उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA), पुलिस और विशेष कार्य बल (STF) की संयुक्त कार्रवाई ने कोडीनयुक्त सिरप की अवैध तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गोरखधंधा न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा और झारखंड राज्यों तक फैला हुआ था।
जांच में सामने आया है कि यह अवैध नेटवर्क फर्जी लाइसेंस और बिलिंग प्वाइंट के ज़रिए भारी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप का अवैध भंडारण, खरीद-फरोख्त और डायवर्जन कर रहा था। सिरप की आपूर्ति का खेल इतना बड़ा था कि इसके तार नेपाल और बांग्लादेश तक तस्करी के संकेत मिले।
सोनभद्र में 2 ट्रकों से 1.19 लाख बोतलें बरामद
इस संयुक्त अभियान के तहत कई बड़ी बरामदगियां और गिरफ्तारियां की गई हैं। सोनभद्र में 2 ट्रकों से 1.19 लाख बोतलें कोडीन सिरप बरामद की गईं। वहीं, झारखंड से भी एक बड़ी कार्रवाई में 13,400 बोतल कोडीन सिरप जब्त की गई।
गाजियाबाद और सोनभद्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 4 ट्रक पकड़े गए, जिनमें कुल 1.57 लाख शीशियां जब्त हुईं और 8 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
इस पूरे नेटवर्क के मामले में अब तक 17 अभियुक्तों को नामजद किया गया है और STF ने विशेष रूप से 9 बड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश में कार्रवाई का दायरा
ड्रग माफिया के खिलाफ यह कार्रवाई यूपी के 28 जिलों तक फैली हुई है, जहां 128 मेडिकल स्टोर्स पर अवैध गतिविधियों के लिए FIR दर्ज की गई हैं।
- लखनऊ जोन में 11 मुकदमे, 2 गिरफ्तार।
- बरेली जोन में 4 केस, 2 आरोपी दबोचे गए।
- गोरखपुर जोन में 10 केस, 3 गिरफ्तार, 2 को नोटिस।
- वाराणसी कमिश्नरेट में 2 मुकदमे, 4 गिरफ्तार।
पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी, और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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