'...और पापा के खर्राटे बंद हो गए', 7 साल की मासूम ने खोली मां की पोल, प्रेमी और हत्यारन बीवी को हुई उम्रकैद
कानपुर की कोर्ट ने एक महिला और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों ने मिलकर महिला की पति की जहर देकर हत्या की थी। इस मामले में महिला की बेटी ने ही कोर्ट में गवाही दी, जिसके बाद कोर्ट ने यह सजा सुनाई

कानपुर: जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पति की हत्या के मामले में पत्नी नेहा शर्मा और उसके प्रेमी आयुष शर्मा को जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई मृतक प्रतीक कुमार शर्मा की 7 साल की बेटी ने, जिसने कोर्ट में कंबल में छिपकर देखी घटना की गवाही दी। बच्ची ने बताया कि मां और आयुष अंकल ने पापा को कुछ सफेद पाउडर मिलाकर पिलाया, जिसके बाद पापा के खर्राटे बंद हो गए।
लखनऊ होटल में पांच दिन रुके
दरअसल, प्रतीक कुमार शर्मा किदवई नगर वाई ब्लॉक के निवासी थे और नौबस्ता क्षेत्र में मेडिकल स्टोर चलाते थे। उनकी शादी 2017 में अयोध्या की नेहा शर्मा से हुई थी। दंपति के दो बच्चे हैं, जिनमें 7 साल की बेटी और छोटा बेटा हैं। 6 मार्च 2024 को नेहा अपने पति प्रतीक और बच्चों के साथ मायके जाने के बहाने घर से निकली। जांच में पता चला कि नेहा का प्रतीक के दोस्त आयुष शर्मा से अवैध संबंध था। आयुष भी मेडिकल स्टोर से जुड़ा था और प्रतीक के घर आता-जाता था। नेहा अपने पति और बच्चों के साथ लखनऊ पहुंची, यहां ये लोग 5 दिन तक होटल में रुके।
होटल में ही जहर देकर की हत्या
बच्ची की गवाही के अनुसार, आयुष ने गिलास में कुछ सफेद पाउडर मिलाया और नेहा ने सोते हुए प्रतीक को पिलाया। इसके बाद प्रतीक के खर्राटे बंद हो गए। नेहा ने एंबुलेंस बुलाकर प्रतीक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मौत के बाद वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया ताकि परिवार को शक न हो। उसके बाद 12 मार्च 2024 को नेहा बच्चों के साथ कानपुर लौटी और बताया कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई, प्रतीक कुछ दिनों में आएंगे, लेकिन प्रतीक का फोन बंद रहा। 16 मार्च को नेहा बच्चों को दवा दिलाने के बहाने लेकर चली गई और वापस नहीं लौटी।
बच्ची की गवाही पर कोर्ट ने सुनाई सजा
प्रतीक के पिता पुनीत कुमार शर्मा ने नौबस्ता थाने में बेटे, बहू और पोते-पोतियों की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस जांच में नेहा और आयुष के संबंध सामने आए। दोनों ने साजिश रचकर प्रतीक को लखनऊ होटल में जहर देकर मार डाला और अंतिम संस्कार कर सबूत मिटा दिए। नौबस्ता पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष ने 7 गवाह पेश किए, जिनमें प्रतीक की बेटी की गवाही निर्णायक साबित हुई। बच्ची ने कोर्ट में कहा, "मैं सोने जा रही थी, जिसके बाद मैंने कंबल में छिपकर देखा। आयुष अंकल ने गिलास में सफेद चीज मिलाई, मम्मी ने पापा को पिलाया। पापा के खर्राटे बंद हो गए। फिर एंबुलेंस से अस्पताल ले गए, लेकिन थोड़ी देर बाद हम घर लौट आए।" अदालत ने नेहा और उसके प्रेमी को हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोषी ठहराया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध वैवाहिक विश्वास को तोड़ते हैं और सामाजिक व्यवस्था के लिए घातक हैं। (इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)
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