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Hindi News उत्तर प्रदेश संभल बना अदालती कार्यवाही में AI टूल्स का इस्तेमाल करने वाला UP का पहला जिला, इसके जरिए संभल हिंसा मामले की हुई गवाही

संभल बना अदालती कार्यवाही में AI टूल्स का इस्तेमाल करने वाला UP का पहला जिला, इसके जरिए संभल हिंसा मामले की हुई गवाही

Sambhal Court AI Tools: उत्तर प्रदेश के संभल में कोर्ट की कार्यवाही में पहली बार AI Tools का इस्तेमाल हुआ है और ऐसा करके संभल ऐसा करने वाला यूपी का पहला जिला बन गया है। जानें कोर्ट में AI टूल्स के इस्तेमाल से क्या आसानी हो जाएगी।

AI Tools In Sambhal Court- India TV Hindi Image Source : PEXELS/PIXABAY (प्रतीकात्मक फोटो) संभल के कोर्ट में सुनवाई के दौरान AI Tools का इस्तेमाल हुआ।

AI Tools In Sambhal Court: संभल, उत्तर प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां न्यायिक कार्यवाही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आनी AI टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। एडमिनिस्ट्रेटिव जज अरूण कुमार देशवाल की मौजूदगी में संभल हिंसा से जुड़े एक मुकदमे की सुनवाई AI के जरिए से हुई, जिसमें एसआई राजीव कुमार का बयान दर्ज किया गया। ये AI उपकरण गवाहों के बयान को तत्काल रिकॉर्ड करके प्रिंट कर देता है, इसके माध्यम से पारदर्शिता बढ़ गई है। साथ ही बयान से छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो गई है। इससे समय की भी बचत होती है।

संभल हिंसा मामले में AI टूल्स के जरिए सुनवाई

बता दें कि जिला जज के कोर्ट में एडमिनिस्ट्रेटिव जज की उपस्थिति में पिछले साल 24 नंवबर को संभल हिंसा में घायल हुए एसआई राजीव कुमार की गवाही हुई। इसी के साथ AI Tools के माध्यम से सुनवाई करने वाला उत्तर प्रदेश के पहला जिला संभल बन गया।

हिंसा में टूट गया था SI राजीव कुमार का हाथ

जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित का कहना है कि संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने के दावे के मामले में 24 नंवबर, 2024 को संभल में हिंसा हुई थी। इस हिंसा के दौरान 4 लोगों की मौत हुई थी और कई पुलिस वाले घायल हुए थे। इनमें एसआई राजीव कुमार भी शामिल थे जिनके हाथ में फ्रैक्चर हुआ था।

AI के जरिए हुई SI की गवाही

जान लें कि जिला जल की कोर्ट में मुकदमा अपराध संख्या 340/24 सरकार बनाम मुल्ला अफरोज के मुकदमे में सुनवाई चल रही है। और इसी केस में एआई के जरिए एसआई राजीव कुमार की गवाही करवाई गई। इस मुकदमे में आरोपी मुल्ला अफरोज की तरफ से एडवोकेट आशिफ अली और अभियुक्त गुलाम की ओर से एडवोकेट आरिफ ने बहस की।

AI टूल के इस्तेमाल से क्या होगा फायदा?

बताया जा रहा है कि इस मुकदमे में ये सातवीं गवाही थी। एआई टूल्स के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, मुकदमे में गवाहों के बयान रिकॉर्ड होते ही तुरंत ही प्रिंट आउट मिल जाता है। ये सबसे अहम है। अभी तक कोर्ट में गवाहों के बयान पेशकार के जरिए लिखे जाते थे। ऐसे में कभी-कभी बदलाव को लेकर सवाल खड़े होते थे। लेकिन एसआई टूल्स के जरिए दर्ज बयान में किसी तरह की छेड़खानी की संभावना नहीं है।

(इनपुट- रोहित व्यास)

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