A
Hindi News टेक न्यूज़ AI ने बेकार की महीनों की मेहनत, स्टार्टअप बंद होने की नौबत, फाउंडर का सोशल मीडिया पर छलका दर्द

AI ने बेकार की महीनों की मेहनत, स्टार्टअप बंद होने की नौबत, फाउंडर का सोशल मीडिया पर छलका दर्द

AI की वजह से स्टार्टअप कंपनियां तबाह हो रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक स्टार्टअप फाउंडर ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि कैसे AI ने उसकी टीम के महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।

इरा बोडनर- India TV Hindi Image Source : IRA BODNAR/@IRABUKHT इरा बोडनर

AI जिस तरह से इवोल्व हो रहा है आने वाले समय में IT सेक्टर के कई स्टार्टअप के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। जिस तरह समुद्र में बड़ी मछलियां छोटी मछलियों को अपना चारा बना लेती हैं, ठीक उसी तरह बड़ी एजेंटिक AI बनाने वाली कंपनियां छोटे AI स्टार्टअप के पूरे बिजनेस मॉडल को ही खत्म कर रही हैं। अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को के एक स्टार्टअप फाउंडर ने अपना दर्द सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बंया किया है। Claude एजेंटिक AI बनाने वाली कंपनी Anthropic के एक अपडेट से उसके स्टार्ट-अप का पूरा बिजनेस मॉडल ही खत्म हो गया और अब उसे बंद करने की नौबत आ गई है।

फाउंडर का सोशल मीडिया पर छलका दर्द

X पर इरा बोडनर नाम के स्टार्टअप फाउंडर ने बताया कि Anthropic AI के एक अपडेट ने उसके टीम के महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। Claude AI में नए फीचर के आने के बाद उसका प्रोडक्ट बेकार हो गया है। बोडनर ने एक पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने कैसे इसके लिए महीनों मेहनत की थी। जिस एआई टूल को बनाने में उसके स्टार्ट-अप ने महीनों मेहनत की थी, वो काम Anthropic का Claude खुद करने लगा है।

इरा बोडनर ने अपने पोस्ट में बताया कि उसका स्टार्टअप एक ऐसे एआई टूल पर काम कर रहा था, जो यूजर्स के लिए कंटेंट और आइडिया तैयार करता था। Claude के नए अपडेट में यह फीचर सीधे एआई टूल में शामिल हो गया है। इसके बाद उसके प्रोडक्ट की जरूरत नहीं बची है। उनका कहना है कि Claude इस फीचर को अपने यूजर्स को फ्री में या फिर बेहद कम पैसे में दे रहा है। ऐसे में कोई उसके स्टार्टअप को इसके लिए पैसे क्यों देगा? यह उनके बिजनेस मॉडल के लिए बड़ा झटका है और स्टार्टअप बंद होने के कगार पर पहुंच गया है।

Image Source : Unsplashएथ्रोपिक एआई

तेजी से अपग्रेड हुआ Claude AI

Anthropic का Claude AI पिछले कुछ महीनों में काफी तेजी से अपग्रेड हुआ है। यह एजेंटिक एआई टूल सॉफ्टवेयर क्रिएट कर सकता है। नए अपडेट आने के बाद यह पहले के मुकाबले ज्यादा स्मार्ट तरीके से जवाब दे सकता है। यही नहीं, इसमें कंटेंट जेनरेशन के लिए नए टूल्स भी आ गए हैं। यह अब लंबे डॉक्यूमेंट्स को समझ सकता है और डेवलपर्स को कोड लिखने में मदद कर सकता है।

इरा बोडनर की तरह ही कई और छोटे स्टार्टअप के लिए अब सर्वाइवल का खतरा बन रहा है। बड़ी एआई कंपनियां छोटे स्टार्टअप को आने वाले समय में निगलने के लिए तैयार हैं। इसकी वजह से आईटी सेक्टर के साथ-साथ अन्य सर्विस सेक्टर में भी जॉब्स कट का खतरा मंडरा रहा है।

यह भी पढ़ें - Samsung Galaxy S26 Edge नहीं होगा लॉन्च? अगले ट्रिपल फोल्डेबल फोन की लॉन्चिंग भी टली! जानें वजह