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Elon Musk को बड़ा झटका, X वेरिफिकेशन सिस्टम में करना होगा बदलाव

एलन मस्क की कंपनी X को यूरोपीय यूनियन से तगड़ा झटका लगा है। यूरोपीय यूनियन ने X के वेरिफिकेशन सिस्टम में बदलाव करने के लिए कहा है और इसे भ्रामक बताया है।

Elon Musk, X Verifications system- India TV Hindi Image Source : UNSPLASH एलन मस्क X वेरिफिकेशन सिस्टम

यूरोपीय कमीशन ने एलन मस्क को बड़ा झटका दे दिया है। मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यूरोपीय यूनियन ने 120 मिलियन यूरो यानी लगभग 1277 करोड़ रुपये का फाइन लगाया है। साथ ही, प्लेटफॉर्म के वेरिफिकेशन सिस्टम में बदलाव करने का निर्देश दिया है। एलन मस्क की कंपनी X ने यूरोपीय कमीशन के इस आदेश को मान लिया है और जल्द ही X वेरिफिकेशन सिस्टम में बदलाव करेगा।

वेरिफिकेशन सिस्टम में बदलाव को तैयार

X (पहले ट्विटर) ने यूरोपीय कमीशन में ब्लू टिक मार्क वाले वेरिफिकेशन सिस्टम के उपाय पेश किए हैं। यूरोपीय कमीसन के प्रवक्ता थॉमस रेग्नियर ने यह जानकारी दी है। रेग्नियर ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के वेरिफिकेशन मैकेनिज्म के प्रस्तावित उपायों का कमीशन सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करेगा। हालांकि, यूरोपीय यूनियन के प्रवक्ता ने X द्वारा भेजे गए इन उपायों को लेकर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की है।

क्या है मामला?

यूरोपीय यूनियन कमीशन ने पिछले साल दिसंबर में X पर जुर्माना लगाया था, जिसमें डिजिटल सर्विस एक्ट के तहत कंटेंट मॉडरेशन रूलबुक में खामी पाई गई थी। मस्क की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के पेड ब्लू टिक वेरिफिकेशन को कमीशन ने भ्रामक माना था और X से इसके सिस्टम में सुधार लाने के लिए कहा गया था।

किसे मिलता है ब्लू टिक?

X (पहले ट्विटर) में फिलहाल पेड यूजर्स को ब्लू टिक वेरिफिकेशन मार्क आसानी से मिल जाता है। हालांकि, पहले ऐसा नहीं था। पहले ब्लू टिक वेरिफिकेशन मार्क केवल सेलिब्रिटीज, सरकारी संस्थानों, एजेंसी और जर्नलिस्ट को दिया जाता था। पेड सर्विस के आने के बाद से यह सभी के लिए उपलब्ध हो गया। 2022 से सभी पेड यूजर्स को ब्लू टिक वेरिफिकेशन ऑफर किया जाता है।

क्या आई दिक्कत?

यूरोपीय यूनियन के डिजिटल सर्विस एक्ट के तहत सोशल मीडिया पर किए जाने वाले पोस्ट के कंटेंट को मॉडरेट किया जाता है। ऐसे में X पर ब्लू टिक वाले यूजर सही हैं या फिर बॉट्स हैं इसकी पहचान काफी मुश्किल हो जाती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म के पब्लिक डेटा को एनालाइज करने में दिक्कत आती है। इसे लेकर यूरोपीय यूनियन ने X पर जुर्माना लगाया है और वेरिफिकेशन सिस्टम में सुधार लाने के लिए कहा है।

एलन मस्क की कंपनी को यूरोपीय यूनियन ने 12 मार्च 2026 तक का समय दिया था कि इसमें सुधार कर लें या फिर फाइन भरने के लिए तैयार रहें। वहीं, 16 मार्च 2026 तक फाइनेंशियल गारंटी देने की डेडलाइन दी थी। मस्क की कंपनी पर लगाए गए जुर्माने पर अमेरिकी सरकार ने नाराजगी जताई थी और यूरोपीय यूनियन के लोगों के लिए वीजा बैन की भी धमकी दी थी।

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