उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती की समस्या के बीच सीएम योगी ने बड़ा एक्शन लिया है। यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के दो लापरवाह इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है। गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता (पारेषण) राहुल और मेरठ के अधिशासी अभियंता (पारेषण) योगेश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। राहुल को मेरठ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश पावर ट्रान्समिशन कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एक्शन का आदेश जारी किया है। इन अधिकारियों पर भीषण गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही तीन अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है।
गाजियाबाद में दो अधिकारियों पर गिरी गाज
18 मई 2026 की रात 9 बजकर 26 मिनट पर 220 केवी मुरादनगर–बापूधाम लाइन पर टावर संख्या 226 के डेड एंड फिटिंग से कंडक्टर टूट गया, जिससे 220 केवी मधुबन बापूधाम उपकेन्द्र पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। जांच में सामने आया कि 400 केवी अटोर से आने वाली 220 केवी बापूधाम "बी" लाइन 8 मई से ही ब्रेकडाउन में थी, जिसके चलते उपकेन्द्र केवल एक स्रोत पर चल रहा था। भीषण गर्मी की लहर के बावजूद वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं की गई और लाइन टूटने के बाद पुनर्स्थापना में भी अनावश्यक देरी की गई। इस लापरवाही के लिए इंजीनियर राहुल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, दूसरे इंजीनियर रामानंद को भविष्य में सुधार न होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
मेरठ में लाइनें 22 घंटे तक ठप, अधिकारी सस्पेंड
मेरठ क्षेत्र में 19 और 20 मई 2026 को 132 केवी की दो प्रमुख लाइनों पर लगातार बड़े ब्रेकडाउन हुए। 19 मई को 132 केवी मोदीपुरम-II–कंकरखेड़ा लाइन पर टावर 33 व 34 के बीच कंडक्टर टूटा। वहीं, 20 मई को 132 केवी मोदीपुरम-II–बेदव्यासपुरी लाइन पर कंडक्टर टूटा और टावर का ऊपरी भाग भी क्षतिग्रस्त हो गया। 19 मई को ही 132 केवी शताब्दीनगर–परतापुर सर्किट के आइसोलेटर में दोष से कई उपकेन्द्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। जांच में पाया गया कि मेरठ इंजीनियर योगेश कुमार ने इन घटनाओं की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर नहीं दी। इसके परिणामस्वरूप लाइनें 22 घंटे तक ब्रेकडाउन में रहीं और उपकेन्द्रों से बिजली आपूर्ति बाधित रही। उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दो मुख्य अभियंताओं को चेतावनी
इंजीनियर सतेन्द्र सिंह, मेरठ को मुख्यालय के ग्रीष्मकालीन निर्देशों का पालन न करने के कारण चेतावनी जारी की गई। वहीं, शैलेश गुप्ता,आगरा को 220 केवी किदवई नगर उपकेन्द्र के केबल क्षतिग्रस्त होने के बाद पुनर्स्थापना में गंभीर लापरवाही बरतने पर चेतावनी दी गई।
प्रबंध निदेशक की सख्त चेतावनी
प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने स्पष्ट किया कि पीक समर सीजन में बिजली आपूर्ति निर्बाध बनाए रखना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-3 के तहत यह लापरवाही अक्षम्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर और भी कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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