भूमिका चावला बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ सिनेमा की भी जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। अभिनेत्री अब फिल्मों में कम एक्टिव हैं, लेकिन अक्सर सुर्खियों में छाई रहती हैं। उन्हें आज भी सुपरस्टार सलमान खान की 'तेरे नाम' की 'निर्जरा' के किरदार के लिए जाना जाता है। इस बीच सोशल मीडिया पर भूमिका चावला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भूमिका चावला एक इवेंट में नजर आ रही हैं और स्टेज पर रोती हुई दिख रही हैं। एक्ट्रेस का ये वीडियो देखकर उनके फैंस चिंता में हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो भूमिका चावला स्टेज पर भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं और यूं रोने लगीं।
स्टेज पर रो पड़ीं भूमिका चावला
भूमिका चावला 'यूफोरिया' में नजर आएंगी, जिसमें रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर 'धुरंधर' की हीरोइन सारा अर्जुन भी हैं। इस फिल्म की कहानी हैदराबाद में घटित एक सच्ची घटना पर आधारित है। इस फिल्म की रिलीज से पहले हैदराबाद में एक इवेंट रखा गया था, जहां से भूमिका चावला का ये वीडियो सामने आया है। इस दौरान पूरी कास्ट मौजूद थी और सभी इस फिल्म में काम करने का अपना-अपना एक्सपीरियंस साझा करते दिखे। भूमिका चावला भी इस पर बात करती नजर आईं और अचानक रो पड़ीं।
क्यों रोने लगीं भूमिका चावला
भूमिका चावला 'यूफोरिया' को लेकर अपना एक्सपीरियंस साझा कर रही थीं और इसी दौरान उन्होंने इसकी कहानी के बारे में भी बात की। भूमिका बताती हैं कि इस फिल्म ने किस कदर उन्हें प्रभावित किया है। भूमिका बताती हैं कि ये फिल्म देखने के बाद वह रात भर सो नहीं पाई थीं और फिल्म की कहानी के बारे में बात करते-करते अचानक वह रोने लगीं। दरअसल, फिल्म छोटी उम्र के बच्चों में नशे की लत और यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बनी है, जिसके निर्देशक गुनाशेखर हैं। फिल्म के इसी कंटेंट ने अभिनेत्री को भावुक कर दिया।
यूफोरिया की कहानी
यूफोरिया एक कठिन फिल्म है, जो हर सीन के साथ सवाल खड़े करती है। फिल्म की कहानी हैदराबाद को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली सच्ची घटना पर आधारित है, जिसके लेखक और निर्देशक गुनाशेखर हैं। कहानी जुबली हिल्स में 2022 में हुई एक घटना पर आधारित है, जहां प्रभावशाली परिवारों के पांच नाबालिगों ने एक 17 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न किया था। यूफोरिया की कहानी चैत्रा नाम की एक रेप पीड़िता के इर्द-गिर्द घूमती है। सारा अर्जुन ने चैत्रा नाम की 17 वर्षीय लड़की का किरदार निभाया है। वह जज से तीखे शब्दों में पूछती है कि क्या लड़कियों का पब में जाना अपराध है? वह सवाल करती है कि जब उनकी कोई गलती नहीं थी और उसने अपनी सीमा का पालन किया था, तो उसे शर्मिंदगी क्यों झेलनी चाहिए? फिल्म ये भी दिखाती है कि कैसे लोगों की यादें जल्दी धुंधली पड़ जाती हैं, जबकि कुछ जिंदगियां हमेशा के लिए बिखर जाती हैं।
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