यूपी के सीतापुर में गुरुवार को आईजी रेंज लखनऊ किरण एस सीतापुर पहुंचे। आईजी ने एसपी ऑफिस, पुलिस लाइन सहित कंप्यूटर लैब सहित रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। उन्होंने दधीचि सभागार में पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की जहां उन्होंने बीट पुलिसिंग को और मजबूत करने पर जोर दिया। आईजी के निरीक्षण में सब ऑल इज वेल मिला। मीटिंग में आईजी ने यक्ष एप के माध्यम से पुलिसिंग कराए जाने पर भी जोर दिया।
'पीड़ितों का पैसा वापस दिलाना पुलिस की प्राथमिकता'
मीडिया से बात करते हुए आईजी रेंज लखनऊ किरण एस ने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों का पैसा वापस दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए पैसों को फ्रिज कराने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि ठगी की रकम समय रहते रोकी जा सके। साथ ही उन्होंने यक्ष एप के बारे में भी खुलकर बात की।
Image Source : reporter inputआईजी रेंज लखनऊ किरण एस ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यक्ष एप से हिस्ट्रीशीटर का डेटा होगा ऑनलाइन
आईजी ने बताया कि यक्ष ऐसा एप है जो अभी तक थानों के रजिस्टर बेस्ट चलती थी। थानों में बीट पुलिसिंग बुनियादी चीज होती है, इसे और बेहतर बनाने के लिए यह एप है। उन्होंने कहा, बीट पुलिसिंग की नींव है बीट आरक्षी। उसे पता होना चाहिए कि उसे क्या-क्या करना चाहिए, यह सब एप में फीड होने की सुविधा है। इससे हिस्ट्रीशीटर की नियमित चेकिंग, टॉप 10 अपराधी की चेकिंग होगी, शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन होगा। पहले एक थाने में सत्यापन होकर रह जाता था लेकिन अब पूरा जिला, रेंज, जोन पूरा प्रदेश इस एप के माध्यम से जुड़ गया है।
उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से जिले के हिस्ट्रीशीटरों का पूरा डेटा प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन किया जाएगा। इससे अपराधियों की निगरानी और उनके खिलाफ कार्रवाई और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
(रिपोर्ट- मोहित मिश्रा)