Starlink Mobile पर Elon Musk ने दिया स्पष्ट जवाब, कहा- सैटेलाइट ब्रॉडबैंड पर रहेगा फोकस
Elon Musk ने Starlink Mobile को लेकर अपना रूख साफ कर दिया है। पिछले दिनों स्टारलिंक के मोबाइल फोन को लेकर खबरें सामने आ रही थी, जिसे लेकर मस्क की ये प्रतिक्रिया आई है।

Elon Musk की कंपनी SpaceX के Starlink Mobile डिवाइस को लेकर नई जानकारी सामने आई है। पिछले दिनों ऐसी खबरें सामने आई थी कि कंपनी अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के अलावा मोबाइल डिवाइस पर भी काम कर रही है। इस फोन के बारे में ये दावा किया गया था कि इसमें डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी मिल सकती है यानी यूजर्स बिना किसी मोबाइल ऑपरेटर पर निर्भर हुए फोन कॉल्स कर सकेंगे और इंटरनेट जैसी सर्विस यूज कर सकेंगे।
क्या है Starlink का प्लान?
पिछले दिनों एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि Starlink लंबे अर्से से अपने मोबाइल डिवाइस पर काम कर रहा है। पिछले दिनों ही एक X यूजर द्वारा पूछे गए सवाल पर एलन मस्क ने भी रिएक्ट करते हुए संकेत दिए थे कि कंपनी मोबाइल डिवाइस की तैयारी कर रही है। हालांकि, बाद में मस्क ने साफ किया था कि मोबाइल फोन डेवलप नहीं किया जा रहा है। कंपनी मोबाइल फोन के एक्सपेंशन पर नजर बनाए है और अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पर फोकस करेगी।
पिछले साल Starlink ने अमेरिकी टेलीकॉम ऑपरेटर T-Mobile के साथ मिलकर डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी टेस्ट किया था। यह फीचर डिवाइस में मोबाइल नेटवर्क की डिपेंडेंसी को खत्म कर देता है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि एलन मस्क अपने स्टारलिंक प्रोडक्ट लाइन-अप को एक्सपेंड करने वाले हैं। इसके लिए 9,500 जियोस्पैटियल सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। इन सैटेलाइट्स के माध्यम से दुनियाभर में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाती है।
एलन मस्क ने हाल ही में कंफर्म किया है कि 650 से ज्यादा सैटेलाइट्स SpaceX के डायरेक्ट-टू-डिवाइस बिजनेस के लिए अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। इन सैटेलाइट्स के माध्यम से पूरी दुनिया में सेलुलर कवरेज मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपने Starship रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में कई और सैटेलाइट्स भेजने वाली है, जो धरती पर बेहतर सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के साथ-साथ डायरेक्ट-टू-मोबाइल सर्विस को बेहतर बनाएंगे।
भारत में कब शरू होगी सर्विस?
Starlink भारत में जल्द ही सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस लॉन्च कर सकता है। कंपनी को रेगुलेटरी अप्रूवल मिल चुका है, लेकिन स्पेक्ट्रम अलोकेशन में देरी की वजह से सैटेलाइट सर्विस शुरू करने में देरी हो सकती है। स्टारलिंक फिलहाल देश में अपने बेस स्टेशन बना रहा है। इन बेस स्टेशन के जरिए पूरे देश में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस मुहैया कराई जाएगी।
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