Jaunpur Murder News: यूपी के जौनपुर से दिल दहला देने वाली घटना आई है। इसमें देवर ने अपनी भाभी को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि उसको लगता था कि भाभी ही उसकी प्रेमिका की मौत का कारण है। इस हत्याकांड के बाद इलाके में सनसनी है। बता दें कि यह मामला खुटहन थाना इलाके के ख्वाजा गांव का है। पवन मौर्य अपनी पत्नी निशा मौर्य और 5 साल की बेटी के साथ ख्वाजा गांव आया था। साथ में पवन का चचेरा भाई आदित्य मौर्य भी था। ये घटना पवन के ननिहाल में हुई। जानें ये पूरा मामला क्या है और कैसे आदित्य ने हत्या करने के लिए 1500 किलोमीटर दूर तक आने का इंतजार किया।
साथ में खाया खाना और अकेला देखते ही मारा चाकू
जान लें कि बीते गुरुवार की सुबह तक सबकुछ ठीक ठाक था। पूरा परिवार हंस खेल रहा था। सभी लोगों ने नाश्ता और भोजन भी किया, लेकिन आदित्य मौर्य के मन में अंदर ही अंदर आग सुलग रही थी। दोपहर में जब आदित्य ने निशा को घर में अकेले देखा तो चाकू से गले पर वार कर दिया। पता चलते ही परिवार के लोग दौड़े और देखा तो निशा खून से लथपथ पड़ी थी। तत्काल डॉक्टर के पास ले गए। लेकिन ज्यादा खून बह जाने की वजह से डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूरत में भैया-भाभी के साथ रहता था आदित्य
इस खबर पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आदित्य को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। अब सवाल है कि आदित्य ने भाभी को मौत के घाट क्यों उतारा। पुलिस ने जब आदित्य को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि पवन मौर्य सपरिवार गुजरात के सूरत में रहता था। आदित्य भी उसी के साथ में रहता था।
गर्लफ्रेंड की फोटो वायरल करने से हुआ था नाराज
सूरत में ही आदित्य का किसी लड़की से प्रेम संबंध था। प्रेमिका और प्रेमी साथ में मिला करते थे। कुछ ही दिन पहले दोनों की फोटो खींचकर निशा ने प्रेमिका की मां को भेज दी थी। इस पर प्रेमिका की मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रेमिका और प्रेमी आदित्य को लगता था कि भाभी निशा के कारण ही प्रेमिका की मां ने आत्महत्या की है। इसी रंजिश के चलते आदित्य ने अपनी भाभी की हत्या कर दी।
15 दिन पहले गुजरात से यूपी लौटा था आदित्य
पवन मौर्य और आदित्य जिला सुल्तानपुर के निवासी हैं। सूरत में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। 15 दिन पहले ही पवन परिवार सहित कानपुर की एक रिश्तेदारी की शादी में शामिल होने आया था। वहां से 4 जनवरी को अपने ननिहाल जौनपुर के ख्वाजा गांव में पहुंचा था।
(इनपुट- सुधाकर शुक्ला)