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गर्मियों से बचने के लिए हनीकॉम्ब या रेगुलर घास वाले कूलर में से कौनसा खरीदना है फायदेमंद? जानें सटीक सुझाव

गर्मियों में कूलर खरीदना है और समझ नहीं पा रहे हैं कि हनीकॉम्ब या रेगुलर घास वाले कूलर में से कौनसा खरीदना फायदेमंद रहेगा तो इस सवाल का जवाब यहां मिल सकता है।

Room Cooler- India TV Hindi
Image Source : AMAZON रूम कूलर

Cooler Buying Tips: देश में गर्मियों का मौसम आ चुका है और गर्मी धीरे-धीरे अपने पैर पसार रही है। घरों में एसी और कूलर चलने लगे हैं और इनकी खरीदारी में भी तेजी आ रही है। घरों के लिए कूलर खरीदने वालों के सामने अक्सर ये सवाल आ जाता है कि गर्मियों से बचने के लिए हनीकॉम्ब या रेगुलर घास वाले कूलर में से कौनसा खरीदना फायदेमंद है। अगर आप भी इस सवाल का जवाब चाहते हैं तो आपके लिए यहां इससे जुड़े सुझाव दिए गए हैं।

पहले हनीकॉम्ब पैड्स वाले कूलर के बारे में जानिए 

ये सेल्युलोज पेपर से बने होते हैं और दिखने में मधुमक्खी के छत्ते जैसे लगते हैं।  ये ज्यादा पानी सोखते हैं, जिससे हवा ज्यादा ठंडी होती है। हनीकॉम्ब पैड वाला कूलर ज्यादा ठंडी हवा देता है यानी बेहतर कूलिंग का काम करता है। ये पानी को लंबे समय तक रोकता है, इसलिए कम पानी खर्च करता है। ये टिकाऊ होता है यानी एक बार खरीदने पर 2–3 साल ये हनीकॉम्ब पैड चल जाता है और कम बार बदलना पड़ता है। इन्हें बार-बार साफ करने की जरूरत नहीं पड़ती और ये घास की तरह झड़ते नहीं हैं। आजकल के प्रीमियम और टॉवर कूलर्स में यही इस्तेमाल होते हैं तो इनका चलन ज्यादा भी है और आसानी से मिल जाते हैं। 

इनके नुकसान की बात करें तो शुरुआत में ये थोड़े महंगे होते हैं और इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है। एक और बात ध्यान रखने वाली है कि बहुत हार्ड पानी (खारे पानी) में जल्दी चोक हो सकता है। 

अब रेगुलर घास वाले पैड्स वाले कूलर के बारे में जानिए

यह लकड़ी के बारीक रेशों (घास) से बने होते हैं, जो पारंपरिक कूलरों में इस्तेमाल होते हैं। ये सस्ते होते हैं और लोकल मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं। ये वाले कूलर हार्ड पानी में भी ठीक-ठाक काम करता है। ये काफी किफायती होते हैं और कई लोगों को गीली घास की खुशबू पसंद होती है जो प्राकृतिक अहसास देती है तो इन कूलर्स में वो सुविधा मिलती है।

इनके नुकसान की बात करें तो इन्हें हर साल बदलना पड़ता है क्योंकि रेगुलर घास वाले पैड गल जाते हैं यानी हर सीजन बदलना पड़ सकता है। ये ज्यादा पानी खर्च करते हैं और इनकी कूलिंग हनीकॉम्ब जितनी अच्छी नहीं होती। इनके रेशे पंप में फंस सकते हैं, जिससे कूलर खराब होने का डर रहता है। वहीं इनसे धूल जल्दी चिपकती है और समय के साथ इनमें बदबू आ सकती है।

आपके लिए कौन सा कूलर खरीदना फायदेमंद रहेगा?

आजकल ज्यादातर लोग हनीकॉम्ब कूलर ही लेते हैं क्योंकि यह लंबी अवधि में ज्यादा फायदेमंद रहता है। अगर आप अच्छी कूलिंग और कम मेंटेनेंस चाहते हैं तो आपके लिए हनीकॉम्ब कूलर बेहतर है। आप बार-बार घास बदलने की झंझट नहीं चाहते और आपको ज्यादा ठंडक चाहिए तो इस कूलर को चुनें। बशर्ते आप एक बार में थोड़ा ज्यादा खर्च कर सकते हों, हनीकॉम्ब कूलर शहरों और बंद कमरों के लिए बेस्ट है। अगर आप कूलर को ऐसी जगह रख रहे हैं जहां धूल ज्यादा है, तो हनीकॉम्ब ज्यादा टिकाऊ साबित होगा क्योंकि इसे बस पानी की बौछार से साफ किया जा सकता है।

अगर आपका बजट कम है या पानी बहुत खारा है तो घास वाला कूलर भी ठीक है। अगर आप कूलर का इस्तेमाल बहुत कम समय के लिए करते हैं तो भी रेगुलर घास पैड वाले कूलर को खरीद सकते हैं। यह खुले बरामदों या खिड़कियों के लिए ठीक रहता है।

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