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Hindi News तेलंगाना हैदराबाद में 'कराची बेकरी' का नाम बदलने की मांग, कपड़े से ढका गया बोर्ड, जानिए क्या बोले ऑनर?

हैदराबाद में 'कराची बेकरी' का नाम बदलने की मांग, कपड़े से ढका गया बोर्ड, जानिए क्या बोले ऑनर?

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की है। पाकिस्तान ने भी भारत में हमले की कोशिश की है। इसके बाद से भारत में पाकिस्तान के खिलाफ लोगों को गुस्सा चरम पर है।

कराची बेकरी हैदराबाद- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO कराची बेकरी हैदराबाद

तेलंगाना के हैदराबाद शहर में लोगों के एक समूह ने 'कराची बेकरी' के सामने विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने 'कराची बेकरी' के नाम बदलने की मांग भी की है। हैदराबाद पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। 

कराची बेकरी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

तिरंगा लिए और गले में भगवा गमछा डाले करीब 10-15 लोग शनिवार दोपहर शमशाबाद स्थित कराची बेकरी स्टोर के सामने एकत्र हुए। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर दुकान के नाम वाले बोर्ड को डंडे से मारकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसके बाद में पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। 

कपड़े से ढका गया बोर्ड

रविवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में बोर्ड को आंशिक रूप से कपड़े से ढका हुआ देखा गया। आरजीआई हवाई अड्डा पुलिस थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'कराची बेकरी का नाम बदलने की मांग को लेकर शनिवार दोपहर 10-15 लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।'

100 प्रतिशत भारतीय ब्रांड

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें उन पर दुकान के सामने विरोध प्रदर्शन करके ग्राहकों को बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। शहर स्थित बेकरी श्रृंखला के प्रवर्तकों ने पहले स्पष्ट किया था कि वे '100 प्रतिशत भारतीय ब्राण्ड' हैं। 

नाम बदलने की मांग

कुछ समूहों ने पाकिस्तान के एक शहर के साथ इसके संबंध का हवाला देते हुए नाम बदलने की मांग की थी। पिछले हफ्ते विशाखापत्तनम में भी विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें भारत और पड़ोसी देश के बीच संघर्ष के बीच कराची बेकरी का नाम बदलने की मांग की गई थी। 

1953 में खानचंद रामनानी ने की ब्रांड की शुरुआत

कराची बेकरी के प्रवर्तक राजेश रामनानी और हरीश रामनानी ने कहा कि ब्राण्ड की स्थापना 1953 में हैदराबाद में उनके दादा खानचंद रामनानी ने की थी, जो विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आ गए थे। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, पुलिस महानिदेश (डीजीपी) और पुलिस से कराची बेकरी की ब्राण्ड पहचान को बनाए रखने व किसी भी जबरन नाम परिवर्तन को रोकने में मदद करने की अपील की। (भाषा के इनपुट के साथ)