इंदौर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली सप्लाई बंद होने की वजह से घर में लगे डिजिटल लॉक नहीं खुले, जिसकी वजह से लोग घर के अंदर ही फंस गए। पहले भी इंदौर में एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें डिजिटल लॉक के काम न करने की वजह से लोग घरों में फंसे रह गए थे। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि घर में डिजिटल या इलेक्ट्रिक डोर लॉक लगाना कितना सुरक्षित है? इसे सही से कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है?
कैसे काम करते हैं इलेक्ट्रिक डोर लॉक?
इलेक्ट्रिक डोर लॉक में RFID चिप या ट्रांसपोंडर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से दरवाजे चाभी की बजाय अन्य तरीकों से भी खोले जा सकते हैं। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए इसमें एक्सेस कार्ड, पासवर्ड लॉक और बायोमैट्रिक लॉक का यूज किया जाता है। इसमें कई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट लगे होते हैं, जिसकी वजह से इसमें बिजली की निरंतर सप्लाई जरूरी होती है। इन डोर लॉक्स में निरंतर बिजली की सप्लाई पंहुचने के लिए बैटरी भी दी जाती है, ताकि ये निरंतर काम करते रहे।
कितने सुरक्षित होते हैं इलेक्ट्रिक डोर लॉक?
इलेक्ट्रिक डोर लॉक को परंपरागत तालों के मुकाबले सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें किसी के अनाधिकृत प्रवेश को नियंत्रण किया जाता है। इन डोर लॉक्स में एनक्रिप्टेड कम्युनिकेशन होता है, ताकि आसानी से हैक न हो सके। इन दरवाजों से आने-जाने वाले लोगों को ट्रैक किया जा सकता है। खास तौर पर हाई सिक्योरिटी एरिया, घरों और दफ्तरों के लिए ये काफी सुरक्षित माने जाते हैं।
क्या हैं बड़े नुकसान?
- जैसा कि इंदौर वाली घटना में सामने आया है, इलेक्ट्रिक डोर लॉक्स की सबसे बड़ी खामी ये है कि इनमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या फिर पावर सप्लाई बंद होने पर ये आसानी से नहीं खुलते हैं।
- खास तौर पर लो क्वालिटी वाले इलेक्ट्रिक डोर लॉक में कई तरह की तकनीकी खामियां देखने को मिल सकती हैं। लो क्वालिटी वाले डोर लॉक्स को हैकर्स आसानी से हैक कर सकते हैं।
- कई बार डोर-लॉक्स में रेडियो फ्रिक्वेंसी की खामी और सिग्नल लॉस की वजह से इन्हें अनलॉक करने में दिक्कत आ सकती है।
- वहीं, बैटरी में किसी भी तरह की खराबी भी इसे प्रभावित कर सकता है। ज्यादातर जो मामले सामने आए हैं, जिनमें बिजली गुल होने या फिर बैटरी में दिक्कत की वजह का पता चला है।
- साथ ही, एक्सेस कार्ड खो जाने या फिर पासवर्ड भूल जाने पर इसे अनलॉक करने में दिक्कत आ सकती है। इसके लिए डोर लॉक को फिर से रीसेट करना पड़ सकता है।
- यही नहीं, किसी अन्य फिजिकल डैमेज की वजह से भी इन डोर लॉक का एक्सेस प्रभावित हो सकता है।
जोखिम से कैसे बचें?
- इलेक्ट्रिक डोर लॉक की वजह से कोई हादसा न हो, इस जोखिम से बचने के लिए आपको इसकी निरंतर निगरानी करनी पड़ेगी। साथ ही, अलार्म फंक्शन को इनेबल करना चाहिए। ऐसा करने से इलेक्ट्रिक डोर लॉक में किसी भी दिक्कत आने पर अलार्म बजने लगेगा, ताकि आप सतर्क हो सकें।
- इसके अलावा बिजली गुल होने पर बैकअप पावर सप्लाई रखना चाहिए, ताकि इमरजेंसी में इसे ओपन किया जा सके। साथ ही, इसकी बैटरी को भी समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए।
- इलेक्ट्रिक डोर लॉक कम्प्यूटर प्रोग्राम पर चलता है, जिसकी वजह से इसके सॉफ्टवेयर को भी समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए।
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