाख रुपए में खरीदा था।
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