PM मोदी दुनिया को दिखाएंगे भारत की AI ताकत, India AI Impact Summit का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Summit का उद्घाटन करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 देशों के प्रतिनिधि और 100 से ज्यादा ग्लोबल टेक कंपनियों के फाउंडर और सीईओ इसमें शिरकत करेंगे।
India AI Impact Summit: देश की राजधानी में दिल्ली में आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर सबसे बड़ा ग्लोबल मंथन शुरू होने जा रहा है और इसका उदघाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। दुनिया भर से 20 देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, 60 से ज्यादा देशों के मंत्री और प्रतिनिधि। 100 से ज्यादा ग्लोबल टेक कंपनियों के फाउंडर और सीईओ के साथ साथ 600 से ज्यादा स्टार्टप्स आज भारत मंडपम में एक साथ दुनिया के डिजिटल भविष्य का रोडमैप तैयार करने वाले हैं।
जानें आज का पूरा कार्यक्रम
पीएम मोदी सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर समिट का उद्धाटन करेंगे। उसके बाद करीब साढ़े 10 बजे पीएम मोदी का संबोधन होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री दूसरे नेताओं के साथ सुबह लगभग 11 बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे। यहां सभी नेता अलग अलग देशों के पविलियन में जाएंगे। दोपहर 12 बजे पीएम मोदी सेशन में हिस्सा लेंगे। इस सेशन में सभा देशों के स्टेट हेड्स, मंत्री और अलग अलग संस्थानों के सीनियर रिप्रेंजेंटेटिव मौजूद रहेंगे। इस सेशन में एआई से जुड़ी नेशनल और इंटरनेशनल प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाएगी। इस समिट में सुंदर पिचाई , सैम ऑल्टमैन और बिल गेट्स जैसे 100 से ज्यादा ग्लोबल दिग्गज पीएम मोदी के साथ एक मेज पर बैठेंगे जिसमें भारत में एआई सेक्टर में बड़े निवेश और रणनीतिक पार्टनरशिप पर अहम फैसले होंगे।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की थीम
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की थीम है।। सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय और आज पीएम मोदी इसी मंत्र के साथ इस ग्लोबल इवेंट की शुरुआत करने जा रहे हैं। पीएम मोदी इसे लेकर क्या सोच रखते हैं। ये उन्होंने पिछले साल फ्रांस में दुनिया को बता दिया था।
पीएम मोदी ने एआई को लेकर कहा था-
पीएम मोदी ने कहा था कि "AI पहले ही हमारी राजनीति, हमारी अर्थव्यवस्था, हमारी सुरक्षा और यहां तक कि हमारे समाज को दोबारा आकार दे रहा है। AI इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है। लेकिन यह मानव इतिहास में दूसरी प्रौद्योगिकी उपलब्धियों से बहुत अलग है। AI अभूतपूर्व गति और पैमाने पर विकसित हो रहा है और इसे और भी तेजी से अपनाया और लागू किया जा रहा है। सीमाओं के पार भी गहरी अंतर-निर्भरता है। इसलिए हमारे साझा मूल्यों की रक्षा करने जोखिमों का समाधान करने और विश्वास निर्माण के लिए शासन व्यवस्था और मानकों की स्थापना हेतु वैश्विक सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है लेकिन शासन केवल जोखिमों और प्रतिद्वंद्विताओं का प्रबंधन करने के बारे में नहीं है। यह स्टार्टअप को बढ़ावा देने और उसे दुनिया की भलाई के लिए लागू करने के बारे में भी है। इसलिए हमें स्टार्टअप और शासन के बारे में गहरे विचार करने और खुले तौर पर चर्चा करने की आवश्यकता है। शासन यह सुनिश्चित करने के बारे में भी है कि सभी तक पहुंच सुनिश्चित हो, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में। यही वह क्षेत्र है जहां सबसे अधिक क्षमता की कमी है। चाहे वह कंप्यूटर पावर हो-प्रतिभा हो, डेटा हो या वित्तीय संसाधन हों।
पीएम मोदी ने पिछले साल फ्रांस में ऐलान किया था कि भारत अगले AI समिट की मेजबानी करेगा और दिल्ली के भारत मंडपम में इस संकल्प की सिद्धि हो रही है। AI इम्पैक्ट समिट के जरिए भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि टेक्नोलॉजी का विकास मानवता के हित में होना चाहिए। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि इस वैश्विक मंच से निकलने वाले सॉल्यूशन आने वाले समय में डिजिटल दुनिया को किस दिशा में ले जाते हैं।
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