लखनऊ: पश्चिमी यूपी में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी के सभी पदों के साथ ही प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उनके पार्टी छोड़ने की वजह फिलहाल साफ नहीं है लेकिन सूत्रों के मुताबिक वे नाराज चल रहे थे। इस बीच अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसे चर्चा है कि वे फिर से बीएसपी का दामन थाम सकते हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बीएसपी छोड़कर ही कांग्रेस में आए थे।
क्यों पार्टी छोड़ी?
सूत्रों के मुताबिक नसीमुद्दीन सिद्दीकी कई बातों से नाराज थे। उन्हें ऐसे लगता था कि पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिला। कांग्रेस ने उनकी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया, इस तरह की बातें भी सामने आ रही हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि वे राज्यसभा में जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया, उस वक्त भी उन्होंने नाराजगी जताई थी। हाल में राहुल गांधी रायबरेली के दौरे पर थे उस दौरान नसीमुद्दीन सिद्दीकी राहुल गांधी से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें को राहुल गांधी से मिलने नहीं दिया गया। इस बात को लेकर भी वे नाराज थे।
Image Source : Reporter Inputइस्तीफे की चिट्ठी
वहीं नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस छोड़ने के बाद सियासी अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसी चर्चा है कि वे एक बार फिर से बीएसपी ज्वाइन कर सकते हैं। बता दें कि एक समय नसीमुद्दीन सिद्दीकी बीएसपी के कद्दावर नेता माने जाते थे। बीएसपी चीफ मायावती के बेहद करीबी माना जाते थे और जब सूबे में बीएसपी की सरकार थी उस वक्त उनकी तूती बोलती थी।
कई समर्थकों ने भी दिया इस्तीफा
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को अपना इस्तीफा भेजा है। नसमुद्दीन सिद्दीकी के साथ उनके कई समर्थकों ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि अगले साल राज्य में विधानसभा का चुनाव होने है और उससे पहले पार्टी के एक बड़े नेता का अलग होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।